निवेशकों के लिए काम की खबर... इस तरह शेयर मार्केट में निवेश जोखिमभरा, कानपुर के कारोबारी ने गवां दिए 82 लाख रुपये,
कानपुर के चकेरी निवासी कारोबारी सैयद फैय्याज अली रिजवी से साइबर ठगों ने शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का लालच देकर 26 दिनों में 82 लाख रुपये ठग लिए। ठग ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, कानपुर। शेयर मार्केट में निवेश पर कई गुणा लाभांश मिलने का लालच देकर साइबर ठगों ने चकेरी के कारोबारी से 26 दिन में 82 लाख रुपये ठग लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में आइटी एक्ट और धोखाधड़ी का मुकदमा कराया। साइबर टीम जिन खातों में रुपये ट्रांसफर हुए हैं। उनकी जांच कर रही है।
चकेरी के सनिगवां रोउ निवासी कारोबारी सैय्यद फैय्याज अली रिजवी के मुताबिक, उनके पास वाट्सएप पर शेयर ट्रेडिंग के बोर में पहले मैसेज फिर काल आई। उन्हें स्टको कंपनी से शेयर ट्रेडिंग करने पर कई गुणा लाभ मिलने की जानकारी दी। इसके बाद 27 अक्टूबर 2025 वाट्सएप पर एक लिंक भेजा। उसे खोलने पर एक ग्रुप से जुड़ गए। उसमें शेयर मार्केट से संबंधित जानकारी मिलने लगी।
आइपीओ और एआइ म्यूचुअल फंड के लाभ बताए जाने लगे। 16 दिसंबर से ग्रुप में शामिल लोग अपने-अपने निवेश और लाभ लोग दिखाने लगे। 20 जनवरी 2026 को कंपनी की तरफ से सपोर्ट रिप्रेंजेनटेटिव स्वाति वर्मा से चैट पर बात शुरू हुई। स्वाति ने बताया कि एचएनआइ सदस्य को ज्यादा लाभ मिलता है और एचएनआइ की सदस्यता लेने पर 30 दिन निश्शुल्क सदस्यता के लिए एक वेब लिंक भेजा गया।
लिंक से स्टोको एचएनआइ को डाउनलोड करने को कहा। एप डाउनलोड करने के बाद मोबाइल नंबर को एचएनआइ अकाउंट नंबर के रूप में पंजीकृत किया और अकाउंट को सक्रिय करने के लिए मैसेज में आए एक्सक्लूसिव कोड को डालकर अकाउंट सक्रिय किया। इसके बाद जब कंपनी से सेबी का पंजीकरण मांगा तो स्वाति ने उसका पंजीकरण प्रमाण पत्र आनलाइन देखने को कहा। जब जांच की तो सेबी में साउथ एसियन स्टाक्स लिमिटेड के नाम से ब्राेकिंग कंपनी पंजीकृत मिली, जिसका कार्यालय पूर्वी दिल्ली कड़कड्डूमा मेट्रो स्टेशन ऋषभ विहार दिखाया गया।
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स्वाति लगातार उनके संपर्क में रही है। इसके बाद कंपनी ने 120 शेयर आवंटित कर दिए गए, जिसकी वैल्यू 9000 रुपये दिख रही थी। कंपनी ने रुपये जमा करने को कहा। एप में रुपये जमा करने का विकल्प न होने पर स्वाति ने अलग से बैंक अकाउंट की जानकारी दी। 22 जनवरी को बताए अकाउंट यस बैंक के बीके इंटरप्राइजेज नाम के खाते में 9000 रुपये जमा कर दिए। उसमें 5000 रुपये का लाभांश दिखाया यगा।
इसके बाद 5000 और निवेश करने को कहा गया। उन्होंने 10000 रुपये जमा कर दिए। इसके बाद 29 जनवरी को 50000 रुपये, 30 जनवरी को 40000 रुपये, 31 जनवरी को 10000 रुपये, दो फरवरी को पांच लाख रुपये जमा किए। इसके बा भी स्वाति के बताए अनुसार व एप पर उसके लगातार बढ़ रहे लाभांश में आकर रुपये जमा करते रहे। उन्होंने 22 जनवरी से 16 फरवरी 2026 तक कुल 82 लाख रुपये विभिन्न बैंक अकाउंट में जमा किए।
उन्होंने लाभांश निकालने के लिए प्रयास किया, पर उनसे और निवेश करने का दबाव बनाया जाने लगा। ठगी का अहसास होने पर साइबर सेल में शिकायत की और साइबर क्राइम थाने में मुकदमा कराया। थाना प्रभारी सतीश चंद्र ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। जिन बैंक अकाउंट में रुपये ट्रांसफर किए गए। उनका पता लगाया जा रहा है।