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    कानपुर के जाजमऊ आगजनी गवाह पर हमले में फरार था 20 हजार का इनामी, लखनऊ से गिरफ्तार

    Updated: Fri, 29 May 2026 10:37 PM (GMT+05:30)

    कानपुर में जाजमऊ आगजनी मामले के गवाह पर जानलेवा हमले और रंगदारी मांगने के आरोपी, 20 हजार के इनामी मेराजुल हसन को लखनऊ के चारबाग से गिरफ्तार किया गया ह ...और पढ़ें

    वर्ष 2023 से फरार आरोपित मेराजुल हसन गिरफ्तार। जागरण

    वर्ष 2023 से फरार आरोपित मेराजुल हसन गिरफ्तार। जागरण

    HighLights

    1. वर्ष 2023 से फरार चल रहा था आरोपित कर्नलगंज बजरिया निवासी मेराजुल हसन

    2. जाजमऊ में आगजनी में के मामले में गवाही देने पर पीड़ित पर हुआ था जानलेवा हमला

    जागरण संवाददाता, कानपुर। वर्ष 2023 से फरार चल रहा बीस हजार रुपये के इनामी को लखनऊ के चारबाग स्थित एक होटल से कमिश्नरेट पुलिस टीम ने गुरुवार शाम लखनऊ के चारबाग स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया है। आरोपित पर जाजमऊ में आगजनी के मामले में गवाह को कोर्ट में गवाही देने पर रंगदारी, जानलेवा हमला करने का आरोप है। आरोपित से पूछताछ कर जेल भेज दिया गया है।

    डीसीपी पूर्वी शिवा सिंह ने रेलबाजार कार्यालय में शुक्रवार को मामले का राजफाश करते हुए बताया कि बीते 7 नवंबर 2023 को आईआईटी कल्याणपुर निवासी गूबा गार्डन निवासी विष्णु सैनी ने जाजमऊ में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने थाना ग्वालटोली के शूटर गंज सिविल लाइन निवासी शौकत अली, पूर्व विधायक इरफान सोलंकी के भाई रिजवान सोलंकी , दिलशाद, मोबिन और कर्नलगंज बजरिया निवासी मेराजुल हसन समेत 10 पर दंगा, हत्या का प्रयास और रंगदारी के आरोप में आरोपित थे।

    एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह ने बताया कि मामले के फरार चल रहा आरोपित मो मेराजुल हसन पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। उसे बीती गुरुवार शाम लखनऊ के चारबाग स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया गया। उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपित पर बजरिया थाने में विद्युत चोरी और धोखाधड़ी के मुकदमे भी दर्ज हैं।

    बतादें कि दर्ज मुकदमे में विष्णु सैनी का आरोप था कि उन्हें जाजमऊ में हुुई आगजनी के मामले में कोर्ट में गवाही देने के बाद शौकत और इरफान ने कचहरी में धमकाया था। साथ ही पांच लाख रुपये की रंगदारी लेकर बीते 7 नवंबर 2023 को जाजमऊ के अकील कंपाउंड आने को बुलाया था। साथ ही अपने गुर्गों आशिफ जहां,मेराजुन हसन, मोबिन अहमद, अब्दुल मा मो. दिलशाद अंसारी और मो नईम से पहचान कराकर रुपये देने को कहा था।

    उन्होंने कहा था कि चाहे किडनी बेचो, लीवर बेचो, बीबी के गहने बेचो या अपनी घर जमीन बेचो पर हमें रकम चाहिए। कहा था कि तुम्हारी जान बहुत सस्ते में छोड़ रहे हैं। पीड़ित के अनुसार इसपर वह किसी तरह से 41 हजार रुपये की रकम का इंतजाम करके उनकी बताई जगह पर रात नौ बजे पहुंचा था। जहां पर वह अपने साथी राजू, पप्पू और कल्लू के साथ पहुंचा था। जहां पर कुछ देर बाद आठ आरोपित आशिफ जहां, मेराजुन हसन, मोबिन अहमद, अब्दुल माजिद, इश्तियाक गद्दा, मरगूल आलम और दो अन्य अज्ञात वहां पहुंचे। जहां पर उन्होंने पीटने के बाद कट्टे से फायर किया। कहा कि हमसे कहा गया था कि पैसा लेकर उन्हें मार देना, पर जो फायर किया गया वह मिस हो गया था।

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    बोला आरोपित , चल रहा था बीमार

    आरोपित मो मेराजुल हसन ने मीडिया को बताया कि उसे कारोबारी लेनदेन में फंसाया गया है । उसका विवाद से कोई लेना नहीं है , जिस दिन घटना को लेकर आरोप लगे हैं उसे दौरान उसका उपचार चल रहा था। जिसके सबूत पुलिस के अधिकारियों को भी चुका हूं।