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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ज्योतिबा फुले श्रमिक कन्यादान योजना : फर्जी आवेदन को अधिकारियों ने भी कर दिया ओके, मुखालय में पकड़ी गई खामी

    By Abhishek AgnihotriEdited By:
    Updated: Sun, 04 Sep 2022 11:31 AM (IST)

    ज्योतिबा फुले श्रमिक कन्यादान योजना में अधिकारियों ने फर्जी आवेदन पर मुहर लगा जांच के लिए भेज दिया। श्रम विभाग मुख्यालय में जांच के दौरान पकड़ी गई आवे ...और पढ़ें

    योजना का लाभ पाने के लिए फर्जी आवेदन।
    योजना का लाभ पाने के लिए फर्जी आवेदन।

    कानपुर, जागरण संवाददाता। श्रमिकों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए सरकार नई-नई योजनाएं ला रही है। इसे श्रमिकों तक पहुंचाने का काम अधिकारियों का है, लेकिन काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी गड़बड़ी करते रहते हैं। श्रम विभाग के जिला कार्यालय से ऐसा ही एक मामला सामने आया है। ज्योतिबा फुले श्रमिक कन्यादान योजना का लाभ लेने के लिए किए गए फर्जी आवेदन पर मुहर लगा कर आगे की जांच के लिए श्रम विभाग मुख्यालय भेज दिया गया, जहां आवेदन में खामी पकड़ी गई और उसे रद कर दिया गया।

    दरअसल, इस योजना के तहत श्रमिक की बेटी के विवाह के बाद एक साल के अंदर आवेदन किया जाता है, इसमें 51 हजार रुपये की आर्थिक मदद की जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए कानपुर मसवानपुर निवासी ममता सोनवानी पुत्री ओम प्रकाश ने 22 मार्च 2022 को आवेदन किया। आवेदन फार्म में विवाह की तिथि 24 दिसंबर 2021 को लिखी गई।

    वहीं, आवेदन में लगाए गए शादी के कार्ड में विवाह की तिथि 18 फरवरी 2022 और विदाई की तिथि 19 नवंबर 2021 अंकित है। इसके साथ ही कार्ड में घर का या शादी समारोह के स्थल के पते का भी जिक्र नहीं है। पहली ही नजर में ही यह आवेदन फर्जी प्रतीत होता है। इसके बाद भी कानपुर श्रम विभाग के जिला कार्यालय के अधिकारियों को इसमें कोई कमी नजर नहीं आई और को स्वीकृति देते हुए आगे की जांच के लिए श्रम विभाग के मुख्यालय भेज दिया गया।