झांसी में अत्यधिक बारिश से संसोर नाला में आई बाढ़, सामने आई कार चालक की लापरवाही
Flood in Jhansi: संसोर नाले के उफान के साथ ही बामौर का बड़ा तालाब भी ओवरफ्लो हो गया है, जिससे क्षेत्र में जलभराव और नुकसान की स्थिति बनी हुई है।
HighLights
दो महिलाएं और उनके दो दुधमुंहे बच्चे हादसे का शिकार होते-होते बचे
लोगों के मना करने के बाद भी चालक ने तेज बहाव के बीच उतार दिया वाहन
माताटीला बांध के 20 गेट से छोड़ा गया 52,000 क्यूसेक पानी
जागरण संवाददाता, झांसी। जिले में दो दिन से हो रही मूसलाधार बरसात के कारण यहां से सभी नाले के साथ नदियां भी लबालब हैं। इसी दौरान बामौर में बड़ी लापरवाही भी सामने आई है।
बामौर में दो दिन से लगातार हो रही मूसलधार बारिश के चलते क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बामौर के संसोर नाले में उफान आने से हनुमान मंदिर और प्रतीक्षालय सहित कई घर प्रभावित हुए हैं। खड़ैनी-बामौर पीडब्ल्यूडी सड़क पर पांच से छह फुट ऊंची तेज धार बह रही है। इसी दौरान रक्षाबंधन पर कुरैठा जा रहीं दो महिलाएं और उनके दो दुधमुंहे बच्चे हादसे का शिकार होते-होते बच गए।
कार चालक ने तेज बहाव के बीच वाहन उतारा
ग्रामीणों के मना करने के बावजूद उनके कार चालक ने तेज बहाव के बीच वाहन उतार दिया। कुछ ही देर में कार पानी की तेज धार में बह गई। यह देख स्थानीय लोग तत्काल मौके पर पहुंचे और कार में सवार दोनों महिलाओं व बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम भी मौके पर पहुंची और बचाव कार्य में सहयोग किया।
कार पानी में डूब जाने और महिलाओं के बदहवास होने के कारण उनके नाम और वाहन का नम्बर तत्काल पता नहीं चल सका। बताया गया यह सभी जालौन जिले के ऊमरी कस्बे से बामौर ब्लॉक के कुरैठा गांव में पाल परिवार के यहां रक्षाबंधन मनाने जा रहे थे। संसोर नाले के उफान के साथ ही बामौर का बड़ा तालाब भी ओवरफ्लो हो गया है, जिससे क्षेत्र में जलभराव और नुकसान की स्थिति बनी हुई है।
माताटीला बांध के 20 गेट खोले
यहां माताटीला बांध का जलस्तर 1007 फीट पहुंचने पर मंगलवार शाम से 20 गेट दो फीट तक खोलकर 52,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके गेट से वेग के साथ गिरती सफेद जलधारा और उठती फुहारें ऐसा दृश्य रच रही हैं, मानो बांध के किनारे खड़े होकर प्रकृति का जीवन्त नजारा आंखों के सामने महसूस किया जा सकता है। इस बांध में कुल 23 गेट हैं, जिनमें से 20 को खोल दिया गया है। सुकवां-ढुकवां बांध के ऊपर से पानी तब निकलता है, जब माताटीला बांध से पानी छोड़ा जाता है। यह पानी ओरछा होते हुए जालौन पहुंचता है।
