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    ...जब ITBP जवान के मां की जिंदगी पर बात आई, हथियारबंद कमांडो ने कानपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय को घेर लिया

    By Ankur SrivastavaEdited By: Anurag Shukla
    Updated: Sat, 23 May 2026 01:35 PM (IST)

    कानपुर में ITBP के जवानों ने पुलिस आयुक्त कार्यालय का घेराव किया। यह विरोध कांस्टेबल विकास सिंह की मां के इलाज के दौरान हाथ कटने के मामले में स्वास्थ् ...और पढ़ें

    पुलिस कमिश्नर कार्यालय में तैनात आईटीबीपी के जवान। जागरण

    पुलिस कमिश्नर कार्यालय में तैनात आईटीबीपी के जवान। जागरण

    HighLights

    1. ITBP जवानों ने कानपुर पुलिस आयुक्त कार्यालय घेरा

    2. मां के इलाज में लापरवाही, हाथ कटने का मामला

    3. स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट से असंतुष्ट जवान

    जागरण संवाददाता, कानपुर। देश की सरहदों की हिफाजत में तैनात जवान और दूसरी तरफ उनकी मां के लिए सिस्टम की बेरुखी। कानपुर से आई यह तस्वीर संवेदनशील दिल को झकझोर कर रख देने वाली है। आईटीबीपी का जवान अपनी मां के कटे हाथ को लेकर इंसाफ के लिए दर-दर भटकता रहा। अस्पताल की लापरवाही और फिर स्वास्थ्य व पुलिस विभाग का ढुलमुल रवैया दिखा तो मां के इंसाफ के लिए आईटीबीपी के कमांडों ने शनिवार को कानपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेर लिया। 

    आईटीबीपी के कांस्टेबल विकास सिंह की मां का उपचार के दौरान हाथ कटने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट से नाराज उनके साथी जवानों ने शनिवार सुबह पुलिस आयुक्त कार्यालय घेर लिया। करीब आठ गाड़ियों में 50 से ज्यादा जवान पहुंचे। आईटीबीपी के कमांडेंट गौरव प्रसाद और लाइजनिंग अफसर अर्पित पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल से मिलकर कार्रवाई करने को लेकर बात की।

    Kanpur Police Commissioner Office

    पूरा कार्यालय छावनी में तब्दील हो गया। आईटीबीपी के कमांडेंट ने पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल और अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था विपिन ताडा से मिले। इसके बाद आधे से ज्यादा जवान गाड़ियों से परिसर के बाहर चले गए। लगभग एक घंटे से कमांडेंट समेत अफसर अपर पुलिस आयुक्त विपिन ताडा से बात चली।

    Kanpur Police Commissioner Office

     

    जांच से असंतुष्ट थे

    अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था डा. विपिन ताडा ने बताया कि पीड़ित आईटीबीपी जवान जांच रिपोर्ट के कई बिंदुओं पर असंतुष्ट थे। इसको लेकर वह अपने अधिकारियों और कई जवानों को लेकर आए थे। सीएमओ को  बुलाया गया था। पीड़ित जिन बिंदुओं पर असंतुष्ट थे। उनकी पुनः जांच के लिए कहा गया है। जांच में जो भी दोषी मिलेगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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    कृष्णा हास्पिटल में भर्ती कराया था मां को

    महाराजपुर स्थित 32 बटालियन के अइटीबीपी जवान विकास सिंह की मां निर्मला देवी को सांस की परेशानी पर 13 मई को टाटमिल स्थित कृष्णा हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि उपचार के दौरान उनका हाथ काला पड़ गया था, जिसमें संक्रमण फैलने की वजह से उन्हें यहां से पारस हास्पिटल में भर्ती कराना पड़ा और 17 मई को उनका हाथ काटना पड़ा था।

    armed itbp commandos

    डिब्बे में अपनी मां का कटा हाथ लेकर पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचा आइटीबीपी का जवान विकास। वीडियो ग्रैब

    कटा हाथ लेकर पहुंचे थे कमिश्नर कार्यालय

    20 मई को विकास अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर इंसाफ के लिए पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे थे। पुलिस आयुक्त ने प्रकरण में सीएमओ से जांच रिपोर्ट मांगी थी। पुलिस आयुक्त के अनुसार, जांच रिपोर्ट में कुछ भी स्पष्ट नहीं है। पूरी रिपोर्ट संभावनाओं पर आधारित है, जिसमें कहा गया है कि हाथ का इंन्फेक्शन धर्मा एम्बोलिज्म की वजह से हो सकता है।

    यह स्थिति कैसे बनी, यह रिपोर्ट में जिक्र नहीं

    एम्बोलिज्म का मतलब है खून का थक्का बनना। यह स्थिति कैसे बनी, रिपोर्ट में इस बात का जिक्र नहीं है। इस रिपोर्ट को देख आईटीबीपी के अफसर भी नाराज हो गए। उन्होंने सीएमओ की गठित स्वास्थ्य विभाग की टीम पर अस्पताल प्रबंधन और डाक्टरों को बचाने का आरोप लगाया। शनिवार को कमांडेंट और 50 से अधिक जवानों में पुलिस आयुक्त कार्यालय घेर लिया।