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    महाराष्ट्र से असम जा रही मालगाड़ी कानपुर में डीरेल, 108 मीटर तक घिसटते रहे डिब्बे, फ्रेट कॉरिडोर 15 घंटे ठप

    Updated: Fri, 26 Jun 2026 08:43 PM (IST)

    कानपुर में महिंद्रा कारों से लदी मालगाड़ी पटरी से उतर गई, जिससे ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर 15 घंटे से अधिक समय तक बाधित रहा। इस घटना में दो वैगन ...और पढ़ें

    न्यू भीमसेन स्टेशन के पास मालगाड़ी पटरी के उतरने के बाद चल रहा काम । जागरण

    न्यू भीमसेन स्टेशन के पास मालगाड़ी पटरी के उतरने के बाद चल रहा काम । जागरण

    HighLights

    1. महिंद्रा कंपनी की कारों को लेकर महाराष्ट्र से असम जा रही मालगाड़ी न्यू भीमसेन जंक्शन के पास हुई दुर्घटनाग्रस्त

    2. घटना के कारण जानने को वाशिंग कोच लाइन में लाए गए तीन वैगन, अन्य वैगन भी कानपुर रोके गए

    जागरण संवाददाता, कानपुर। महिंद्रा कंपनी की नई कारों को लेकर प्रयागराज की ओर जा रही मालगाड़ी कानपुर में डीरेल हो गई। न्यू भीमसेन जंक्शन से ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कारिडोर (ईडीएफसी) पर करीब डेढ़ किमी आगे ट्रैक बदलने के दौरान गुरुवार आधी रात में पटरी से उतरी। डाउन में चल रही 26 वैगन वाली मालगाड़ी के दो वैगन जंपकर अप ट्रैक के बीच में आ गए और 108 मीटर तक घिसटते चले गए। गाड़ी डीरेल होने से 15.25 घंटे ट्रैक बाधित रहा। इसमें अन्य करीब 70-80 मालगाड़ियाों के आवागमन प्रभावित हुआ।

    बताया जा रहा है कि बीआरजीबी कोड वाली मालगाड़ी महाराष्ट्र के औरंगाबाद (संभाजीनगर) स्टेशन से निकली थी, जो पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के असम राज्य के बैहाटा रेलवे स्टेशन पहुंचनी थी। इसमें महिंद्रा कंपनी की करीब 100 नई कारें लोड थीं। घटना में रेल ट्रैक पर सीमेंटेड दो स्पीलर बीच से टूट गए और चार स्टाक-टंग रेल क्षतिग्रस्त हुए हैं। अन्य करीब दो सौ स्लीपर भी प्रभावित हुए हैं। गनीमत रही लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर मालगाड़ी को नियंत्रित किया।

    रात 1:55 पर बजा अलर्ट सायरन

    घटना गुरुवार रात 1:55 बजे हुई। तुरंत बाद सेंट्रल स्टेशन पर तीन बार सायरन बजाकर अलर्ट घोषित किया गया। जिसके बाद ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर (ईडीएफसी) रूट पर अन्य मालगाड़ियों के आवागमन को ब्रेक कर दिया गया था। दूसरे दिन शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे तक ट्रैक बाधित रहा और मरम्मत में 25-30 कर्मी जुटाए गए थे। इस बीच कुल 15.25 घंटे तक ट्रैक बाधित रहने से अन्य मालगाड़ियों का आवागमन पूरी तरह से ठप रहा।

    मालगाड़ी को दो भागों में कर वाशिंग कोच लाइन लाए गए तीन वैगन

    घटना की सुबह मौके पर पहुंची एआइटी मशीन से मालगाड़ी के कुल 26 वैगन से 4, 5 व 6 नंबर के वैगन को अलग किया गया था। इसमें इंजन और उसमें जुड़े एक, दो व तीन और अन्य शेष नंबर के वैगन को ईडीएफसी के न्यू कानपुर स्टेशन पर लाकर खड़ा किया गया है। जबकि, डीरेल हुए चार, पांच व छह नंबर के वैगन को एआइटी मशीन की मदद से वाशिंग कोच लाइन में लाया गया है। इन पर नई कारें लोड हैं। रेल अधिकारी इन तीनों वैगन में तकनीकी व मैकेनिकल जांच कराने की बात कह रहे हैं। जांच के बाद मालगाड़ी को दुरुस्त कर गंतव्य स्थान पर भेजने की बात कही है।

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    दो वैगन पटरी के बीच में घिसटते रहे

    रेलवे ट्रैक का देखभाल करने वाले कर्मियों ने बताया कि घटना का कारण लेन बदलने के दौरान इंजन के साथ चार वैगन आगे निकल जाना और पांचवां वैगन जंप कर अप ट्रैक पर निकल जाना बताया जा रहा है। इंजन के खींचने पर वैगन नंबर चार व पांच अप-डाउन ट्रैक के बीच में आ गए थे और ये दोनों वैगन डीरेल हो गए थे। इस बीच न्यू भीमसेन जंक्शन पर यार्ड के तीनों रूटों पर मालगाड़ियों का आवागमन ठप रहा।

    क्षतिग्रस्त हुए स्टाक एवं टंग रेल

    घटना के दूसरे दिन मौके पर आरबीएमवी (रेल-जनित रखरखाव वाहन-ट्रैक मेंटेनेंस मशीन) मशीन के पायलट स्विचिंग रेल (स्टाक व टंग रेल) लेकर पहुंचे थे। क्रेन से मालगाड़ी के डिब्बों को अलग कर उन्हें सही क्रम में जोड़कर गंतव्य स्थान के लिए रवाना किया गया था। कर्मियों ने बताया कि गाड़ी के डीरेल होने से रेलवे ट्रैक पर क्रासिंग प्वाइंट के पास लगे स्टाक व टंग रेल क्षतिग्रस्त हो गए थे। कई ट्रैक ड्राइव भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

    यार्ड में रात दो बजे खड़ी थीं कई मालगाड़ियां

    घटना के दूसरे दिन भी दोपहर ढाई बजे के समय न्यू भीमसेन जंक्शन यार्ड में चार मालगाड़ियां रुकी थीं और कई रेल इंजन भी खड़े थे। इसमें मुगलसराय जाने वाली मालगाड़ी (इंजन-51003) रात दो बजे से स्टेशन यार्ड में खड़ी थी।

    कई राज्यों तक इसी रूट से माल ढोती हैं मालगाड़ियां

    न्यू भीमसेन जंक्शन के रेलवे ट्रैक से मुख्य रूप से कानपुर-झांसी रेलमार्ग और कानपुर-बांदा-मानिकपुर रेलमार्ग की गाड़ियां गुजरती हैं, जिनका आवागमन बाधित रहा है। रेल अधिकािरियों के मुताबिक, यह उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के झांसी डिवीजन के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण जंक्शन प्वाइंट है। इस मार्ग से मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र (जैसे मुंबई, अहमदाबाद, पुणे) जाने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनें पास होती हैं।