पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से लेकर संबद्ध कॉलेजों तक अब नहीं चलेगा सिंगल यूज प्लास्टिक, दिशा निर्देश जारी
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह कदम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के ...और पढ़ें

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध, पर्यावरण संरक्षण की नई पहल।
HighLights
राज्यपाल के निर्देश पर सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय व संबद्ध कॉलेजों में लागू होगा यह नियम।
पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जागरूकता बढ़ाना मुख्य उद्देश्य।
जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के निर्देश के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रशासन ने सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।राजभवन से प्राप्त पत्र के अनुपालन में कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने प्रभारी कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह को विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ सभी संबद्ध महाविद्यालयों में सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
कुलपति के निर्देश के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जौनपुर व गाजीपुर जनपद में स्थित संबद्ध महाविद्यालयों को पत्र जारी कर परिसर को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है।इसके तहत महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय परिसर में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाने, जागरूकता अभियान चलाने तथा वैकल्पिक पर्यावरण अनुकूल उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि उच्च शिक्षण संस्थान केवल शिक्षा और शोध के केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय और महाविद्यालय परिसरों में प्लास्टिक के उपयोग पर प्रभावी रोक लगाकर विद्यार्थियों और युवाओं में पर्यावरणीय जिम्मेदारी तथा सतत विकास के प्रति सकारात्मक सोच विकसित की जा सकेगी।विशेषज्ञों के अनुसार सिंगल यूज प्लास्टिक वर्षों तक नष्ट नहीं होता और मिट्टी तथा जल स्रोतों को प्रदूषित करता है।
इसके सूक्ष्म कण खाद्य श्रृंखला के माध्यम से मानव शरीर तक पहुंचकर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा नालियों और जल निकासी व्यवस्था में अवरोध उत्पन्न होने से जलभराव जैसी समस्याएं भी बढ़ती हैं।विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से परिसरों में स्वच्छता और हरित वातावरण को बढ़ावा मिलेगा, कचरे की मात्रा में कमी आएगी और विद्यार्थियों तथा समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी।साथ ही यह पहल स्वच्छ, हरित और टिकाऊ विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
इन वस्तुओं के उपयोग पर रहेगी रोक
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प्लास्टिक की थैलियां, डिस्पोजेबल कप, प्लेट, गिलास, चम्मच, स्ट्रॉ, प्लास्टिक स्टिरर, थर्माकोल से बने उत्पाद, प्लास्टिक के झंडे, पैकेजिंग सामग्री तथा एक बार उपयोग के बाद फेंक दिए जाने वाले अन्य प्लास्टिक उत्पाद सिंगल यूज प्लास्टिक की श्रेणी में शामिल हैं।
प्रतिबंध से होंगे ये प्रमुख फायदे
सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगने से परिसरों में कचरे की मात्रा कम होगी, जल और भूमि प्रदूषण में कमी आएगी, स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी तथा विद्यार्थियों और समाज में पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।