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मड़ियाहूं विधायक का र‍िपोर्ट कार्ड : न आरओबी की नींव पड़ सकी, न ही बस अड्डा बना

By Amardeep Srivastava Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 05 Sep 2026 05:22 PM (IST)

मड़ियाहूं विधायक डॉ. आरके पटेल के पांच साल के कार्यकाल में सड़क, बिजली और शिक्षा पर फोकस रहा, लेकिन विकास ...और पढ़ें

मड़ियाहूं विधायक का रिपोर्ट कार्ड: विकास के दावे और अधूरी परियोजनाएं।

मड़ियाहूं विधायक का रिपोर्ट कार्ड: विकास के दावे और अधूरी परियोजनाएं।

HighLights

  1. अढ़नपुर में मुख्यमंत्री माडल स्कूल व कसेरू में कंपोजिट विद्यालय बने।

  2. जलालपुर रोड आरओबी और मड़ियाहूं बस अड्डा नहीं बन सका।

  3. स्वास्थ्य, सिंचाई, पेयजल और रोजगार प्रमुख चुनौतियां बनी हुई हैं।

जागरण संवाददाता, जौनपुर। विधानसभा चुनाव में जनता से किए गए वादों को पूरा करने के उद्देश्य से मड़ियाहूं के अपना दल विधायक डा. आरके पटेल ने अपने पांच वर्षीय कार्यकाल में सड़क, बिजली, शिक्षा, खेल, आधारभूत ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं पर फोकस जरूर किया, लेकिन विकास की रफ्तार सुस्त है। अढ़नपुर में मुख्यमंत्री माडल स्कूल व कसेरू में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय बड़ी उपलब्धि है।

स्वास्थ्य सेवाओं में संसाधनों की कमी, किसानों के लिए सिंचाई व्यवस्था, ग्रामीण पेयजल संकट, रोजगार और कुछ संपर्क मार्गों का अधूरा निर्माण आज भी क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियां हैं। पांच वर्षों का यह कार्यकाल उपलब्धियों और अधूरी अपेक्षा दोनों का मिश्रण नजर आता है। जलालपुर रोड पर आजतक न तो आरओबी की नींव पड़ सकी न ही मड़ियाहूं में बस अड्डे का निर्माण हो सका।

इसके अलावा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का भवन भी संचालन नहीं होने की वजह से उपेक्षित पड़ा है। विधायक ने करीब 15 वर्षों से बंद पड़े अढ़नपुर माडल स्कूल के जीर्णोद्धार के लिए अपनी निधि से 25 लाख रुपये उपलब्ध कराकर विद्यालय का संचालन शुरू कराया। निधि से सात विद्यालयों को लगभग 35 लाख रुपये की सहायता देकर भवन, शौचालय एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास कराया गया।

राईपुर, रजमलपुर, गोरापट्टी और ठाठर में विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना का कार्य कराया गया, लेकिन बिजली आपूर्ति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। विधायक निधि से चार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सीसी सड़क, इंटरलाकिंग, नाली निर्माण एवं सड़क चौड़ीकरण के अनेक कार्य कराए गए। रजमलपुर, सुंगुलपुर और राजापुर नंबर-1 में आधुनिक ओपन जिम की स्थापना कराई गई। लगभग 12 करोड़ 13 लाख रुपये की लागत से विधानसभा क्षेत्र में सोलर स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट लाइटें लगवाई गईं।

विधानसभा में मड़ियाहूं बाईपास रेलवे लाइन पर रेलवे ओवरब्रिज, ठाठर-अड़ियार के बीच बसुही नदी पर पुल निर्माण, महिलाओं के लिए उच्च शिक्षा के लिए राजकीय महिला महाविद्यालय की स्थापना, मड़ियाहूं के जर्जर आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक अस्पताल का पुनर्निर्माण, सई नदी व रामपुर-कटेसर के बीच चेकडैम निर्माण, जंघई-जफराबाद रेलखंड पर आरओबी निर्माण की प्रतीक्षा विधानसभा क्षेत्र के निवासियों को आज भी है।

फिलहाल क्षेत्र में कई ग्रामीण संपर्क मार्गों का निर्माण, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों, दवाओं और आधुनिक उपकरणों की कमी, किसानों के लिए सिंचाई व्यवस्था एवं नहरों के आधुनिकीकरण व कई गांवों में जलनिकासी और शुद्ध पेयजल की समस्या अब भी बरकरार है। इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और उद्योगों के पर्याप्त अवसर विकसित किए जाने की चुनौतियां बरकरार हैं।

