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फर्जी मार्कशीट-डिग्री कांड: CSJMU कानपुर पर SIT की नजर, रात में यूनिवर्सिटी पहुंचकर मांगे रिकॉर्ड

Published: Wed, 25 Feb 2026 02:34 AM (IST)

एसआईटी की पांच टीमें फर्जी मार्कशीट-डिग्री मामले में अलीगढ़, फरीदाबाद, सहारनपुर, फिरोजाबाद, मेरठ पहुंचीं। कानपुर के सीएसजेएमयू से भी रिकॉर्ड मांगे गए हैं।

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HighLights

  1. एसआईटी की पांच टीमें फर्जी डिग्री मामले में जांच कर रही हैं।

  2. सीएसजेएमयू कानपुर से फर्जी डिग्रियों के रिकॉर्ड सत्यापन हेतु मांगे गए।

  3. 14 राज्यों के 1000 से अधिक फर्जी दस्तावेज गिरोह से बरामद हुए।

जागरण संवादाता, कानपुर।फर्जी मार्कशीट-डिग्री बनाकर बेचने के मामले में एसआइटी की पांच टीमें मंगलवार को अलीगढ़, फरीदाबाद, सहारनपुर, फिरोजाबाद, मेरठ पहुंची। यहां से टीम अब बुधवार को उन जिलों के विश्वविद्यालयों में जाएगी, जहां की फर्जी मार्कशीट-डिग्रियां बरामद हुई थीं। वहीं, सोमवार रात सीएसजेएमयू पहुंची एसआइटी की एक टीम ने विश्वविद्यालय प्रशासन से बरामद डिग्रियों के रिकार्ड मांगे हैं, जिससे उसका सत्यापन हो सके।

यूनिवर्सिटी में टीम गिरोह के खातों व उनके पास से मिली चेकों की बैंकों में जांच करा रही है। जबकि सर्विलांस टीम भी फरार आरोपितों की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है। 

किदवई नगर थाना पुलिस ने फर्जी डिग्री-मार्कशीट बनाकर बेचने वाले गिरोह के सरगना रायबरेली निवासी शैलेंद्र कुमार, कौशांबी के नागेंद्र मणि त्रिपाठी, गाजियाबाद के जाेगेंद्र व शुक्लागंज के अश्वनी कुमार को जेल भेजा था, जबकि पांच आरोपित फरार हैं। पुलिस ने इनके पास से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश समेत 14 राज्यों के नामी विश्वविद्यालय के 1000 से ज्यादा डिग्री और मार्कशीट बरामद की थी।

मामले में एसआइटी की नौ टीमें इस प्रकरण की जांच कर रही है, जिसमें पांच टीमें मंगलायतन विश्वविद्यालय अलीगढ़, जामिया उर्दू अलीगढ़, लिंग्या विश्वविद्यालय फरीदाबाद, ग्लोकल विश्वविद्यालय सहारनपुर, स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ, जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद फिरोजाबाद की जांच करेगी।

अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय एवं अपराध संकल्प शर्मा ने बताया कि एसआइटी की कुल नौ टीमें इस प्रकरण में जांच कर रही है। इसमें विशेष पुलिस अधिकारी 14 हैं, लेकिन उनके सहयोग में सर्विलांस व साइबर क्राइम टीम, थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच के अलग पुलिसकर्मी भी रहेंगे। पांच टीमें दूसरे शहरों में जांच करने पहुंची हैं। वहां पर टीमें जिनकी डिग्री व मार्कशीट मिली हैं। उनके विश्वविद्यालयों से प्रवेश, परीक्षा देने के प्रमाण, कितने दिन उस छात्र की उपस्थिति समेत साक्ष्य जुटाए जाएंगे।

एक टीम हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की फर्जी मार्कशीट की जांच की जांच कर रही है, जबकि एक टीम सर्विलांस के साथ मिलकर जांच में जुटी है। इसके अलावा बैंक खाते-चेकों की जांच व ट्रांजेक्शन आदि की जांच के लिए एक टीम लगाई गई है। इसके अलावा एसआइटी की एक टीम फरार आरोपितों की तलाश में लगाई गई है।

आरोपितों के पास से इन विश्वविद्यालय की मिली थी फर्जी डिग्रियां

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर, लिंग्या विश्वविद्यालय फरीदाबाद, मंगलायतन विश्वविद्यालय अलीगढ़, जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद फिरोजाबाद, एशियन विश्वविद्यालय मणिपुर, ग्लोकल विश्वविद्यालय सहारनपुर, सिक्किम प्रोफेशनल विश्वविद्यालय सिक्किम, प्रज्ञान इंटरनेशनल विश्वविद्यालय झारखंड, स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ, हिमालयन विश्वविद्यालय ईटानगर, हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय उत्तराखंड, श्री कृष्णा विश्वविद्यालय छतरपुर, मोनाड विश्वविद्यालय हापुड़, जामिया उर्दू अलीगढ़ की डिग्रियां व मार्कशीट मिली हैं। वहीं माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज की भी मार्कशीट बरामद हुई थीं।

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