डिजिटल जनगणना के लिए अनूठी अपील: कानपुर डीएम ने कनपुरिया अवधी और कन्नौजी में लिखा पत्र, घर-घर पहुंचा रहे संदेश
कानपुर के डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने डिजिटल जनगणना 2027 में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए कनपुरिया, अवधी और कन्नौजी बोली में एक अनूठी अपील जारी की है। उन ...और पढ़ें
-1778086674260_m.webp)
डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह व उनके द्वारा जारी किया गया पत्र। इंटरनेट मीडिया
जागरण संवाददाता, कानपुर। अलग-अलग बोलियां संस्कृति, इतिहास व पहचान की संवाहक होती हैं, जो विविधता के साथ जीवंतता लाती हैं। ज्ञान, परंपराओं व लोककथाओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थानांतरित करती हैं, जिससे सांस्कृतिक विरासत संरक्षित रहती है। बोलियां केवल संवाद का अनूठा तरीका ही नहीं, बल्कि सामाजिक जुड़ाव व समूह पहचान को भी मजबूत करती हैं।
कुछ इन्हीं उद्देश्यों के तहत सात मई यानी गुरुवार से शुरू हो रही जनगणना में सहभागिता बढ़ाने व जन संवाद के लिए डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह की कनपुरिया, अवधी व कन्नौजी बोली के मिश्रण वाली पाती इंटरनेट मीडिया पर खूब प्रचलित हो रही है। उन्होंने आमजन को जनगणना का लाभ समझाने के लिए अपनी पाती में कई जगह ठेठ कनपुरिया बोली लिखी है, तो कुछ शब्द अवधी व कन्नौजी के भी प्रयोग किए हैं।
मूलरूप से फर्रुखाबाद के रहने वाले डीएम कहते हैं कि कानपुर व आसपास के क्षेत्रों में कनपुरिया बोली में अवधी, बुंदेली, कन्नौजी व ब्रजभाषा का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखता है। इस बोली में अपनापन है। संवाद में कठोरता के बजाय लचक है, जिससे बात आसानी से समझाई जा सकती है। जनगणना आमजन से जुड़ा बेहद महत्वपूर्ण विषय है, इसलिए जिले के लोगों के नाम पाती लिखी है।
उनकी अपील है-'जनगणना कउनो भी देस के लिए बहुतै जरूरी काम होत है। एहिते पता चलत है कि समाज कै असली हालत का है। गांव, शहर वार्डन मा लोग कैसे रहत हैं। जब सरकार के पास सही जानकारी होत है तौ पढ़ाई, इलाज, मकान अउर दुसरी सबै जनहित वाली योजनाएं ठीक ढंग से बन पउती हैं।'
खबरें और भी
डीएम आगे लिखते हैं कि भारत सरकार की ओर से कराई जा रही 'जनगणना-2027 दुई चरण में होई। पहिल चरण मा सात से 21 मई तक स्व जनगणना की सुविधा रहिहै। एहिमा नागरिक मोबाइल या कंप्यूटर ते https://se.census.gov.in पोर्टल पर जाके आपन बारे में जानकारी खुदै भर सकत हैं। एहिके बाद मा 22 मई से 20 जून तक प्रगणक घर-घर आके मकान सूचीकरण अउर जरूरी जानकारी दर्ज करिहैं।
जनगणना का दूसर चरण फरवरी 2027 मा जनसंख्या गणना के रूप में कराओ जइहै। हम आप सबन ते निवेदन करत हन कि इत्ते महत्वपूर्ण राष्ट्रीय काम मा पूरा सहयोग करौ। जब प्रगणक आप सबन के घरै आवैं तौ उनका सही अउर पूरी जानकारी जरूर बताय देहेव। साथै मा यहौ भरोसा रखौ कि जनगणना अधिनियम 1948 मा जौन व्यवस्था कीन गै है, ओहि मा नागरिकन द्वारा दीन गै सबै निजी जानकारी पूरी तरह ते गोपनीय रखी जात है।
आप सबन ते आग्रह करत हन कि जनगणना 2027 मा सहयोग करौ अउर सही जानकारी जरूर बताय दिहौ। सही जानकारी दइ कै जनगणना मा सहभागी बनौ-यहै विकसित भारत बनावें की मजबूत नींव है।'