चित्रकूट-बांदा में गुटखा सिंडिकेट, पान मसाला के अवैध निर्माण का भंडाफोड़, 185 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी
डीजीजीआई ने बांदा और चित्रकूट में अवैध पान मसाला व गुटखा निर्माण के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस ...और पढ़ें

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HighLights
15,50,922 तैयार पाउच, 32.9 मीट्रिक टन सुपारी व कटी सुपारी, 2.8 मीट्रिक टन तंबाकू, 8.4 मीट्रिक टन पैकेजिंग सामग्री समेत अन्य माल बरामद
अपने पान मसाला के बड़े ब्रांड और सुगंधित जर्दा के कारोबार से भी जुड़ा है कारोबारी, अभी और माल की बरामदगी व कर चोरी मिलने की आशंका
अवैध उत्पादन और माल बाजार में बेचने का जिम्मेदार मानते हुए संबंधित फर्म के मालिक को गिरफ्तार किया गया
जागरण संवाददाता, कानपुर। वस्तु एवं सेवा कर खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआइ) की लखनऊ जोनल इकाई ने बांदा व चित्रकूट में पान मसाला, सुगंधित जर्दा और गुटखा के अवैध ढंग से निर्माण के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। छह ठिकानों पर की गई कार्रवाई में टीम ने 27 पाउच पैकिंग मशीनें जब्त की हैं, जिन्हें विभाग के समक्ष घोषित नहीं किया गया था।
प्रारंभिक जांच में लगभग 185 करोड़ रुपये की जीएसटी, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा (एचएसएनएस) उपकर व केंद्रीय उत्पाद शुल्क की चोरी पकड़ी गई है। मामले में अवैध उत्पादन और माल बाजार में बेचने का जिम्मेदार मानते हुए संबंधित फर्म के मालिक को गिरफ्तार कर लखनऊ स्थित सीमा शुल्क के विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
आईएएनएस न्यूज एजेंसी के अनुसार, टीम ने 18 अगस्त की आधी रात को दो फर्मों से जुड़े परिसरों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इनमें से एक फर्म पान मसाला और संबंधित उत्पादों के निर्माण तथा दूसरी व्यापारिक गतिविधियों से जुड़ी बताई जा रही है। पान मसाला कारोबार से जुड़े लोगों ने बताया कि फर्म के कानपुर व नोएडा से बनने वाले पान मसाला के बड़े ब्रांड के फ्रेंचाइजी माडल पर भी ये दोनों फर्में काम करती हैं।
तलाशी के दौरान जांच टीम के अधिकारियों को 27 अघोषित पाउच पैकिंग मशीनें मिलीं, जिनमें छह मशीनें सुगंधित जर्दा, नौ पान मसाला और 12 दोहरा व देसी गुटखा की पैकिंग में इस्तेमाल की जा रही थीं। इसके अलावा मिश्रण, सुपारी की कटाई और सुखाने के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीनें भी बरामद की गईं। इस दौरान 15,50,922 तैयार पाउच जब्त किए, जो पान मसाला, चबाने वाले तंबाकू, सुगंधित जर्दा और सुगंधित सुपारी के हैं।
अधिकारियों ने बताया कि 32.9 मीट्रिक टन सुपारी और कटी सुपारी, 2.8 मीट्रिक टन तंबाकू, 8.4 मीट्रिक टन पैकेजिंग सामग्री, पाउच व लैमिनेट, 470 किलोग्राम कत्था पाउडर, 850 किलोग्राम ग्लिसरीन, 545 किलोग्राम एसेंस और 256 किलोग्राम बिना पैक किया हुआ पान मसाला जब्त किया गया।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि कथित तौर पर यह पूरा नेटवर्क कई अपंजीकृत परिसरों के माध्यम से संचालित किया जा रहा था। इन स्थानों पर अघोषित मशीनों से उत्पाद तैयार कर बिना आवश्यक कर, उपकर व शुल्क का भुगतान किए बाजार में भेजे जाने की आशंका है। डीजीजीआइ के अधिकारियों ने बताया कि मामले में अभी और माल की बरामदगी तथा कर चोरी से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
चित्रकूट में मैरिज हाल में बन रहा था गुटखा, कारोबारी के भाई को ले गए
कर्वी मुख्यालय के शंकर बाजार में एक पान मसाला और नमकीन बनाने वाले कारखाने में मंगलवार को लखनऊ के नंबर लिखे कई वाहनों में अधिकारी आए थे। एक स्थानीय व्यापारी ने बताया कि टीम गंगा जी रोड में एक मैरिज हाल में टीमें गई थीं, जहां पर गुटखा बनाने का काम किया जाता है। वहां पर कई घंटे तक टीम के अधिकारी डटे रहे। उन्होंने मशीनों से लेकर उत्पादन किए गए माल की जांच की। मैरिज हाल के पास में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि गुटखा फैक्ट्री संचालक डेविड गुप्ता के भाई मनीष को टीम अपने साथ ले गई थी। इस संबंध में कारोबारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया पर बात नहीं हो सकी। हालांकि, ऐसी किसी कार्रवाई से पुलिस ने अभिज्ञता जाहिर की है।
