जौनपुर सदर विधायक का रिपोर्ट कार्ड : अधूरे काम में अटका क्षेत्र के विकास का पहिया
जौनपुर सदर विधायक गिरीश चंद्र यादव के कार्यकाल में करोड़ों के विकास कार्य हुए, पर गोमती रिवर फ्रंट और औद्योगिक ...और पढ़ें

जौनपुर सदर विधायक गिरीश चंद्र यादव का रिपोर्ट कार्ड: विकास की रफ्तार धीमी, कई परियोजनाएं अधूरी।
HighLights
जौनपुर विधायक गिरीश यादव के कार्यकाल में करोड़ों के विकास कार्य।
गोमती रिवर फ्रंट, औद्योगिक विकास, स्पोर्ट्स कॉलेज जैसे प्रोजेक्ट अधूरे।
जनता व विपक्ष ने धीमी विकास गति पर उठाए सवाल।
जागरण संवाददाता, जौनपुर। योगी सरकार में खेल राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार व जौनपुर सदर विधायक गिरीश चंद्र यादव के प्रयासों से विधानसभा क्षेत्र में विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि योजना के तहत आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, सड़क और विद्युतीकरण को प्राथमिकता देते हुए अनेक योजनाएं धरातल पर उतारी गईं।
जौनपुर सदर विधायक ने अपने लगातार इस दूसरे कार्यकाल में गोमती नदी पर तीन पक्के सेतु का निर्माण, जगदीशपुर, नईगंज और लखनपुर में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण, हौज से लेकर कालीचाबाद तक चार लेन सड़क का निर्माण, केंद्रीय विद्यालय की स्थापना, मां शीतला धाम चौकिया का सुंदरीकरण, सड़क चौड़ीकरण जैसे बहुप्रतीक्षित विकास कार्यों को धरातल पर उतारा तो जरूर, लेकिन अधिकांश बड़ी परियोजनाएं अभी तक मूर्त रूप नहीं ले सकी हैं।
अपने ऐतिहासिक धरोहरों के कारण पर्यटन की अपार संभावनाओं को समेटे शहर जौनपुर में गोमती रिवर फ्रंट का प्रस्तावित विस्तार अधूरा है तो शास्त्रीपुल के समानांतर सेतु का निर्माण बेहद मंद गति से चल रहा है। प्रदूषित हो रही आदि गंगा गोमती को उसके मूल स्वरूप में लाने के लिए गंगा की तर्ज पर इसे साफ करने की योजना पर 180 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी नालों का पानी जाने से नहीं राेका जा सका है।
14 नालों को टैप कर गंदा पानी गाेमती में प्रवेश करने से रोकने के लिए पचहटिया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तैयार होने के बाद भी स्थिति में कुछ खास बदलाव नहीं आया। उद्योगों के दृष्टि से पिछड़े इस जनपद में औद्योगिक विकास क्षेत्र की स्थापना न होने का भी लोगों को खासा मलाल है। भूमि के अभाव में न तो स्पोर्ट्स कालेज की नींव पड़ सकी न औद्योगिक गलियारे की। शाही किले को लाइंट एंड शाउंड शो से जीवंत करने के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के पूरा होने का भी अभी इंतजार है।
विधायक के इस कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालयों में कक्ष एवं बरामदों के निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए कोविड नियंत्रण एवं जिला महिला चिकित्सालय में आक्सीजन प्लांट की स्थापना पर बड़ी धनराशि खर्च की गई। गंभीर बीमारियों से पीड़ित 23 लोगों को 53.19 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई। विद्युतीकरण और कलीयाबाद तिराहे पर हाईमास्ट लाइट, कुछ प्रमुख मंदिरों के विकास पर भी विधायक निधि से धन स्वीकृत किया गया। साथ ही वाजिदपुर तिराहे से पहचटिया तक फोरलेन निर्माण के लिए टेंडर भी कराया गया है।
बोले विधायक
