Kanpur Bullet Train: अब कानपुर से दिल्ली दूर नहीं... 1.50 घंटे में पहुंचाएगी बुलेट ट्रेन, हाईस्पीड रेल से सफर का सपना पूरा
कानपुर से अयोध्या अब नमो भारत कॉरिडोर से डेढ़ घंटे में, और दिल्ली बुलेट ट्रेन से पौने दो घंटे में ...और पढ़ें

यह एक प्रतीकात्मक तस्वीर है।
HighLights
कानपुर-अयोध्या नमो भारत कॉरिडोर से डेढ़ घंटे में यात्रा संभव
दिल्ली-पटना हाई-स्पीड रेल से कानपुर-दिल्ली पौने दो घंटे में
ये परियोजनाएं कानपुर की कनेक्टिविटी, व्यापार, रोजगार को देंगी बढ़ावा
रितेश द्विवेदी, कानपुर। कानपुर से अयोध्या अब करीब डेढ़ घंटे की दूरी पर होगी। दिल्ली का सफर भी भविष्य में दो घंटे से कम समय में पूरा हो सकेगा। सड़क के बाद अब रेल कनेक्टिविटी में हो रहे विस्तार से कानपुर की दूरी प्रदेश के प्रमुख शहरों और देश की राजधानी से लगातार घट रही है।
कानपुर-अयोध्या नमो भारत कारिडोर और प्रस्तावित दिल्ली-पटना हाईस्पीड रेल कारिडोर यानी बुलेट ट्रेन से शहर की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने की तैयारी में हैं। वहीं कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे से दोनों शहरों के बीच सड़क यात्रा का समय भी करीब 45 मिनट तक सिमटने की उम्मीद है।
कानपुर से अयोध्या तक हाईस्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। करीब 187 किलोमीटर लंबे इस कारिडोर पर लगभग 32 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। 14 मई को एनसीआरटीसी और प्रदेश सरकार की बैठक में परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया था।
इसके बाद यूपी कैपिटल रीजन की ओर से भी परियोजना की जानकारी सार्वजनिक की गई। कारिडोर पर नमो भारत ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की योजना है। इससे कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी और अयोध्या के बीच रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के साथ छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और पर्यटकों को फायदा होगा।
कानपुर के नयागंज से शुरू होगी रैपिड रेल की यात्रा
कानपुर में कारिडोर का पहला स्टेशन नयागंज प्रस्तावित है। इसके बाद उन्नाव, बशीरतपुर, नवाबगंज, बंथरा और अमौसी होते हुए लाइन लखनऊ की ओर जाएगी। आगे सुशांत गोल्फ सिटी, जुग्गौर, बरेल, सफदरगंज, भिटरिया और अयोध्या तक स्टेशन प्रस्तावित हैं।
दो चरणों में पूरी होगी योजना
परियोजना को दो चरणों में पूरा करने की योजना है। पहले चरण में नयागंज से लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट तक करीब 67 किलोमीटर का सेक्शन विकसित किया जाएगा। दूसरे चरण में अमौसी से लखनऊ सिटी, बाराबंकी होते हुए अयोध्या तक लाइन बढ़ाई जाएगी।
स्टेशन बनेंगे विकास के केंद्र
प्रस्तावित स्टेशनों के आसपास आर्थिक और वाणिज्यिक हब विकसित करने की योजना है। इससे कारिडोर केवल परिवहन सुविधा नहीं रहेगा, बल्कि इसके आसपास कारोबार और रोजगार की गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं। कानपुर-उन्नाव का औद्योगिक क्षेत्र भी इससे लखनऊ और अयोध्या के बाजारों से तेज कनेक्टिविटी पा सकेगा।
ये है हाईस्पीड रेल परियोजना
कानपुर की दिल्ली से कनेक्टिविटी भी हाईस्पीड रेल परियोजना से बदलने की तैयारी में है। प्रस्तावित दिल्ली-पटना हाईस्पीड रेल कारिडोर में दिल्ली-आगरा-कानपुर-लखनऊ-प्रयागराज-वाराणसी-पटना रूट रखा गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार प्रस्तावित परियोजना में दिल्ली से कानपुर की दूरी करीब एक घंटे 50 मिनट में तय होने का अनुमान है। दिल्ली से आगरा करीब 58 मिनट, लखनऊ दो घंटे 12 मिनट, प्रयागराज करीब तीन घंटे, वाराणसी करीब तीन घंटे 33 मिनट और पटना करीब साढ़े चार घंटे में पहुंचने का अनुमान है।
कानपुर की बदलेगी भूमिका
नमो भारत और हाईस्पीड रेल दोनों परियोजनाओं के आकार लेने पर कानपुर की भूमिका सिर्फ औद्योगिक शहर तक सीमित नहीं रहेगी। शहर दिल्ली, लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी और पटना से तेज रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इससे उद्योग, कारोबार, रोजगार और पर्यटन को गति मिलने की उम्मीद है।
मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कारिडोर निर्माणाधीन
मुंबई-अहमदाबाद के बाद देश में हाईस्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में दिल्ली से बिहार तक प्रस्तावित कारिडोर बड़ी कड़ी माना जा रहा है। मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कारिडोर निर्माणाधीन है और इसकी डिजाइन गति 350 किलोमीटर प्रति घंटा है।
एक्सप्रेसवे के साथ रेल कारिडोर से बदलेगी कानपुर की तस्वीर
सड़क और रेल परियोजनाओं का यह विस्तार कानपुर के लिए कनेक्टिविटी की नई तस्वीर तैयार कर रहा है। लखनऊ एक्सप्रेसवे से सड़क यात्रा तेज होगी, जबकि नमो भारत और हाईस्पीड रेल परियोजनाओं से अयोध्या और दिल्ली तक पहुंच का समय काफी कम हो जाएगा। आने वाले वर्षों में कानपुर से इन शहरों की दूरी किलोमीटर से ज्यादा यात्रा में लगने वाले समय से तय होगी।
