यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अचानक होने वाली बेहोशी को न करें नजरअंदाज, यहां पढ़ें- सिन्कापी के लक्षण और बचाव के तरीके
गर्मी के मौसम में अक्सर चक्कर आना और बेहोश हो जाने जैसे हालात बन जाते हैं। इसे नजरअंदाज न करने की हिदायत देते हुए हृदय रोग विशेषज्ञ डा. अभिनीत गुप्ता ...और पढ़ें

कानपुर, जागरण संवाददाता। अचानक होने वाली बेहोशी (सिन्कापी) गंभीर बीमारी है। इसमें मरीज अचानक कुछ क्षणों के लिए बेहोशी की हालात में चला जाता है। उस दौरान नसों में रक्त का बहाव प्रभावित होता है, जो मरीज के लिए जानलेवा हो सकता है। सिन्कापी से प्रतिवर्ष सैकड़ों लोगों की जान जाती है। यह बातें शनिवार को आइएमए कानपुर शाखा के सीएमई प्रोग्राम में हृदय रोग विशेषज्ञ डा. अभिनीत गुप्ता ने कही। उन्होंने आर्यनगर स्थित गैंजेज क्लब में संगोष्ठी के जरिए लोगों को सिन्कापी बीमारी के लक्षण और इससे बचाव के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि यह समस्या अधिक उम्र के लोगों के साथ बच्चों में भी देखने को मिलती है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए हृदय रोग के बारे में लोगों को जागरूक रहना चाहिए। समय-समय पर ब्लड प्रेशर एवं ब्लड शुगर की जांच कराकर डाक्टर से परामर्श लेना चाहिए। धूम्रपान और शराब के सेवन से परहेज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिन्कापी की स्थिति में सीधे लेट जाएं, ताकि दिमाग को खून की आपूर्ति बेहतर ढंग से हो सके।
उम्रदराज लोगों को खड़े होकर पेशाब करने से बचना चाहिए और नींद से उठकर अचानक खड़ा नहीं होना चाहिए। गर्मी और उमस में शरीर में पानी और नमक की कमी न होने दें। आइएमए अध्यक्ष डा. बृजेंद्र शुक्ला, डा. पल्ल्वी चौरसिया, डा. एके त्रिवेदी, डा. अशोक वर्मा, डा. अर्चना भदौरिया और डा. देवज्योति देवराय ने भी जानकारी दी।