यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UPSC Result 2024: जौनपुर के अभिषेक सिंह ने यूपीएससी में हासिल की 78वीं रैंक, चौथे प्रयास में मिली सफलता
UPSC Result 2024 में किसान के बेटे अभिषेक सिंह ने 78वीं रैंक हासिल की है। जौनपुर के रहने वाले अभिषेक ने चौथे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। अभिषेक क ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, जौनपुर। संघ लोक सेवा आयोग ने मंगलवार को सिविल सेवा परीक्षा 2024 परिणाम घोषित कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के ढे़मा (डुहिया) गांव निवासी किसान अखिलेश सिंह के बेटे अभिषेक सिंह को यूपीएससी परीक्षा में 78वीं रैंक मिली है। उन्हें यह सफलता चौथे प्रयास में मिली।
अभिषेक की प्राथमिक शिक्षा गांव से ही हुई है। उसके बाद हाईस्कूल व इंटरमीडिएट केएनआई सुलतानपुर से किया। आइआइटी हैदराबाद से बीटेक की पढ़ाई पूरी कर तैयारी में जुट गए। परिणाम आते ही मां पूनम सिंह, पिता, छोटा भाई प्रज्जवल सिंह व बहन समृद्धि सिंह सहित पूरा परिवार खुशी से झूम उठा।
लिपिक के बेटे ने यूपीएससी परीक्षा पास कर हासिल की 10 वीं रैंक
कन्नौज कलेक्ट्रेट में तैनात लिपिक के बेटे ने सिविल सर्विसेज (यूपीएससी) की परीक्षा पासकी। यूपीएससी की परीक्षा में उन्होंने 10 वीं रैंक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया। वर्ष 2024 में उन्हें यूपीएससी 373 वीं रैंक मिली थी। आइआरएस पद पर चयन हुआ था। वर्तमान वह नागपुर में ट्रेनिंग कर रहे है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद से घर-परिवार में खुशियां मनाई जा रही है। हर कोई उन्हें और स्वजन को बधाई दे रहा।

शहर के डाक बंगला सरायमीरा निवासी प्रभात त्रिपाठी कलेक्ट्रेट में निकाय लिपिक पद पर कार्यरत है। उनके 24 वर्षीय बेटा मयंक त्रिपाठी ने यूपीएससी की परीक्षा पास की है। उन्होंने 10 वीं रैंक हासिल की। वर्ष 2023 में मयंक ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग यूपीपीएससी की परीक्षा पास की थी। इससे उनका डिप्टी एसपी के पद चयन हुआ था। डिप्टी एसपी की रैंक में 20 वां स्थान मिला था।
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वर्ष 2024 में यूपीएससी परीक्षा में 373 वीं रैंक हासिल की है। इनको आइआरएस पद पर चयन हुआ था। इसी पद वह महराष्ट्र के नागपुर में वह ट्रेनिंग कर रहे है। 31 अक्टूबर 2022 को सरदार पटेल की जयंती पर संसद हाल में भी वह शामिल हुए थे।
मयंक त्रिपाठी बताते हैं कि पिता की प्रेरणा पर सीमित संसाधनों से उन्होंने पढ़ाई शुरू की थी। मां अर्चना और पिता ने उन्हें आइएएस बनाने का सपना संजोया था। इस सपना को उन्होंने एक मिशन की तरह समझ कर पूरा किया है। वह करीब छह से सात घंटे लगातार पढ़ाई करते थे।
बताया कि वर्ष 2016 में शहर के जागरण पब्लिक इंटर कालेज से इंटर की परीक्षा पास कर वह दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कालेज से बीएससी की थी। यूपीएससी परीक्षा पास करने पर जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, अपर जिलाधिकारी आशीष कुमार सिंह समेत अन्य जिला स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी ने मयंक के पिता प्रभात त्रिपाठी को बधाई दी। साथ ही लोगों ने वाट्सएप और फेसबुक पर भी बधाई दी।