बोले व‍िधायक

जनता के सहयोग और सरकार की योजनाओं के माध्यम से विधानसभा क्षेत्र में अधिकतम विकास कार्य कराने का प्रयास किया गया है। जिन परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है उन्हें भी शीघ्र पूरा कराया जाएगा। मेरा लक्ष्य क्षेत्र के प्रत्येक गांव तक विकास पहुंचाना है। विकास कार्यों को बिना किसी भेदभाव के कराए जा रहे हैं। चार बड़े विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना इसी कड़ी का हिस्सा है। विधानसभा क्षेत्र में सड़क, बिजली, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।

रेलवे आवेर ब्रिज सहित व बसुही नदी पर पुल के निर्माण के अलावा कई अन्य मुद्दों को सदन में भी प्रमुखता से उठा चुका हूं। किसी भी बदलाव में वक्त लगता है। निश्चित तौर पर आने वाले दिनों में विधानसभा क्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। युवाओं के लिए रोजगार सृजन की व्यवस्था पर फोकस है। राजकीय महाविद्यालय नहीं खोलवा पाना और पाली में स्पोर्टस कालेज में अड़चन की कचोट है। - आरके पटेल, विधायक अपना दल (एस) मड़ियाहूं।

बोले रनर
सड़क, बिजली व पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। अस्पताल में चिकित्सक नहीं हैं तो दवाइयों की कमी है। सपा शासन में 132 केवीए का सब स्टेशन मईडीह व सुइथा में 33 केवीए का सब स्टेशन बना। विधायक का साढ़े चार साल में कोई ठोस काम नजर नहीं आया। आए दिन फुंक रहे ट्रांसफार्मर बिना सुविधा शुल्क बदला नहीं जाता। ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि भी नहीं कराई गई। इनके विकास का आलम है यह कि बसुही नदी पर सीरिया तेजगढ़ में ग्रामीणों ने खुद से लोहे का पुल बनाया। दिलावरपुर में ओवरब्रिज नहीं बन पाया तो डेड़वारी और पाली-गुतवन मार्ग पर अंडरपास अधूरा है। केंद्र सरकार के काम को विधायक गिनाते रहते हैं। - राकेश मौर्या, जिलाध्यक्ष सपा।

बोली जनता
विकास सतत प्रक्रिया है। बिजली और सड़क की स्थिति पहले से बेहतर हुई है। कई गांवों में विकास कार्य हुए हैं, लेकिन सिंचाई व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। किसानों को हर बार इसके लिए परेशानी उठानी पड़ती है। इस प्रमुख समस्या का समाधान नहीं हुआ। - मेहीलाल पटेल, समाजसेवी, रामनगर।

विधानसभा क्षेत्र में कई अहम कार्य हुए हैं। आमजन की सुविधा के लिहाज से सड़कों पर भी खास ध्यान दिया गया है। शिक्षण व्यवस्था बेहतर करने के लिए कई विद्यालयों को दुरुस्त कराया गया है। इसका असर आने वाले समय में देखने को मिलेगा। - सुरेश पाठक, प्राचार्य, मड़ियाहूं पीजी कालेज।

विधानसभा क्षेत्र विकास के मामले में पिछड़ा होने के साथ ही उद्योग शून्य है। इस कारण अधिकांश लोग महानगरों को पलायन को विवश हैं। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की जरूरत है। विकास के जो दावे किए जा रहे हैं वास्तविकता इससे विपरीत है। - सत्यप्रकाश सिंह, पूर्व प्रधान होरैया।

गत पांच वर्षो से क्षमता वृद्धि व जर्जर तारों को बदलने के लिए कई बार शिकायत की गई, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। बिजली व्यवस्था बदतर है। लोकल फाल्ट के नाम पर मनमाना कटौती हो रही है। क्या इसी को विकास कहते हैं। -पुष्पमित्र मौर्या, व्यवसायी जमालापुर।

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मड़ियाहूं विधानसभा क्षेत्र

3, 13, 529 कुल मतदाता

1, 69, 148 पुरुष मतदाता

1, 44, 377 महिला मतदाता