ठेकों में गुंडागर्दी और जर्जर सड़कें बर्दाश्त नहीं.. CM ने कानपुर अफसरों को लिया आड़े हाथ, पूछा- कौन सा टैक्स वसूला जा रहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर नगर निगम के ठेकों में माफियागिरी, जबरन टैक्स वसूली और जर्जर सड़कों पर अधिकारियों को ...और पढ़ें
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HighLights
वीडियो कांफ्रेंसिंग से बाढ़ और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान अफसरों को आड़े हाथ लिया
मुख्यमंत्री ने मंत्री और मंडलायुक्त से पूछा, नगर निगम में कौन सा टैक्स किया जा रहा है वसूल
जर्जर सड़कों को लेकर भी जताई नराजगी, वीसी के बाद मंडलायुक्त ने किया सड़कों का निरीक्षण
जागरण संवाददाता, कानपुर। बाढ़ और विकास कार्यों की समीक्षा को लेकर आयोजित वीडियो कान्फ्रेंसिंग में शनिवार को नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। मुख्यमंत्री, नगर निगम के ठेकों में माफियागिरी और जबरन टैक्स वसूली को लेकर इतने गुस्से में थे कि उन्होंने नगर निगम विकास मंत्री एके शर्मा से भी पूछ लिया कि क्या उन्हें पता है कि कानपुर नगर निगम में क्या चल रहा है।
मुख्यमंत्री के ऐसे तेवरों को देखकर अधिकारी असहज नजर आए और उनके तमाम सवालों का जवाब नहीं सके। फिलहाल वीसी में जो मुद्दे उठे हैं, उनके कई मायने निकाले जा रहे हैं और माना जा रहा है कि आने वाले समय में इन मामलों में बड़ी कार्रवाई हो सकती है। वीसी के दौरान मुख्यमंत्री ने कानपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर अधिकारियों से सीधे सवाल किए।
सबसे पहले नगर निगम के ठेकों को लेकर मुद्दा उठा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पता है कि कानपुर नगर निगम के ठेकों में माफियागिरी चल रही है। कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच होनी चाहिए।फिर तल्ख अंदाज में कहा कि क्या हाल बना डाला है नगर निगम का। मुख्यमंत्री ने नगर विकास मंत्री एके शर्मा से भी पूछा लिया कि क्या उन्हें पता है कि कानपुर नगर निगम में क्या चल रहा है और वहां के हालात क्या हैं। मुख्यमंत्री के यह तेवर देखकर अधिकारी सन्न थे। कोई कुछ भी नहीं बोला।
मंत्री से सवाल के बाद मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन से पूछा, कानपुर के नगर निगम में कौन-कौन से टैक्स वसूले जा रहे हैं। कौन लोग हैं जो जबरन टैक्स वसूली कर रहे हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाना चाहिए और कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल को निर्देश दिए कि वह भी ऐसे लोगों को चिन्हित करें और सख्त कार्रवाई करें। इसके बाद शहर की सड़कों की हालत और जगह-जगह जलभराव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जवाब मांगा।
मुख्यमंत्री के लगातार सवालों के बीच नगर निगम के अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस दौरान नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय असहज नजर आए। कुल मिलाकर बैठक में मुख्यमंत्री का फोकस केवल बाढ़ की स्थिति तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने शहर में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति और नागरिकों को मिल रही सुविधाओं की भी जानकारी ली। खासकर बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव और क्षतिग्रस्त सड़कों की समस्या को लेकर उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करने के संकेत दिए।
इधर मुख्यमंत्री की वीसी खत्म होते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन ने स्वयं ब्रम्हनगर चौराहे का निरीक्षण करने निकल पड़े। वहीं बैठक में अधिकारियों की चुप्पी ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए।
