यूपी में पशुपालकों के लिए खुशखबरी! स्वदेशी नस्ल की गाय पालने पर मिलेगी 15 हजार तक की प्रोत्साहन राशि
योगी सरकार ने स्वदेशी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए 'मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना' शुरू की है।

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है
HighLights
स्वदेशी गायों के पालन पर 10-15 हजार रुपये प्रोत्साहन।
योजना का उद्देश्य पशुपालकों की आय बढ़ाना, नस्ल सुधार।
नंद बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें।
जागरण संवाददाता, जौनपुर। स्वदेशी नस्ल की गाय के प्रति उनका रुझान बढ़ाने व गो-पालकों की आय बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनाने की मंशा से योगी सरकार ने मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना शुरू की है।
योजना स्वदेशी नस्ल की गाय के पहले, दूसरे और तीसरे ब्यात (प्रसव) पर लागू होगी। एक पशुपालक को अधिकतम दो स्वदेशी नस्ल की गाय में नस्ल सुधार एवं दुग्ध उत्पादकता में वृद्धि के लिए प्रोत्साहन धनराशि दी जाएगी। इस धनराशि को दो भागों में बांटा गया है। इसमें पशुपालकों को दस और पंद्रह हजार रुपये प्रोत्साहन के रूप में दिए जाएंगे।
योगी सरकार दस से पंद्रह हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दे रही है। इस धनराशि को दो भागों में बांटा गया है। इसमें साहिवाल, गिर और थारपारक गाय के आठ से बारह किलो प्रति दिन दूध देने पर दस हजार रुपये और बारह किलो से ज्यादा प्रतिदिन दूध देने पर पंद्रह हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में मिलेगा वहीं हरियाणा गाय द्वारा प्रति दिन छह से दस किलो दूध देने पर दस हजार और दस किलो से ज्यादा दूध देने पर पंद्रह हजार रुपये दिए जाएंगे।
इसके अलावा गंगातीरी गाय के छह से आठ किलो प्रति दिन दूध देने पर दस हजार और आठ किलो से ज्यादा दूध देने पर पंद्रह हजार रुपये दिये जाएंगे।
योजना का यह है उद्देश्य
उच्च गुणवत्ता व उत्पादकता वाली स्वदेशी नस्ल की गायों को पालने की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करना। पशुपालकों को गायों की नस्ल सुधार में वृद्धि करके प्रदेश के पशुपालकों की आय बढ़ाना। प्रदेश में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता बढ़ाकर राष्ट्रीय स्तर पर लाना योजना का उद्देश्य है।
यह भी पढ़ें- नेपालगंज रोड तक 4 ट्रेनों का हुआ विस्तार, काठमांडू-पोखरा जाने वाले यात्रियों को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
लाभ पाने के लिए ऐसे किया जा सकता है आवेदन
गो-पालक नंद बाबा दुग्ध मिशन के पोर्टल पर निर्धारित प्रारूप पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रतिलिपि ऑफलाइन मुख्य विकास अधिकारी या मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में व्यक्तिगत अथवा रजिस्टर्ड डाक के माध्यम निर्धारित अवधि में उपलब्ध कराएं जाएंगे।
जनपद में योजना के तहत वर्ष 2025-26 के लिए 63 पशुपालकों को लाभांवित करने का लक्ष्य आया है। इसमें अब तक सिर्फ 26 का चयन किया गया है। पिछले साल का लक्ष्य पूरा होने पर नए साल के लिए लक्ष्य आएगा। प्राप्त आवेदन के अनुसार पशुधन प्रसार अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी द्वारा दो दिन तक लगातार सुबह-शाम दूध को मापा जाएगा। अधिक आवेदन होने पर जनपद स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में डेयरी, पशुपालन विकास द्वारा पात्रों का चयन होगा।
डॉ. संजय सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
