यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
H1N1 Virus: कानपुर में स्वाइन फ्लू से बुजुर्ग की मौत, एक महिला आइसोलेट की गई, विभाग में खलबली!
कानपुर में स्वाइन फ्लू के पहले मामले में मौत हो गई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। स्वाइन फ्लू से पीड़ित एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो ...और पढ़ें

HighLights
- 80 वर्षीय बुजुर्ग ने इलाज के दौरान दम तोड़ा, 50 वर्षीय महिला आइसोलेट की गई
- संक्रामक रोग अस्पताल में भर्ती होंगे संदिग्ध, गंभीर मरीजों के लिए लगेगा वेंटिलेटर
जागरण संवाददाता, कानपुर। शहर में स्वाइन फ्लू से पहली मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची है। बुधवार को गुरुग्राम से शहर आए 80 वर्षीय चकेरी निवासी बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई। वे मेटरनिटी वार्ड में आइसोलेशन में थे और मेडिकल कॉलेज में उनकी जांच की जा रही थी।
वहीं, बादशाही नाका की 50 वर्षीय महिला का इलाज किया जा रहा है। शहर में स्वाइन फ्लू की दस्तक और पहली मौत से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है।
एचवनएनवन वायरस की पुष्टि
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला ने बताया कि गुरुग्राम से लौटे बुजुर्ग को उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर मेटरनिटी वार्ड में आइसोलेट कर उपचारित किया जा रहा था। बुजुर्ग में लो स्तर का एचवनएनवन वायरस की पुष्टि हुई थी। इसके साथ ही बुजुर्ग में मधुमेह, श्वास से जुड़ी जटिलताएं थीं।
उन्होंने बताया कि बादशाही नाका निवासी बुजुर्ग महिला को भी निजी पैथोलॉजी की रिपोर्ट के आधार पर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया गया है। उनमें भी लो स्तर का एचवनएनवन संक्रमण दिख रहा है। चिकित्सकों की टीम की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है।
प्राचार्य ने कहा कि जीएसवीएम के संक्रामक रोग अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। इसके लिए संक्रामक रोग अस्पताल में गंभीर मरीजों की स्थिति से निपटने के लिए वेंटिलेटर भी लगाया जा रहा है। एक सप्ताह के अंदर मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में स्वाइन फ्लू की जांच शुरू कर दी जाएगी, जिससे संदिग्ध लक्षणयुक्त मरीजों की जांच की जाएगी।