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    वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में नवप्रवेशी विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य का संदेश

    By khalid shahEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Tue, 04 Aug 2026 03:22 PM (IST)

    वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बी.ए. एलएल.बी. (ऑनर्स) के नवप्रवेशी छात्रों के लिए तीन दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम शुरू हुआ। कुलपति ने अनुशास ...और पढ़ें

    पूर्वांचल विश्वविद्यालय में नवप्रवेशी छात्रों को मिला अनुशासन, साइबर सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य का पाठ।

    पूर्वांचल विश्वविद्यालय में नवप्रवेशी छात्रों को मिला अनुशासन, साइबर सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य का पाठ।

    HighLights

    1. कुलपति ने छात्रों को अनुशासित जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

    2. साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने ऑनलाइन खतरों से बचाव के उपाय बताए।

    3. योग और ध्यान से तनावमुक्त जीवन का महत्व समझाया गया।

    जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान में बी.ए. एलएल.बी. (ऑनर्स) प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए मंगलवार से तीन दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

    विश्वविद्यालय के इनडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विद्यार्थियों से अनुशासित जीवनशैली अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि अनुशासन, नैतिकता और कानून की समझ का संतुलन ही एक सफल विधि विशेषज्ञ और जिम्मेदार नागरिक की पहचान है। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं पौधा भेंट कर किया गया।

    मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन सबसे बड़ी पूंजी है। अनुशासित छात्र ही अपने ज्ञान, व्यक्तित्व और चरित्र का समुचित विकास कर समाज और राष्ट्र के निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विधि शिक्षा केवल कानून की धाराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि न्याय, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने का माध्यम भी है।

    विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ शोध, खेलकूद और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए।इंडक्शन कार्यक्रम के प्रथम तकनीकी सत्र में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।

    उन्होंने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन में बरती जाने वाली सावधानियों, व्यक्तिगत सूचनाओं की सुरक्षा तथा साइबर अपराध होने पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि विधि के विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के कानूनी पहलुओं की गहन जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे समाज को भी जागरूक कर सकें।

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    दूसरे सत्र में आनंद राय ने हैप्पीनेस एवं मेडिटेशन कार्यक्रम के तहत योग, ध्यान और प्रेरक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को तनावमुक्त जीवन, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और मानसिक एकाग्रता का महत्व बताया। इस सत्र में बी.ए. एलएल.बी. (ऑनर्स) के साथ बीएससी कृषि एवं बीपीईएस के नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत डॉ. वनिता सिंह ने किया। विभागाध्यक्ष एवं निदेशक प्रो. विनोद कुमार ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। संचालन डॉ. अनुराग मिश्र ने किया। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. प्रियंका कुमारी, जय सिंह एवं रजनीश सिंह का विशेष सहयोग रहा।