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    Health Alert: खराब पाचन तंत्र से हेपेटाइटिस का खतरा, कहीं आपको भी ये समस्या तो नहीं

    Updated: Sat, 24 Jan 2026 05:01 PM (IST)

    Health Alert: कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के गैस्ट्रो विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने असंतुलित दिनचर्या और खराब खानपान से बिगड़ते पाचन तंत्र पर प्र ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. फल, सलाद, हरी सब्जियां खाएं, पाचन सुधारें।

    2. तंबाकू, शराब से बचें, गट हेल्थ सुरक्षित रखें।

    3. नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद तनाव घटाए।

    जागरण संवाददाता, कानपुर। Health Alert: असंतुलित दिनचर्या, तनाव, अधिक तेल और मसालेदार खाने से गट हेल्थ यानी पाचन तंत्र बिगड़ रहा है। जो गैस्ट्रोएंटेराइटिस यानी पेट का संक्रमण, दस्त, उल्टी, पेट दर्द, अपच, और एसिडिटी के साथ वायरल हेपेटाइटिस के रूप में सामने आता है। खराब पाचन तंत्र शरीर में कई प्रकार की बीमारियों का कारण बनता है। लंबे समय तक पेट की बीमारियों से जूझने वाले मरीजों में मानसिक दोष भी दिखने लगता है।

    इससे बचाव के लिए दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर में जीएसवीएम मेडिकल कालेज के गैस्ट्रो विभागाध्यक्ष डा. विनय कुमार ने पाठकों के सवालों का उत्तर देते हुए उन्हें फल, सलाद और हरी सब्जियों का सेवन करने और तंबाकू और शराब दे दूरी बनाने की सलाह दी। डा. विनय का कहना है कि शरीर में किसी भी प्रकार का नशा सबसे पहले गट हेल्थ को प्रभावित करता है। रोग मुक्त शरीर के लिए स्वस्थ पाचन तंत्र का होना नितांत आवश्यक है। पेश है पाठकों के बातचीत के मुख्य अंश...

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    दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर में पाठकों के सवालों का जवाब देते जीएसवीएम मेडिकल कालेज के चिकित्सक डा. विनय कुमार। जागरण

     

    • 67 वर्ष का हूं, पैरों में सूजन की समस्या रहती है। क्या यह लिवर की समस्या है? - त्रिलोकी पाल, कल्याणपुर।
    • पैरों में सूजन के कई कारण हो सकते हैं, यह बीपी की दवा खाने से हो सकती है। एक बार आप अपने डाक्टर को दिखा लें। दवा की डोज को संशोधित करने से इस समस्या से बचा जा सकता है। पैरों में सूजन के लिए एक बार हृदय और खून की जांच करा लें। थायराइड, शुगर और किडनी की जांच भी कराकर सुपर स्पेशलिस्ट ब्लाक में दिखा लें।



    • पीलिया के शुरुआती लक्षण क्या है। इससे कैसे बचाव करें? - अफसार अहमद, विजय नगर।
    • पीलिया बीमारी होने के कई कारण होते हैं। यह लिवर, पित्त और खून से संबंधित होता है। भूख कम लगना, जी मचलाना, पेट के दाहिनी दर्द होता है। बुखार, आंख का लालपन, मोशन का रंग बदलना और यूरिन के रंग में परिवर्तन होना पीलिया के शुरुआती लक्षण है। वायरल हेपेटाइटिस गंदे पानी, दूषित भोजन और खून में संक्रमण के कारण होता है। हेपेटाइटिस ए और ई से बचाव के लिए गंदे पानी और भोजन से बचें। बी और सी खून के संक्रमण जैसे टैटू बनवाने, दाढ़ी बनवाने और नशे के इंजेक्शन के कारण होता है। इसलिए सतर्क रहें।

     

    खबरें और भी

    • कुछ भी खाते हैं, पेट में भारीपन की समस्या बनी रहती है? - अनिल कुमार, दामोदर नगर। सुमन मिश्रा, साकेत नगर।
    • अधिक वजन के कारण ऐसा होता है। भोजन सीमित करें और आराम से खाएं। मोटापा शरीर में 239 प्रकार की बीमारियों का कारण बनता है। अधिक वजन पेट के साथ खर्राटे, जोड़ों में दर्द जैसी समस्या बनता है। इसलिए वजन को नियंत्रित करें और रोग मुक्त रहें। अगर लंबे समय से इस प्रकार की समस्या है तो एक बार जीएसवीएम मेडिकल के सुपर स्पेशलिस्ट गैस्ट्रो विभाग दिखा लें। जांच के बाद आपकी समस्या को देखा जा सकता है।

     

    • क्या सर्दी में शराब का उपयोग दवा के रूप में किया जाता है? - सिमरजीत सिंह, लालबंगला
    • लोगों में भ्रांति है कि सर्दी में शराब दवा की तरह काम करती है। जबकि शराब की एक बूंद भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। यह हर मौसम में शरीर को नुकसान पहुंचाती है। शराब का सेवन किसी भी प्रकार से हर उम्र में नुकसानदायक होता है।

     

