जौनपुर में लूट और वसूली खेल का भंडाफोड़, दो सिपाहियों समेत 5 गिरफ्तार
जौनपुर में लूट और वसूली के दो मामलों में दो पुलिसकर्मियों सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
जौनपुर में लूट और वसूली के दो मामले सामने आए।
दो पुलिसकर्मियों सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
डीआईजी ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की।
जागरण संवाददाता, जौनपुर। जलालपुर और सुरेरी क्षेत्रों में लूट व वसूली के दो मामलों में बुधवार को दो पुलिसकर्मियों समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। सगे भाई विकास सिंह व संकीत सिंह ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। ग्राहक सेवा केंद्र संचालक मनीष पटेल को भी गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार पुलिसकर्मियों में सुरेरी थाने के आरक्षी विष्णु सिंह और सत्येंद्र गौड़ शामिल हैं।
निलंबित थानाध्यक्ष दिव्यप्रकाश सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने कहा कि मामले में संलिप्त पाए जाने वाले सभी पुलिसकर्मियों को नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा। वाराणसी परिक्षेत्र के डीआइजी वैभव कृष्ण ने जांच के लिए सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित किया है।
इसमें एक निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक और सर्विलांस सेल प्रभारी को शामिल किया गया है। टीम जलालपुर और सुरेरी प्रकरण से जुड़े भौतिक व तकनीकी साक्ष्य जुटाकर समयबद्ध कार्रवाई करेगी। पहला मामला जलालपुर का है। विजय राजभर ने शिकायत में आरोप लगाया था कि 15 सितंबर को संकीत सिंह उसे कुसियां स्थित दुकान से अपने साथ ले गया।
वहां कुछ लोगों ने उसे वाहन में बैठाकर मारपीट की और धमकी देकर मोबाइल से यूपीआइ के जरिये करीब दो लाख 15 हजार रुपये विभिन्न खातों में स्थानांतरित कराए। एटीएम से भी रकम निकलवाई गई। दूसरा मामला सुरेरी थाने का है।
वाराणसी के बड़ागांव क्षेत्र के सुशील पांडेय ने आरोप लगाया कि उसे जबरन कार में बैठाकर थाने ले जाया गया, असलहा पकड़ाकर वीडियो बनाया गया और एक लाख पांच हजार रुपये नकद तथा 60,299 रुपये आनलाइन ट्रांसफर कराए गए। डीआइजी वैभव कृष्ण ने कहा कि मामले में दोषी कोई भी व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा और सभी संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
