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    कानपुर में गंगा का तेजी से बढ़ रहा जलस्तर, बिठूर में ब्रह्मवर्त खूंटी डूबी, जाने क्या है मान्यता ?

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 07:09 PM (GMT+05:30)

    कानपुर में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बिठूर के ब्रह्मवर्त घाट स्थित ब्रह्म खूंटी मंगलवार को डूब गई। यह अच्छी बारिश का संकेत माना जाता है ...और पढ़ें

    दोपहर को कुछ ही देर में गंगा के जलस्तर से डूबी ब्रह्मवर्त खूंटी। जागरण

    दोपहर को कुछ ही देर में गंगा के जलस्तर से डूबी ब्रह्मवर्त खूंटी। जागरण

    HighLights

    1. कानपुर में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा।

    2. बिठूर की ब्रह्मवर्त खूंटी मंगलवार को डूबी।

    3. कटरी क्षेत्र के किसानों को बाढ़ का खतरा।

    संवाद सहयोगी, बिठूर(कानपुर)। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश के अलावा हरिद्वार और नरौरा से छोड़े जा रहे पानी की वजह से गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से मंगलवार दोपहर 11 बजकर 15 मिनट पर बिठूर के ब्रह्मवर्त घाट स्थित ब्रह्म खूंटी डूब गई।

    करीब 12 बजे तक मंदिर के नीचे सीढ़ियों तक पानी था। कुछ ही देर में अचानक गंगा का पानी बढ़ा और दुनिया के केंद्र बिंदु कही जाने वाली ब्रह्म खूंटी पूरी तरह से डूब गई। मंदिर के पुजारी पंडित देव कुमार उपाध्याय और गंगा सभा अध्यक्ष अनुज कुमार मिश्रा ने बताया दोपहर को देखा तो खूंटी डूबी हुई थी।

    तीर्थ पुरोहित आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि ब्रह्मवर्त खूंटी का डूबना अच्छी बारिश होने का प्रमाण होता है। वैसे अगस्त या सितंबर माह में ब्रह्म खूंटी डूबती थी लेकिन पिछली बार जुलाई में ही खूंटी डूब गई थी। वहीं ब्रह्मवर्त खूंटी के डूबने से आने वाले दिनों में ग्वालटोली, नवाबगंज, बिठूर, क्षेत्र के कटरी इलाके के किसानो की समस्या बढ़ सकती है।

    सब्जी के खेत व अमरूद के बगीचे बाढ़ की चपेट में

    कटरी में सब्जी के खेत और अमरूद के बगीचे बाढ़ की चपेट में आ सकते है जिससे कटरी के बनिया पुरवा दुर्गापुरवा, मक्कापुरवा,चैनपुरवा, भगवान दीन पुरवा के लोगो की मुश्किलें बढ़ सकती है। गंगा की रेती में फसल करने वालो की तरोई, लौकी कद्दू, खीरा,की फसल लगभग डूब चुकी है।

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    बैराज मार्ग पर लेनी पड़ती है शरण

    कटरी क्षेत्र के रहने वाले लोग गंगा बैराज मार्ग पर प्लास्टिक डालकर शरण लेते हैं। कटरी में फसल डूबने से सब्जी भी तेज हो जाती अमरूद और जामुन के पेड़ खराब होने लगते हैं। तहसीलदार ने राजस्व कर्मियों को निर्देशित किया जा रहा है कि कटरी के ग्रामीण इलाको में लोगो को सचेत किया जा रहा है।