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    Kanpur News: SIT खोलेगी Akhilesh Dubey के और राज, करीबी तीन सीओ, इंस्पेक्टर व दो केडीए अधिकारियों को नोटिस

    By ankur Srivastava Edited By: Anurag Shukla1
    Updated: Sat, 23 Aug 2025 08:56 PM (IST)

    भाजपा नेता से रंगदारी मांगने के आरोप में जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे के गिरोह की जांच एसआईटी कर रही है। जांच में तीन सीओ एक इंस्पेक्टर और केडीए क ...और पढ़ें

    अखिलेश दुबे के करीबी रहे अधिकारियों को नोटिस।
    अखिलेश दुबे के करीबी रहे अधिकारियों को नोटिस।

    HighLights

    1. एसआइटी कर रही अखिलेश दुबे गैंग और आपरेशन महाकाल में आई शिकायतों की जांच
    2. एसआइटी की जांच में ही आए पुलिस अधिकारी व अन्य विभाग के अधिकारियाें के नाम

    जागरण संवाददाता, कानपुर। भाजपा नेता से 50 लाख की रंगदारी न मिलने पर लड़की के जरिए मुकदमा दर्ज कराने के आरोप में जेल में गए अधिवक्ता अखिलेश दुबे की परतें खुलती जा रही हैं। गैंग के खिलाफ आई शिकायतों की जांच कर रही एसआइटी को तीन सीओ, एक इंस्पेक्टर और दो केडीए के एक पूर्व व एक वर्तमान अधिकारी के नाम भी मिले हैं। ये सभी अखिलेश दुबे के काफी करीबी बताए जा रहे हैं। जांच के दौरान कई बिंदुओंं पर इन अधिकारियों के बयान दर्ज करने के लिए अब इन्हें नोटिस भेजा रहा है। 

    शहर में जमीन कब्जाने या रंगदारी मांगने के लिए लड़कियों के जरिए कारोबारियों पर मुकदमा दर्ज कराने वाले गैंग की शिकायत सांसद अशोक रावत ने की थी। इस शिकायत के बाद पुलिस आयुक्त अखिल कुमार ने डीसीपी क्राइम के नेतृत्व में एसआइटी गठित की गई थी। इसमें सबसे पहला मामला बर्रा के जूही कहा डब्ल्यू ब्लाक निवासी भाजपा नेता और होटल कारोबारी रवि सतीजा का एसआइटी के पास आया था। 

    आरोप था कि अधिवक्ता अखिलेश दुबे ने 50 लाख रुपये रंगदारी न मिलने पर अपने गैंग के साथ मिलकर उस्मानपुर की एक लड़की के जरिए कोर्ट से बर्रा थाने में दुष्कर्म के प्रयास व पाक्सो का मुकदमा दर्ज कराया है। हालांकि बर्रा थाना पुलिस की जांच में ही मुकदमा झूठा निकला था, लेकिन अखिलेश दुबे ने रंगदारी मांगना नहीं छोड़ा। एसआइटी ने जांच की तो अखिलेश दुबे गैंग का पर्दाफाश हुआ।

    पुलिस ने रवि सतीजा की तहरीर पर अखिलेश और उसके सहयोगी लवी मिश्रा समेत आरोपितों पर मुकदमा दर्ज किया और अखिलेश व लवी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मुकदमे के बाद से कई होटल कारोबारियों ने पुलिस आयुक्त अखिल कुमार से गुहार लगा अखिलेश दुबे गैंग से हुए उत्पीड़न बयां किए। उन सभी की शिकायतें और आपरेशन महाकाल में आई कुछ शिकायतों की जांच भी एसआइटी कर रही है।

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    पुलिस आयुक्त के स्टाफ आफिसर राजेश पांडेय ने बताया कि एसआइटी के पास अभी कई शिकायते हैं, जिनकी जांच चल रही है। इन्हीं जांच में अखिलेश दुबे गैंग से जुड़े कुछ पुलिस अधिकारी व केडीए अधिकारी के नाम प्रकाश में आए हैं। इनमें लखनऊ में तैनात सीओ विकास पांडेय, हरदोई में तैनात सीओ संतोष सिंह, मैनपुरी में तैनात सीओ ऋषिकांत शुक्ला, पुलिस आयुक्त कार्यालय में जन शिकायत प्रकोष्ठ में रह चुके इंस्पेक्टर आशीष द्विवेदी, केडीए के पूर्व वीसी के पीआरओ रहे महेंद्र सोलंकी, वर्तमान वीसी के पीआरओ कश्यपकांत दुबे हैं। इन सभी से कई बिंदुओं पर पूछताछ कर बयान दर्ज होने हैं। उसके बाद जांच पूरी की जाएगी और मुकदमे के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगा।

    जिन शिकायतों की जांच एसआइटी कर रही है। उसमें कुछ नाम सामने आ रहे हैं। इसमें तीन सीओ, एक इंस्पेक्टर और दो दूसरे विभाग के अधिकारी हैं। उन सभी के बयान के लिए उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है।

    - अखिल कुमार, पुलिस आयुक्त