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मैट्रिमोनियल साइट से मिल शादी का वादा, फिर बैंक खाते खुलवाए... कानपुर की युवती को ऐसे बनाया साइबर ठगी के खेल का मोहरा

Updated: Tue, 25 Aug 2026 07:09 PM (IST)

कानपुर में एक युवती को मैट्रिमोनियल साइट के जरिए साइबर ठगी का मोहरा बनाया गया, जहां आरोपी ने शादी का ...और पढ़ें

ये फोटो एआई जनरेटेड है।

ये फोटो एआई जनरेटेड है।

संवाद सहयोगी, कल्याणपुर(कानपुर)। यूपी के कानपुर में मैट्रिमोनियल साइट के जरिए युवती को साइबर ठगी के लिए मोहरा बनाया गया। जब उसने पुलिस में शिकायत की तो खुद ही युवक के थाने तक लाने के लिए कह दिया गया। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर केस दर्ज किया गया।

कल्याणपुर में एक युवक ने खुद को रैपिड एक्शन फोर्स में तैनात बताकर युवती को शादी का झांसा दिया और भरोसा जीतकर युवती के तीन बैंक खाते खुलवाये। इसके बाद खातों में साइबर ठगी की रकम का लेनदेन किया। बैंक से आए संदेश के बाद युवती को जानकारी हुई तो उसने थाने में शिकायत की लेकिन मौजूद पुलिस कर्मियों ने उससे ही आरोपित को पकड़ कर लाने की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया। फिलहाल पुलिस आयुक्त के निर्देश पर कल्याणपुर पुलिस ने युवक,उसके साथी और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

आनलाइन मैरिज साइट के जरिए किया संपर्क

कल्याणपुर के लवकुशपुरम निवासी चांदनी चौहान के मुताबिक उसने जनवरी 2026 में शादी के लिए आनलाइन मैरिज साइट पर आइडी बनाई थी। कुछ दिन बाद सूरज उर्फ रणवीर सिंह ने उससे संपर्क किया। 15 अप्रैल को जेड स्क्वायर में दोनों की पहली मुलाकात हुई। जहां सूरज ने खुद को दिल्ली में आरएएफ में तैनात बताया और भरोसा दिलाने के लिए अपना आइडी कार्ड भी दिखाते हुए उससे शादी करने की इच्छा जताई ।

युवती के दस्तावेज लिए

सरकारी नौकरी और उसकी बातों से प्रभावित होकर उसने शादी के लिए हामी भर दी। इसके बाद सूरज ने युवती से आधार कार्ड, पैन कार्ड, मार्कशीट की फोटो समेत अन्य दस्तावेज हासिल कर लिए। उसने बताया कि आरएएफ की नौकरी के साथ वह दोस्तों के साथ कंपनियों के लिए कंप्यूटर और मोबाइल से विज्ञापन बनाने का काम करता है। नौकरी के कारण वह विज्ञापन के काम की रकम अपने खाते में नहीं मंगा सकता।

इन बैंकों में खुलवाए खाते

उसने उससे तीन-चार बैंक खाते खुलवाने को कहा और बताया कि इनमें विज्ञापन के काम की रकम आएगी। इसी पैसे से दोनों शादी करेंगे। उसकी बातों में आकर युवती ने कोटक महिंद्रा बैंक, बैंक आफ महाराष्ट्र और पंजाब नेशनल बैंक की कल्याणपुर शाखा में अपने नाम से तीन खाते खुलवा लिए। आरोप है कि बाद में पासबुक, एटीएम कार्ड और पिन भी सूरज ने अपने दोस्त के माध्यम से मंगवा लिए।

नोटिफिकेशन तक बंद करा दिया

खातों में संदिग्ध लेनदेन के बैंक संदेश आने पर उसने सूरज से इसकी शिकायत की। आरोप है कि सूरज ने भरोसा दिलाते हुए मोबाइल में बैंक नोटिफिकेशन बंद करने की सलाह दी। युवती ने उसकी बात मान ली। इसी बीच सूरज ने अपने एक दोस्त को नकदी की जरूरत बताते हुए किसी परिचित के खाते में आनलाइन रकम भेजने के बदले नकदी लेने की बात कही। युवती ने अपने परिचित शिवम निषाद की दुकान के बैंक खाते और क्यूआर कोड की जानकारी उसे दे दी। आरोप है कि आनलाइन रकम आने के बाद मनीष समेत अन्य लोग नकदी लेकर चले जाते थे।

बड़ी रकम आने की बात कह उसी से सगाई का वादा किया

21 मई को आरोपित सूरज ने उसे गुरुदेव पैलेस मेट्रो की सीढ़ियों के पास बुलाया। वहां शादी की बात दोहराते हुए कहा कि खातों में विज्ञापन के काम से काफी रकम आ रही है और इसी से धूमधाम से शादी करेंगे। जुलाई में रावतपुर में हुई मुलाकात में उसने सगाई के लिए अंगूठी बनवाने के नाम पर युवती की अंगुली की नाप ली और जल्द इंगेजमेंट करने की बात कही।

मोबाइल से दोनों की तस्वीरे डिलीट कर दी

आरोप है कि उसी दिन उसने युवती का मोबाइल लेकर दोनों की साथ की तस्वीरें भी डिलीट कर दीं।सात अगस्त को बैंक से आए तीन संदेशों ने युवती के होश उड़ा दिए। संदेशों में साइबर शिकायत के आधार पर उसके खातों में 15 हजार, 12,034 और 16,750 रुपये की रकम होल्ड किए जाने की जानकारी थी। जिसके बाद उसने सूरज को फोन कर जानकारी मांगी तो उसने विज्ञापन का काम कराने वाली कंपनियों से बात करने की बात कही, लेकिन इसके बाद फोन उठाना बंद कर दिया।

स्टेटमेंट में लाखों का टर्नओवर

उसने बैंक से खातों का स्टेटमेंट निकलवाया तो लाखों रुपये के लेनदेन का पता चला। उसने पुलिस को बताया कि उसने खातों से केवल दो-तीन बार निजी सामान की आनलाइन खरीदारी की थी और भुगतान अपने पैसों से किया था। किसी अजनबी से रकम नहीं मंगाई, न किसी को रकम भेजी और न ही खातों से रुपये निकाले। उसका कहना है कि उसे जानकारी नहीं थी कि उसके नाम से खुले खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जा रहा है।

कल्याणपुर थाने में शिकायत नहीं सुनी गई

आरोप है कि शिकायत लेकर कल्याणपुर थाने पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने उसकी बात नहीं सुनी और आरोपित को खुद पकड़कर लाने के लिए कहा। इसके बाद उसने 12 अगस्त को पुलिस आयुक्त से शिकायत की। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि सूरज उर्फ रणवीर सिंह, मनीष और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्जकर जांच कराई जा रही है।