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    Basant Panchami 2026: वसंत पंचमी भूलकर भी न करें ये गलती, जानें मां सरस्वती पूजन का शुभ मुहूर्त

    Updated: Mon, 19 Jan 2026 08:32 PM (IST)

    वसंत पंचमी 23 जनवरी को मनाई जाएगी, जिसमें मां सरस्वती का पूजन किया जाएगा। शुभ मुहूर्त सुबह 6:57 से दोपहर 12:21 बजे तक है। इस दिन 10 वर्ष तक की कन्याओं ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. वसंत पंचमी 23 जनवरी को, शुभ मुहूर्त 6:57 से 12:21 तक।

    2. मां सरस्वती पूजन में वसंता कुल्हड़ में ही रखें, प्लास्टिक में नहीं।

    3. पीले वस्त्र दान और कन्याओं को भोजन कराना विशेष शुभ।

    जागरण संवाददाता, कानपुर। वसंत पंचमी 23 जनवरी को मनाई जाएगी। वसंत पंचमी पर मां सरस्वती का पूजन कर 10 वर्ष तक की कन्याओं को पीले-मीठे चावलों का भोजन कराना चाहिए। पीले रंग के वस्त्र और आभूषण कन्याओं, निर्धनों व विप्रों को देने से परिवार में ज्ञान, सुख, शांति बढ़ती है। पीले फूलों से शिवलिंग की पूजा करना भी विशेष शुभ माना जाता है। पूजा की अलमारी रखे जाना वाला वसंता मिट्टी के पात्र यानी कुल्हड़ में रखना शुभ होता है। इसलिए प्लास्टिक के गिलास में वसंता कभी नहीं रखना चाहिए।

    ज्योतिषाचार्य मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि हर वर्ष माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर वसंत पंचमी मनाई जाती है। वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती पूजन से वाणी मधुर होती है। स्मरण शक्ति तीव्र होती है और विद्या में कुशलता मिलती है। पंचाग के अनुसार माघ शुक्ल पंचमी तिथि 23 जनवरी को रात 02:28 बजे शुरू होगी और 24 जनवरी को रात 01:46 बजे खत्म होगी। उदया तिथि के आधार पर बसंत पंचमी 23 जनवरी को मनाई जाएगी। पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 6:57 मिनट से दोपहर 12:21 मिनट तक रहेगा। छात्र व छात्राएं मां सरस्वती के साथ पुस्तक, कापी और कलम की पूजा करते हैं। संगीतकार वाद्ययंत्रों और चित्रकार अपनी तूलिका की पूजा करते हैं |

    ज्योतिषी पवन तिवारी का कहना है कि वंसत पंचमी के दिन कुछ लोग प्लास्टिक में वसंता रखते हैं। यह नहीं करना चाहिए। पूजा की अलमारी में रखा जाने वाला वसंता कुल्हड़ में ही रखना चाहिए। प्रयास करें कि उसमें गंगा तट की बालू भी हो। पीले फूलों के साथ आम का बौर भी रखा जाता है।

    खास मौके पर एक ही दिन में ढाई हजार शादियां

    वसंत पंचमी से पहले ही हटिया के बर्तन बाजार से लेकर बिरहाना रोड का सराफा, नौगढ़ा के कपड़ा बाजार और नयागंज के किराना तब सभी जगह चहल- पहल दिखाई देनी लगी है। शहर के सभी होटल और बैंक्वेट लान बसंत पंचमी पर होने वाले विवाह समारोहों के लिए बुक हो चुके हैं। इसके साथ ही फूल- सजावट और ट्रैवल्स कंपनियों को भी एक दिन के कारोबार का फायदा मिलता दिख रहा है। बसंत पंचमी के आयोजनों से बाजार में 700 से 800 करोड़ रुपये का कारोबार होने की संभावना है।

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    सोना - चांदी के बढ़ते दामों के बावजूद इन दिनों बिरहाना रोड के सराफा बाजार से लेकर शहर के अन्य हिस्सों में भी ज्वैलर्स की दुकानों पर ग्राहकों का आना- जाना शुरू हो गया है। दाम अधिक होने की वजह से लोग सोने - चांदी के जेवरों में कम वजन की अच्छी डिजाइन की मांग कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन के मंत्री राम किशोर मिश्रा और काशी ज्वैलर्स के मैनेजिंग पार्टनर श्रेयांश कपूर ने बाजार में चढ़ाव आने की पुष्टि की है। दोनों ने बताया कि बाजार की शुरुआत अच्छी दिख रही है। चांदी और सोने के दाम अधिक होने से वजन में कम लेकिन दाम में कारोबार ज्यादा हो रहा है।

    हटिया बाजार के कारोबारी संजय पांडेय डब्ल्यू ने बताया कि सहालग की गरमी अब बाजार में चढ़ने लगी है। बसंत पंचमी की शादियों के कारण बाजार में भीड़ बढ़ गई है। वैवाहिक आयोजनों के लिए सभी को बर्तन चाहिए। एक परिवार को औसतन 25 से 30 हजार रुपये की खरीद करनी पड़ रही है। नौगढ़ा कपड़ा कमेटी के अध्यक्ष शेष नारायण त्रिवेदी पप्पू ने बताया कि साड़ियों से लेकर सभी तरह के कपड़ों का कारोबार चल पड़ा है। अब अगले महीने की सहालग तक कारोबार में तेजी बनी रहेगी।

    कानपुर होटल , गेस्टहाउस स्वीट हाउस एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के महामंत्री राजकुमार भगतानी ने बताया कि बसंत पंचमी पर बड़ा अबूझ साया है। इस वजह से शहर के होटलों और बैंक्वेट लान से लेकर बिठूर और रूमा के रिसार्ट तक सभी बुक हो चुके हैं। कानपुर नगर में ढाई हजार से ज्यादा शादियां इसी एक दिन में होने जा रही हैं। इसमें कानपुर के निवासियों के अलावा अन्य शहरों से आए लोग भी शामिल हैं। पीतांबरा ट्रैवल्स के धीरेन्द्र कुमार ने बताया कि बसंत पंचमी के दिन गाड़ियों की बुकिंग तेजी से बढ़ गई है। आस - पास के कस्बों से भी गाड़ियों को मंगाना पड़ा है।