गर्लफ्रेंड घुमाने और मौज-मस्ती का शौक, खुद को वकील बताकर करते थे फ्रॉड, कन्नौज में गिरोह का भंडाफोड़
कन्नौज पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के शिकार लोगों को दोबारा ठगने वाले पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी खुद को अधिवक्ता बताकर ठगी के पैसे वापस दिलाने ...और पढ़ें

HighLights
ऑनलाइन ठगी के शिकार लोगों को दोबारा ठगने वाला गिरोह पकड़ा गया।
वकील बनकर ठगी के पैसे वापस दिलाने का लालच देकर ठगते थे।
कन्नौज पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जागरण संवाददाता, कन्नौज। आनलाइन ठगी के शिकार व्यक्तियों के रुपये दिलवाने का लालच देकर दोबारा ठगने वाले गिरोह के पांच युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पांच मोबाइल फोन और चार एटीएम कार्ड भी बरामद किए हैं। पूछताछ के बाद सभी को जेल भेज दिया गया।
आंध्र प्रदेश के जिला वाईएसआर के चपाडु निवासी अशोक कुमार रेड्डी हैदराबाद की एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। 10 जून को अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल फोन का वाईफाई लिया था। व्यक्ति ने मोबाइल फोन हैक कर उनके बैंक खाता से 50 लाख की ठगी की थी।
कुछ दिन पूर्व छिबरामऊ के उधन्नापुर निवासी उज्जवल दुबे ने अशोक कुमार रेड्डी को फोन कर बताया कि वह अधिवक्ता है और आनलाइन ठगी के रुपये लोगों को दिलवाता है। इससे 50 लाख रुपये दिलवाने का लालच देकर उसने अपने बैंक खाता में आनलाइन 95 हजार 600 रुपये डलवा लिए थे। इससे अशोक कुमार ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर उज्ज्वल दुबे की शिकायत दर्ज की थी।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी ध्यानेंद्र प्रताप सिंह ने छानबीन शुरू करते हुए उज्जवल दुबे को गिरफ्तार कर पूछताछ की। इसमें सामने आया कि उज्जवल दुबे अपने पड़ोसी दोस्त नितीन दुबे, पटेलनगर तालग्राम रोड छिबरामऊ निवासी जितेंद्र सिंह, ढकापुर्वा सौरिख निवासी राहुल राजपूत और मलिकपुर नादेमऊ सौरिख के साथ मिलकर आनलाइन ठगी के शिकार लोगों को रुपये दिलवाने का लालच देकर दोबारा ठगी करते हैं।
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आरोपितों ने अशोक कुमार रेड्डी समेत करीब छह लोगों से 30 लाख 92 हजार की ठगी की। इससे सभी आरोपितों को शनिवार सुबह 10 बजे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। साइबर क्राइम थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपित युवक अपने बैंक खातों में रुपये डलवाने के बाद एटीएम से निकाल लेते थे
प्रेमिका के साथ पार्टी और मौज-मस्ती के शौक में चुनी ठगी
गिरोह का सरगना उज्जवल दुबे इंटरमीडिएट पास है। परिवार संपन्न होने के कारण उसके महंगे शौक थे। प्रेमिका और दोस्तों के साथ पार्टी व मौज-मस्ती के लिए आए दिन रुपये देने से स्वजन ने मना कर दिया था। इससे उसने दोस्तों के साथ मिलकर आनलाइन ठगी शुरू कर दी। सभी दोस्त ठगी के रुपये खर्च कर देते थे। परिवार के लोग उनके कारनामों से अंजान थे।
एसपी विनोद कुमार ने बताया कि गिरोह में अन्य लोगों के शामिल होने की भी आशंका है। जांच में साइबर क्राइम थाना के साथ एसओजी को भी लगाया है।