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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jaunpur: अनुसूचित जाति की रसोईया का बनाया खाना अध्यापिका ने फेंका

    By Ramesh SoniEdited By: MOHAMMAD AQIB KHAN
    Updated: Tue, 13 Dec 2022 10:09 PM (GMT+05:30)

    Jaunpur रामनगर विकास खंड स्थित प्राथमिक विद्यालय मड़ियाहूं (प्रथम) में अनुसूचित जाति की रसोईया का बनाया मिड-डे-मील का खाना सहायक अध्यापिका ने जमीन पर ...और पढ़ें

    Jaunpur: अनुसूचित जाति की रसोईया का बनाया खाना अध्यापिका ने फेंका
    Jaunpur: अनुसूचित जाति की रसोईया का बनाया खाना अध्यापिका ने फेंका

    जागरण संवाददाता, जौनपुर: रामनगर विकास खंड के आदर्श प्राथमिक विद्यालय मड़ियाहूं (प्रथम) में मंगलवार को अनुसूचित जाति की रसोईया का बनाया मिड-डे-मील का खाना सहायक अध्यापिका सपना सिंह ने जमीन पर फेंक दिया। इस पर हंगामा हुआ। इतना ही नहीं, आरोपित अध्यापिका मौके पर पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी से भी कहासुनी कर बैठीं।

    उक्त विद्यालय में मिड-डे-मील योजना का भोजन बनाने के लिए अनुसूचित जाति की संतरा देवी रसोईया तैनात हैं। संतरा देवी ने सुबह 200 बच्चों के लिए मेन्यू के हिसाब से दाल-चावल बनाया था। आरोप है कि वहीं तैनात सहायक अध्यापिका तैश में रसोई में पहुंचीं।

    दाल-चावल जमीन पर फेंक दिया

    आरोप है कि संतरा देवी को डांटते हुए दाल-चावल जमीन पर फेंक दिया। इस पर मामले ने तूल पकड़ लिया। कई अध्यापक व अभिभावक पहुंचकर अध्यापिका के कृत्य की निंदा करने लगे। भूखे बच्चे शोर-शराबा करने लगे। इसी बीच किसी अध्यापक ने ग्राम प्रधान के पति राणा पुष्पेश यादव को घटना की जानकारी दी।

    पुष्पेश यादव ने बिस्किट मंगाकर बच्चों को खिलाया। उनकी सूचना पर नायब तहसीलदार संतोष कुमार सिंह व खंड शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह पहुंच गए। मौके की नजाकत देखते हुए नायब तहसीलदार ने छुट्टी कर बच्चों को घर भेज दिया।

    खंड शिक्षाधिकारी ने मांगा लिखित स्पष्टीकरण

    घटना के बारे में पूछताछ करने पर अध्यापिका सपना सिंह अभिभावकों के सामने ही खंड शिक्षा अधिकारी से भिड़ गई और कहासुनी करते हुए धमकी देने लगीं। इस पर खंड शिक्षाधिकारी ने उनसे लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा।

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    बाद में सपना सिंह ने खाना फेंकने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि अधिकारी जितना कहेंगे, उतना हर्जाना भर दूंगी। अपने ऊपर लगाए गए जातिवाद के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया।

    इनका कहना है

    यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। सहायक अध्यापिका सपना सिंह ने मैंने लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। अपनी आख्या जिलाधिकारी व जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को भेजूंगा। कोई कार्रवाई उन्हीं के स्तर से होगी। -अजीत सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी।