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कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड: बहू को 21 दिन बाद राहत, कोर्ट ने दिए रिहाई के आदेश; जेल से रोते हुए बाहर आई शालू

Published: Mon, 28 Sep 2026 04:27 PM (IST)Updated: Mon, 28 Sep 2026 07:45 PM (IST)

कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में गिरफ्तार बहू शालू को कोर्ट ने रिहा करने का आदेश दिया है। ...और पढ़ें

HighLights

  1. दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में शालू को रिहाई का आदेश

  2. जांच में शालू की भूमिका नहीं मिली, बेटे सुब्रत की संलिप्तता

  3. कोर्ट ने 50 हजार के निजी मुचलके पर रिहा करने को कहा

जागरण संवाददाता, कानपुर। आखिरकार कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बहू को राहत मिल ही गई। 21 दिन बाद बहू शालू को कोर्ट ने राहत के आदेश दे दिए हैं। शाम करीब साढ़े सात बजे वह जेल से रिहा हुई। बता दें कि कानपुर के चर्चित विनीत मनोचा हत्याकांड में मृतक की बहू शालू मनोचा की गिरफ्तारी 6 सितंबर 2026 को हुई थी। 

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार शुक्ला की कोर्ट ने दवा कारोबारी की हत्या में गिरफ्तार बहू शालू की रिहाई का आदेश दिया है। जेल अधीक्षक से कहा है कि अगर वह अन्य किसी मुकदमे में वांछित नहीं है तो उसे तत्काल रिहा किया जाए। 50 हजार का व्यक्तिगत बंध पत्र दाखिल करने और इस आशय की अंडरटेकिंग देने के लिए कहा है कि जब भी कोर्ट या विवेचक द्वारा उसे बुलाया जाएगा तो वह उपस्थित होगी। व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करने पर रिहाई का परवाना जेल भेज दिया गया है। देर शाम साढ़े सात बजे उसे जेल से रिहा कर दिया गया।

 Shalu

जेल से बाहर निकलते ही उनके साथ बहन सोनिया और भाई धीरज थे। जेल से शालू राते हुए निकलीं। इसके बाद बिना किसी से बात किए हुए कार में बैठ गईं। वहीं उनके भाई धीरज ने कहा कि परिवार के लोग खुश हैं। जांच पूरी तरह से निष्पक्ष हुई है। पुलिस ने अपना काम अच्छी तरह से किया है। चीजें सभी क्लियर हैं। वहीं, शालू के पति सुब्रत को लेकर पूछे गए सवाल पर धीरज ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया। 

Kanpur Drug Businessman Murder Case

भाई धीरज और बहन सोनिया सहित अन्य रिश्तेदार लेने आए

शालू जेल से शाम साढ़े सात बजे रिहा हुई। भाई धीरज और बहन सोनिया उसे अन्य रिश्तेदारों के साथ लेने आए थे। शालू जेल से बाहर निकली तो चेहरा पूरी तरह से ढका हुआ था। उन्होंने उस वक्त मीडिया से बात नहीं की। हालांकि, बाद में शालू ने अपने अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित के चैंबर में दैनिक जागरण के पत्रकार के साथ लंबी बात की।

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जेल से रिहा हुई दवा कारोबारी की बहू शालू। जागरण 

जेल से छूटते ही बोली शालू- मुझे तो विशाल पर ही शक था

शालू ने बताया कि उस रोज जब वह घर पहुंची तो वहां के हालात देखकर चौक गई। उसने छूटते ही पति से कहा कि यह काम विशाल कर सकता है, क्योंकि वह पापा से चिढ़ता है। लेकिन, सुब्रत ने उसकी बात अनसुनी कर दी। उसने बताया कि वह सीधे लखनऊ जा रही है, जहां वह मायके में अपने बेटे से मिलेगी। पति को लेकर शालू ने ज्यादा बात नहीं की।

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जेल से रिहा होने के बाद घर जाती शालू । जागरण

पति सुब्रत को भी बताई थी ये बात

उसने बताया कि वह पहले दिन से ही कर रही थी कि उसने कुछ नहीं किया। वह बेकसूर है। मुझे विशाल पर ही शक था। ये बात पति सुब्रत को भी बताई थी, पर उन्होंने अनसुना कर दिया। वह अब यहां से सीधे लखनऊ जा रही है, जहां वह मायके में अपने बेटे से मिलेगी। पति को लेकर शालू ने ज्यादा बात नहीं की। 

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जेल  रिहा होने के बाद भाई धीरज से रोती शालू । जागरण

हत्यारोपित का झूठा बयान शालू की रिहाई का आधार, पुलिस ने ली विधिक राय

दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बेटे सुब्रत के गुनाह स्वीकार करने और उसे जेल भेजे जाने के बाद पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल और अपर पुलिस आयुक्त अपराध-मुख्यालय संकल्प शर्मा ने विवेचक कल्याणपुर इंस्पेक्टर केशव तिवारी व कानूनी सलाहकारों के साथ बैठक की। इसमें शालू की जेल से रिहाई के लिए चार बिंदु तैयार किए, जिससे वह कोर्ट में बता सकें कि शालू पुलिस की जांच में अब बेकसूर है और उसकी रिहाई हो। इसमें महत्वपूर्ण बिंदु हत्यारोपित विशाल के पूर्व के बयान को झूठा बताए जाना था। इसका प्रार्थना पत्र तैयार कर लिया गया। प्रभारी संयुक्त निदेशक अभियोजन पवन मिश्रा ने बताया कि विवेचक ने बीएनएसएस की धारा 189, जो साक्ष्य अपर्याप्त होने पर आरोपित की रिहाई की धारा है। इसको लेकर विधिक राय मांगी थी, जो दे दी गई है।


ये थे शालू की रिहाई कराने के प्रमुख बिंदु

  • विशाल ने पहले शालू पर हत्या कराए जाने का आरोप लगा बयान दिया। पुलिस अब कह रही है कि विशाल ने सुब्रत के कहने पर झूठा बयान दिया था।
  • अपार्टमेंट के सिक्योरिटी गार्डों के इंचार्ज मदन सिंह ने बयान दिया कि शालू ने विशाल का नाम शुभम बता उसकी एंट्री कराई थी। पुलिस के अनुसार, सुब्रत ने योजनाबद्ध तरीके से शालू से मदन को फोन कराया था, क्योंकि उसके पिता विशाल को पसंद नहीं करते थे।
  • विशाल ने कहा था कि घर की डुप्लीकेट चाबी शालू ने दी थी, पर पुलिस की जांच में सामने आया कि सुब्रत ने विशाल से कहकर 80 फीट रोड, अशोक नगर के पास दुकान से बनवाई थी।
  • हत्या की साजिश में इस्तेमाल किए गए नए सिम नंबर को लेकर पुलिस का जवाब है कि विशाल ने सिम शुभम नाम से लिया था। उसने सुब्रत को पहली काल की। इसके बाद सुब्रत ने ही शालू को उसका नंबर वाट्सएप पर मैसेज किया था, जिससे वह अपने काम के लिए काल करे। जब विशाल पकड़ा जाएगा तो शालू का नाम लेगा। काल डिटेल भी दोनों की मिलेगी।

पांच सितंबर को हुई थी हत्या

कल्याणपुर के इंदिरा नगर स्थित रतन आर्बिट में घुसकर दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की पांच सितंबर को चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने विनीत के पुराने नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया था। विशाल ने पुलिस को पूछताछ में शालू के कहने पर हत्या करने की बात बताई थी।

शालू की नहीं मिली थी भूमिका

इसके आधार पर पुलिस ने शालू को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। बाद में विशाल, राजकिशोर और शालू की पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसीआर) लेकर पूछताछ की गई। विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों से पुलिस को शालू की भूमिका नहीं मिली और हत्या की साजिश में दवा कारोबारी विनीत के बेटे सुब्रत की भूमिका सामने आई। इस पर उसे गिरफ्तार किया था।

शालू ही रिहाई का दिय गया प्रार्थना पत्र

विवेचक केशव कुमार तिवारी की तरफ से कोर्ट में शालू की रिहाई का प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें कहा था कि विवेचना के दौरान शालू के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न पाए जाने के कारण उसके खिलाफ विवेचना समाप्त की गई है। इसलिए उसका न्यायिक रिमांड निरस्त किया जाए।

Kanpur Vineet Minocha Murder  (1)

सुब्रत ने गुनाह कबूल किया

विनीत मिनोचा की हत्या की योजना बनाने और कराने में सुब्रत मिनोचा की भूमिका के संबंध में महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रकाश में आए हैं। शालू के विरुद्ध हत्या की पूर्व योजना में जानबूझकर सम्मिलित होने और हत्या कराने की जानकारी का कोई स्वतंत्र और विश्वसनीय पुष्टिकारक साक्ष्य वर्तमान तक नहीं मिला है। शालू के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि 50 हजार का व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करने पर रिहाई का परवाना जेल भेज दिया गया है।

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