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रक्षाबंधन से पहले उजड़ गया बहन का संसार, अब किसको राखी बांधूंगी... गिल्ली-डंडा खेलते समय भाई के पेट में घुस गई थी लाठी, मौत

Updated: Wed, 26 Aug 2026 07:45 PM (IST)

कन्नौज में गिल्ली-डंडा खेलते समय पेट में लाठी घुसने से 17 वर्षीय विशाल यादव की कानपुर के निजी नर्सिंग होम में 25 दिन के इलाज के बाद मौत हो गई। रक्षाबं ...और पढ़ें

गांव निकवा में विशाल की मौत पर विलाप करती महिलाएं। जागरण

गांव निकवा में विशाल की मौत पर विलाप करती महिलाएं। जागरण

HighLights

  1. भैंस पर बैठा था, गिल्ली पकड़ने को छलांग लगाने पर घुस गई थी लाठी

  2. कानपुर में 25 दिन इलाज के बाद किशोर ने तोड़ा दम

  3. तिर्वा से रेफर होने पर कानपुर के निजी नर्सिंग होम में चल रहा था इलाज


- तिर्वा से रेफर होने पर कानपुर के निजी नर्सिंग होम में चल रहा था इलाज


संवाद सूत्र, तालग्राम (कन्नौज)। गांव निकवा के बाहर दोस्तों के साथ गिल्ली-डंडा खेलने के दौरान 17 वर्षीय विशाल यादव भैंस पर बैठ गया और गिल्ली कैच करने को छलांग लगा दी। वह पास में रखी लाठी पर गिर गया, जिससे लाठी कमर के ऊपर पेट में छह इंच अंदर घुस गई थी। विशाल ने 25 दिन तक चले उपचार के बाद कानपुर के एक निजी नर्सिंग होम में दम तोड़ दिया। 

रक्षाबंधन से दो दिन पहले भाई की मौत पर बहन का रो रोकर बुरा हाल है। रक्षाबंधन को याद कर बहन अनामिका भाई विशाल के शव को देखकर विलाप करती रही कि अब हम भाई को राखी कैसे बांधेंगे। यह मार्मिक दृश्य देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं।

निकवा निवासी शिशुपाल सिंह उर्फ मझलंका का 17 वर्षीय पुत्र विशाल यादव के पेट में 31 जुलाई को खेलते समय लाठी घुस गई थी। स्वजन आनन-फानन में उसे तिर्वा के भीमराव रामजी मेडिकल कालेज के अस्पताल ले गए थे। वहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया था।

स्वजन विशाल को कानपुर ले गए और एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। चिकित्सक ने आपरेशन कर उसके पेट में घुसी लाठी को निकाल दिया था। इसके बाद भी हालत में सुधार नहीं हो सका। करीब 25 दिन तक चले उपचार के बाद मंगलवार रात करीब दो बजे विशाल ने दम तोड़ दिया।

बुधवार सुबह शव गांव पहुंचते ही स्वजन में चीख-पुकार मच गई। विशाल की मां विनीता देवी बड़े बेटे का शव देखकर बेहोश हो गईं। होश में आने के बाद वह बेटे को याद कर बार-बार बिलखती रहीं। बहन अनामिका का भी रो-रोकर बुरा हाल था। स्वजन ने बताया कि विशाल कक्षा नौ का छात्र था। वह भाई आकाश व बहन अनामिका में सबसे बड़ा था। पिता शिशुपाल सिंह खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।