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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तीन स्लीपर बसों समेत 22 वाहनों के काटे गए चालान, यातायात पुलिस का अभियान जारी

    Updated: Mon, 23 Sep 2024 08:39 AM (IST)

    आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ यातायात पुलिस ने अभियान चलाया। स्पीड लेजर गन से तीन स्लीपर बसों समेत 22 वाहनों के चालान काटे गए। क ...और पढ़ें

    टीम ने स्पीड लेजर गन से ही ओवर स्पीड में दौड़ रहे 19 अन्य वाहनों के भी चालान काटे
    टीम ने स्पीड लेजर गन से ही ओवर स्पीड में दौड़ रहे 19 अन्य वाहनों के भी चालान काटे

    जागरण संवाददाता, कन्नौज। एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रविवार को निर्धारित से अधिक रफ्तार से चलने वाले वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया गया। यातायात पुलिस ने स्पीड लेजर गन से तीन स्लीपर बसों समेत 22 वाहनों के चालान काटे। कई कारें तो 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ रही थीं। जबकि 100 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रफ्तार नहीं होनी चाहिए।

    आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर ओवर स्पीड के चलते आए दिन हादसे होते रहते हैं। इसमें यात्रियों की जान तक चली जाती है। कई यात्री घायल हो जाते हैं।

    22 वाहनों के काटे गए चालान

    इन हादसों में कमी लाने के लिए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद के निर्देश पर यातायात प्रभारी आफाक खां ने टीम के साथ रविवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर निर्धारित गति सीमा से अधिक चलने वाली दिल्ली से लखनऊ की ओर जा रही तीन स्लीपर बसों चालान काट दिए। इसके अलावा टीम ने स्पीड लेजर गन से ही ओवर स्पीड में दौड़ रहे 19 अन्य वाहनों के भी चालान काटे हैं।

    यातायात प्रभारी आफाक खां ने बताया कि तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने के लिए उच्च अधिकारियों से यातायात पुलिस के लिए एक इंटरसेप्टर वाहन की मांग की जाएगी। कहा कि एक्सप्रेसवे में स्पीड लेजर डिवाइस लगी हुई है। चालक उसके पास पहुंचते ही अपने वाहन की गति को कम कर लेते हैं और चालान से बच जाते हैं।

    इंटरसेप्टर वाहन की मदद से चलते-चलते ओवर स्पीड में आने-जाने वाले वाहनों का चालान हो जाता है। अभियान के दौरान कई कारों की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा मिली है। उनके चालान किए हुए हैं। जबकि एक्सप्रेसवे पर कार की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा की होनी चाहिए। इस तरह बस व अन्य भारी वाहनों की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक नहीं होनी चाहिए।

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    एक्सप्रेसवे यह हुईं दुर्घटनाएं

    • सात जुलाई को कार पलटने से दो की मौत, छह जख्मी
    • पांच अगस्त को कैश वैन के चालक की मौत
    • 16 अगस्त की रात को स्लीपर बस पलटने से 33 जख्मी
    • 23 अगस्त को स्पीपर बस पलटने से एक की मौत, 24 लोग जख्मी
    • पांच सितंबर की रात को स्लीपर बस पलटने से 12 जख्मी
    • 21 सितंबर को स्लीपर बस पलटने से 38 लोग घायल

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