    • मेरी उम्र 57 वर्ष है, हमेशा पेट में दर्द और बुखार की समस्या है? - पद्मा दुबे, बारादेवी। ललित तिवारी, श्याम नगर।
    • बुखार आना पेट की नहीं, बल्कि दूसरी बीमारी का संकेत है। एक बार एलएलआर अस्पताल या सुपर स्पेशलिस्ट ब्लाक के गैस्ट्रो विभाग में दिखा लें। अल्ट्रासाउंड जांच और खून तथा शुगर की जांच कराकर दिखा लें। आपकी समस्या को देखने के बाद इसका निदान किया जा सकता है।

     

    • मेरी उम्र में 62 वर्ष है, सुबह खाने के बाद खट्टी डकार आ रही है। क्या करें? - आरपी शरद, बर्रा छह।
    • अपच की स्थिति में ऐसा होता है। आधी अधूरी नींद और तनाव के कारण भी ऐसा हो सकता है। इसलिए अधिक तेल-मसालेदार खाने से बचें। खाने में फाइबर की मात्रा अधिक रखें। चाय और काफी पीने से बचें। मोटा अनाज का सेवन करने से आप पेट की जुड़ी बीमारियों से बच सकते हैं।

     

    • मेरी उम्र 70 वर्ष है, कब्ज और पाइल्स की समस्या है? - रामबाबू सैनी, पंचवटी। मदन मोहन श्रीवास्वत, गोविंद नगर।
    • एक वर्ष से अगर आपको समस्या है तो एक बार गैस्ट्रो विशेषज्ञ को दिखा लें। कोलोनोस्कोपी कराके इसकी समस्या को देखा जा सकता है। खून की कुछ जांच करके आपकी समस्या को देखा जा सकता है। इसमें खुद से दवाएं नहीं लें। यह गैस्ट्रो की समस्या को और भी बढ़ा सकता है। अधिक उम्र में पाचन तंत्र कमजोर होने लगता है। इसलिए मसालेदार खाने से बचें, खाने में फाइबर की मात्रा अधिक लें। यानी सलाद, मोटा अनाज का सेवन करें। यह पाचन तंत्र के लिए लाभकारी होता है।

     

    • 55 वर्ष का हूं, कुछ भी खाते हैं तो अपच की समस्या होने लगती है। लंबे समय से यह समस्या है? - अरुण मिश्रा, रमईपुर।
    • एक बार आप गैस्ट्रो विशेषज्ञ को दिखा लें। डाइट का विशेष ख्याल रखें। खाने में तेल-मसालेदार खाने से बचें। तंबाकू, शराब और धूम्रपान के कारण ऐसा हो सकता है। अगर किसी भी प्रकार का नशा करते हैं, तो इससे बचें। कब्ज, अपच और गैस की समस्या ज्यादातर मामलों में इस कारण ही होती है।

     

    • डायबिटीज की मरीज हूं, कब्ज से परेशान हूं। इससे कैसे बचें? - सुरेंद्रर कौर, गोविंद नगर। निर्मल सिंह सिसोदिया, अन्ना चौराहा।
    • डायबिटीज के कारण आंतों में कमजोरी आती है। जो पाचन तंत्र को कमजोर करती है। अधिक उम्र और डायबिटीज के कारण ऐसा हो सकता है। इसलिए डायबिटीज को नियंत्रित करें। खाने में सलाद, फल, हरी सब्जियां और पानी की मात्रा को बढ़ाएं। एक बार जीएसवीएसएस पीजीआइ के सुपर स्पेशलिस्ट ब्लाक में दिखाएं।

     

    • देर रात तक और बाथरूम में मोबाइल चलाने की आदत है। क्या इससे गैस्ट्रो से जुड़ी बीमारियों का खतरा हो सकता है? - सनी कुमार, शिवली।
    • जी हां, यह आदत पेट, आंत और पाचन तंत्र की समस्या के साथ मानसिक समस्या को बढ़ा देती है। जब आप तनाव में होते हैं तो एसिट अधिक बनता है, जो पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ा देता है। देर रात तक जागना पूरी दिनचर्या को प्रभावित करता है। इससे पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ती है। मोबाइल की आदत युवा वर्ग में सबसे मिल रही है।


    इन्होंने किए प्रश्न

    मो. शमीम, गुरुदेव। माया रावत, नानकारी। हर गोविंद सिंह, कानपुर देहात। सीता देवी, कल्याणपुर, संजय कुमार, बर्रा गांव। पुष्पराज, कुरसौली। श्याम चरण सिंह, दबौली। नेहा शुक्ला, सर्वोदय नगर। सीताराम कुशवाहा, लालबंगला।

     

    ऐसे करें बचाव

    • दिनचर्या और डाइट को सुधारें।
    • पर्याप्त नींद लें।
    • बिना डाक्टर की सलाह के दवाएं लें।
    • नियमित शारीरिक वर्क करें।
    • 60 वर्ष की उम्र से अधिक में किसी भी प्रकार का बदलाव आने पर जांच कराएं।
    • शराब, तंबाकू का सेवन शरीर और खासतौर पर पेट के लिए बीमारी का कारण बनता है।