पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विज्ञान छात्रों का इंडक्शन, जीनोमिक्स विशेषज्ञ ने शोध की राह दिखाई
पूर्वांचल विश्वविद्यालय में नवप्रवेशी विज्ञान विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें आनुवंशिकी विशेषज्ञ प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे ने शो ...और पढ़ें

प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे ने विज्ञान संकाय में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए आयोजित इंडक्शन कार्यक्रम में जानकारी दी।
HighLights
विज्ञान विद्यार्थियों को शोध और नवाचार पर ध्यान देने का आह्वान।
प्रो. चौबे ने आधुनिक जीनोमिक्स की संभावनाओं से परिचित कराया।
मानव इतिहास और प्रवासन को वैज्ञानिक आधार पर समझने पर जोर।
जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। विज्ञान की पढ़ाई को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों को शोध और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ नए सवाल तलाशने और उनके समाधान खोजने की जिज्ञासा ही भविष्य के बेहतर शोध की नींव बनती है।
यह बातें वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र एवं मानव आनुवंशिकी विशेषज्ञ प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे ने विज्ञान संकाय में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए आयोजित इंडक्शन कार्यक्रम में कहीं।
प्रो. चौबे ने भारत की जनसंख्या के इतिहास, मानव प्रवासन तथा भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता पर विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि आधुनिक जीनोमिक्स के माध्यम से मानव सभ्यता के प्राचीन इतिहास और विभिन्न क्षेत्रों में मानव प्रवासन की कड़ियों को वैज्ञानिक आधार पर समझने की नई संभावनाएं विकसित हुई हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से शोध के प्रति जिज्ञासा बनाए रखने और वैश्विक स्तर पर मौलिक योगदान के लिए प्रयास करने का आह्वान किया।अध्यक्षता करते हुए विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. प्रदीप कुमार ने संकाय की शैक्षणिक उपलब्धियों, आधुनिक प्रयोगशालाओं और अनुसंधान सुविधाओं की जानकारी दी।
छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने छात्रवृत्ति एवं छात्र सुविधाओं, जबकि मुख्य छात्रावास अधीक्षक प्रो. अविनाश डी. पाथर्डिकर ने छात्रावास की व्यवस्थाओं और अनुशासन संबंधी जानकारी साझा की।इस अवसर पर प्रो. राम नारायण, डॉ. एसपी तिवारी, डॉ. विवेक पांडे, डॉ. संजीव कुमार मौर्य समेत विज्ञान संकाय के शिक्षक मौजूद रहे। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम को अपने विश्वविद्यालय जीवन की शुरुआत के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी बताया।संचालन डॉ. राधिका ने किया।