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Kanpur Plane Crash: DGCA ने दिल्ली में शुरू की इंजन की जांच, ईंधन आपूर्ति बंद होने की आशंका; आग न लगने से Fuel Tank सुरक्षित

Published: Mon, 31 Aug 2026 11:08 PM (IST)

कानपुर में गर्ग एविएशन के प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में डीजीसीए ने दिल्ली में इंजन की जांच शुरू ...और पढ़ें

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HighLights

  1. डीजीसीए ने दिल्ली में विमान इंजन की जांच शुरू की

  2. ईंधन आपूर्ति बंद होना या सिस्टम गड़बड़ी हो सकती वजह

  3. हादसे के बाद गर्ग एविएशन ने प्रशिक्षण फिर शुरू किया

जागरण संवाददाता, कानपुर। गर्ग एविएशन के प्रशिक्षण विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह तलाशने के लिए डीजीसीए ने दिल्ली में इंजन की जांच शुरु कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि उड़ान के केवल 20 मिनट बाद ही विमान दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण ईंधन आपूर्ति बंद होने या एयर फ्लेम कंट्रोल सिस्टम में गड़बड़ी हो सकती है। इसलिए पहले चरण में इसकी जांच की जा सकती है।

विमान में आग न लगने के कारण ईंथन टैंक को सुरक्षित माना जा रहा है। हालांकि डीजीसीए की पूरी जांच के बाद ही विमान हादसे के कारण स्पष्ट हो सकेंगे। वहीं एविएशन कंपनी ने सोमवार से फिर से प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षकों के साथ सिंगल इंजन विमान की तीन उड़ानें भरीं।

27 अगस्त को प्रशिक्षण विमान उड़ान के 20 मिनट बाद ही गंगा बैराज के पास नत्थापुरवा गांव में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इससे पायलट सचिन भाटिया और प्रशिक्षु पायलट अभिषेक पुजारी की मौत हो गई थी। इसकी जांच के लिए डीजीसीए लखनऊ की टीम गुरुवार को ही पहुंच गई थी।

शुक्रवार को डीजीसीए दिल्ली और एएआइबी की टीम यहां आई थी। इसके बाद तीनों टीमों ने संयुक्त रूप से विमान दुर्घटना का कारण जानने के लिए जांच शुरू की थी। टीमों ने दुर्घटनाग्रस्त विमान का इंजन निकाला था। मलबे का एक टुकड़ा लिया था। शनिवार को विमान के मलबे को कई टुकड़ों में कटवा गया था।

रविवार को इंजन और मलबा लेकर टीमें दिल्ली चली गईं थीं। अब वहां पर जांच शुरु कर दी गई है। शुरुआती जांच में विमान में आग न लगने के कारणों को देखा गया। इसमें ईंथन टैंक सुरक्षित होने की संभावना जताई जा रही है। इंजन में ईंधन आपूर्ति बंद होने या एयर फ्लेम कंट्रोल सिस्टम में गड़बड़ी हादसे की वजह हो सकती हैं।

इंजन के तकनीक कारणों से भी बंद होने की संभावना भी हो सकती है। ईंथन टैंक सुरक्षित होने के कारण इसमें आग नहीं लगी। इसके अलावा कम ऊंचाई का विमान होने के कारण भी टैंक सुरक्षित रहने की संभावना है। सेफ्टी मैनेजर राजीव भल्ला ने बताया कि एकेडमी में सोमवार से प्रशिक्षण शुरू हो गया है।

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