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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    विवेक यादव अपहरण-हत्याकांड: पुलिस ने चार-पांच गांवों में दी दबिश, 35 से अधिक हिरासत में, घर-घर पहुंचे एसपी

    Updated: Thu, 10 Oct 2024 10:58 PM (GMT+05:30)

    उत्तर प्रदेश के जौनपुर में फास्ट फूड के 180 रुपये के बकाया न देने पर हुई एक व्यक्ति की हत्या के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी और हिंसक प्रदर्शन किया ...और पढ़ें

    ग्रामीणों के सड़क जाम व पथराव के बाद चक्रमण करते पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय पाल वर्मा। जागरण
    ग्रामीणों के सड़क जाम व पथराव के बाद चक्रमण करते पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय पाल वर्मा। जागरण

    HighLights

    1. राजनीतिक रोटी सेंकने वालों के उकसाने पर ग्रामीण हुए हिंसक
    2. बवाल कराने वालों पर पुलिस का शिकंजा, दो प्रधानों की भी तलाश

    संवाद सूत्र, जौनपुर। फास्ट फूड के बकाया सिर्फ 180 रुपये न देने पर मुंगरमू निवासी विवेक यादव का अपहरण कर हत्या की घटना से परिजनों में आक्रोश था। पुलिस के दो नामजद आरोपियों में से एक को हिरासत में ले लिए जाने और दूसरे की तलाश में लगातार दबिश दिए जाने से स्थिति सामान्य हो रही थी, लेकिन राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए मौका तलाशने वाले ने ग्रामीणों को उकसाने में कामयाब हो गए। 

    उन्हीं के भड़काने पर ग्रामीणों ने गुरुवार की सुबह शव निगोह तिराहा पर रखकर रास्ता जाम कर हिंसक रूप ले लिया। पथराव और बवाल करने वाले 35 से अधिक लोगों को चार-पांच गांवों से पुलिस हिरासत में ले चुकी है। दो प्रधानों की भी पुलिस तलाश में है। पूरे उपद्रव के सूत्रधार यही माने जा रहे हैं।

    पुलिस व पीएसी के जवान तैनात

    इसमें दो राय नहीं कि रास्ता जाम, पथराव व उपद्रव के दौरान पुलिस प्रशासन ने बहुत धैर्य का परिचय दिया। पुलिस यदि संयम खो देती तो स्थिति और विकट हो जाती। पथराव के दौरान भी अधिकारी ही नहीं, पुलिस जवान भी बचाव की ही मुद्रा में रहे। हालात नियंत्रित करने के लिए जरूरी हो जाने पर ही हल्का बल प्रयोग किया। 

    इसके बाद शांति व्यवस्था बनाए रखने को निगोह बाजार में भारी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। दहशत के माहौल के कारण बाजार की दुकानें पूरी तरह बंद हैं। 

    गहली, निगोह, पाली व मंगरमू में पुलिस व पीएसी के जवानों के साथ ताबड़तोड़ दबिश देकर 35 से ज्यादा उपद्रवियों व उन्हें उकसाने वालों को हिरासत में ले चुकी है। उपद्रव में शामिल व उकसाने वाले अब पुलिस का शिकंजा कसता देख भागे-भागे फिर रहे हैं। देर रात तक मुकदमा दर्ज किए जाने की तैयारी चल रही है।

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    किसी तरह उपद्रवियों से जान बचाई पुलिस

    बाजार में दोनों तरह से जब उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव शुरू किया तो बचते हुए एएसपी ग्रामीण शैलेंद्र सिंह अपनी गाड़ी से गिर गए। सीओ मड़ियाहूं विवेक सिंह ने एक कमरे में जाकर जान बचाई। 

    लेखपाल प्रमोद श्रीवास्तव के सिर में काफी चोट आ गई। इसके साथ ही एएसपी ग्रामीण की गाड़ी का शीशा टूट गया। इसके साथ मीरगंज, नेवढ़िया, पवारा, सुरेरी थाने की पुलिस की गाड़ी का भी शीशा टूट गया।

    एसपी ने घर-घर जाकर की उपद्रवियों की खोज

    दोपहर एक बजे एसपी डॉ. अजय पाल शर्मा के पहुंचने पर पुलिस ने घर-घर जाकर उपद्रवियों को खोजबीन की। अधिकांश लोग घर से भाग गए थे। कुछ लोगों को पकड़ा भी गया। इसके पूर्व लगभग एक घंटे तक निगोह बाजार उपद्रवियों के कब्जे में रहा।

    बाजारवासी रहे भयभीत

    उपद्रव के चलते सड़क पर आवागमन बाधित हो गया। बाजार की सभी दुकानें बंद हो गईं। इस दौरान लोग दुकान व घरों के अंदर हो गए। उपद्रव को लेकर बाजार के लोग काफी भयभीत दिखे।

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