अपने पहले कार्यकाल में हमने क्षेत्र के विकास की जो शुरुआत की थी उसे लगातार इस दूसरे कार्यकाल में बहुत हद तक धरातल पर उतारने में सफलता मिली है। पर्यटन विकास के लिए कार्य योजना बनाकर शहर को सुंदर व स्वच्छ बनाने का भरपूर प्रयास किया है। दूसरे चरण में गोमती रिवर फ्रंट का विस्तार शीघ्र ही शास्त्री पुल तक किया जाएगा। औद्योगिक विकास क्षेत्र की स्थापना मेरी प्राथमिकताओं में है। स्पोर्ट्स कालेज भी स्थापित किया जाएगा। दोनों के लिए भूमि तलाशी जा रही है। इसमें जो तकनीकी दिक्कत आई है उसका जल्द समाधान कर लिया जाएगा।
विकास के लिए दो हजार करोड़ से अधिक की कई बड़ी परियोजनाएं विधानसभावासियों को मिली है। शास्त्रीपुल के समानंतर बन रहे नए पुल का भी कार्य जल्द पूर्ण होगा। लाइट एंड साउंड शो के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। एसटीपी की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
-गिरीश चंद्र यादव, खेल राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार, सदर, विधायक।
बोले रनरअप
जौनपुर में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं। यदि इसे पर्यटन केंद्र घोषित करा लिया जाता तो शहर ही नहीं पूरा जिला इससे लाभान्वित होता। 10 वर्षों तक लगातार मंत्री रहने के बावजूद जौनपुर सदर के विधायक पर्यटन विकास, बालिका शिक्षा, स्पोर्ट्स कालेज, स्टेडियम निर्माण, उद्योगों की स्थापना की दिशा में विफल साबित हुए हैं। आपसी सद्भाव व सामंजस्य लोकतंत्र की आत्मा होती है। इस दिशा में भी मौजूदा विधायक के कार्यकाल में कुछ भी प्रयास नहीं किया गया। विश्व मानचित्र में दर्ज गूजरताल के सुंदरीकरण में भी अरुचि दिखाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण रहा। -अरशद खान, रनरअप-2022, सपा।
बोली जनता
सदर विधायक व प्रदेश सरकार में मंत्री की ओर से कई महत्वपूर्ण कार्य कराए गए, लेकिन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट अब तक हुए कार्यों में दाग के समान है। इसके कारण सड़कें अभी भी धंस रहीं हैं। इसके लिए जिम्मेदारी तय किए जाने की जरूरत है। - मनोज मिश्रा, महामंत्री, कलेक्ट्रेट अधिवक्ता समिति।
पहले की अपेक्षा निश्चित तौर पर बदलाव आया है, लेकिन कालोनी व मुख्य मार्गों पर जगह-जगह खोदी जा रही सड़कों को ठीक तरह से दुरुस्त नहीं किया जा रहा है। निर्माण एजेंसियों में आपसी तालमेल का अभाव है, जिसका खामियाजा जनता भुगत रही। - वैभव दुबे, नागरिक, सहकारी पूर्वी कालोनी।
विधायक के साथ ही खेलमंत्री होने के बाद भी जनपद को खेल के क्षेत्र में समृद्ध न हो पाना निराशा भरा है। दावों के विपरीत धरातल पर काफी फर्क है। निशानेबाजी भविष्य बनाने वाले युवाओं का सपना पूरा नहीं हो सका, जिसके लिए सार्थक कदम उठाने होंगे। - राजू पाल, निशानेबाजी प्रशिक्षक।
स्पोर्ट्स कालेज तो छोड़िए सिद्दीकपुर स्थित इंइिरा गांधी स्टेडियम भी अभी तक पूर्ण रूप से नहीं बन सका है। जनपद के खिलाड़ियों की जो स्थिति पहले थी वही आज भी है। जो उम्मीदें खिलाड़ियों ने लगा रखी थी वह पूरी नहीं हो सकी। ऐसे में क्या कहा जाय। - मधुरिमा सिंह, खिलाड़ी, वाजिदपुर।
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जौनपुर सदर विधानसभा
4, 01, 857 विधानसभा में कुल मतदाता
2, 15, 348 पुरुष मतदाता
1, 86, 509 महिला मतदाता
