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Kanpur से निकला अभिनय का सपना, बड़े पर्दे पर मिला मुकाम; ‘हनुमान अंश’ में नजर आए निखिल दुबे

Published: Sat, 29 Aug 2026 05:07 PM (IST)

कानपुर के अभिनेता निखिल दुबे नीब करौरी बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' में क्रांतिकारी सुधीर का किरदार ...और पढ़ें

निखिल दुबे। स्वयं

निखिल दुबे। स्वयं

HighLights

  1. कानपुर के निखिल दुबे 'हनुमान अंश' फिल्म में दिखे

  2. नीब करौरी बाबा के जीवन पर आधारित है यह फिल्म

  3. निखिल ने दिल्ली थिएटर से मुंबई तक का सफर तय किया

अनुराग शुक्ला, कानपुर। कैंची धाम वाले नीब करौरी बाबा के जीवन पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' इन दिनों बड़े पर्दे पर धूम मचा रही है। कानपुर से निकलकर अभिनय की दुनिया में अपनी पहचान बनाने का सपना देखने वाले अभिनेता निखिल दुबे इस फिल्म में क्रांतिकारी सुधीर के किरदार में नजर आ रहे हैं। कानपुर देहात निवासी निखिल बताते हैं नौबस्ता में चाचा के घर पला बढ़ा हूं।

अभिनय के प्रति उनका लगाव वर्ष 2014 में दिल्ली के मंडी हाउस तक ले गया, जहां उन्होंने रंगमंच से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की। थिएटर में लगातार काम करते हुए उन्होंने अभिनय की बारीकियां सीखीं, श्रीराम सेंटर रंगमंडल में बतौर अभिनेता काम भी किया। रंगमंच पर मिले अनुभव ने आगे चलकर उन्हें कैमरे के सामने काम करने का आत्मविश्वास दिया।

दिल्ली में थिएटर करने के बाद निखिल ने मुंबई का रुख किया। वर्ष 2022 में मुंबई आने के बाद फिल्मों, वेब सीरीज और विज्ञापनों में काम के लिए लगातार प्रयासरत रहे। इस दौरान वह द वेकिग आफ नेशन, पाताल लोक सीजन-2, सपने वर्सेस एवरीवन सीजन -2, तस्करी और अदृश्यम सीजन-2 जैसी चर्चित वेब सीरीज में नजर आए। निखिल बताते हैं कि जल्द ही ढिंढोरा सीजन-2 भुवन बाम के साथ नजर आएंगे।

निखिल बताते हैं कि हनुमान अंश फिल्म भारत की संत परंपरा और इसकी आध्यात्मिक विरासत की यात्रा का वर्णन करती है। इसमें चमत्कारों से हटकर आध्यात्मिक अनुभवों का बखान किया गया है। हनुमान अंश भक्ति और समर्पण का ऐसा उदाहरण है, जिसमें बाबा नीब करौरी हनुमान जी की भक्ति में ऐसा डूबे की खुद हनुमान अंश हो गए।

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निर्देशक विशाल चतुर्वेदी के साथ निखिल दुबे। स्वयं

अभिनय के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए निखिल ने सलाह दी कि इस पेशे की बारीकियों को सीखने के लिए वर्कशाप और थिएटर करें, ज्यादा से ज्यादा आडिशन दें। निखिल देवतुल्य महापुरुष की कथा का हिस्सा बनने पर खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं। फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी सर का जिन्होंने मुझे इस फिल्म का हिस्सा बनाया। उन्होंने बताया कि बतौर निर्देशक उन्होंने हनुमान अंश की शूटिंग में सनातनी परंपरा को जीवंत रखा।

एक शो ने बदल दी जिंदगी की राह...

मूल रूप में कानपुर देहात के सिकंदरा रेवा के रहने वाले निखिल के पिता सत्यप्रकाश दुबे का गांव के पास ही ढाबा है। उसी से परिवार का भरण पोषण चलता है। बड़े भाई नितिन भी पिता के साथ ढाबे में मदद करते हैं। निखिल बताते हैं कि बचपन से ही नौबस्ता में चाचा वेद प्रकाश दुबे ने मुझे घर में रखकर पढ़ाया लिखाया। आम छात्र की तरह सरकारी नौकरी के लिए पढ़ाई कर रहा था। लेकिन एक दिन अनुपम खेर का शो 'कुछ भी हो सकता है' देख रहा था। उसमें एक लाइन थी कि जो झूठ बोल सकता है वह एक्टर बन सकता है। फिर मैं भी झूठ बोलकर दिल्ली निकल आया और थियेटर करना शुरू किया। बस यहीं से जिंदगी की राह बदल गई। थियेटर करते हुए खुद के खर्चे निकाले और आगे बढ़ता गया। फिल्मों में आने के बाद परिवार वालों को पता चला। उन्होंने मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।