Kanpur के Delivery Boy के खाते से Rs 130 करोड़ का खेल! 19 कंपनियों से जुड़े तार, कानपुर पुलिस भी हैरान
कानपुर पुलिस ने एक डिलीवरी ब्वाय के खाते से 130 करोड़ रुपये के लेनदेन के आरोप में दो एजेंटों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने 9 महीने में 19 कंपनियों ...और पढ़ें

यह फोटो एआई जनरेटेड है।
HighLights
बेकनगंज निवासी डिलीवरी ब्वाय ने स्वरूप नगर थाने में दर्ज कराया मुकदमा
दो गिरफ्तार, आरोपित एजेंटों में से एक बीकाम छात्र और दूसरा बीएस पास साथी
दिल्ली-यूपी की करीब 19 कंपनियों के खाते से लेनदेन , साइबर ठगी या फर्जी जीएसटी का संदेह
जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर के बेकनगंज निवासी एक डिलीवरी बॉय के नाम पर खुले बैंक खाते से ₹130 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्वरूप नगर पुलिस ने इस मामले में दो एजेंटों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक बीकॉम का छात्र है। जांच में पता चला कि इस खाते के जरिए दिल्ली और यूपी की लगभग 19 फर्जी कंपनियों से करोड़ों का लेनदेन किया गया।
पीड़ित डिलीवरी ब्वाय का कहना है कि पहले यह रकम 35 करोड़ रुपये थी जब पुलिस ने बैंक खातों से जानकारी जुटाई तो यह रकम बढ़कर 130 करोड़ रुपये पहुंच गई। पुलिस आरोपितों के पास मौजूद म्यूल खातों की संख्या के बारे में जानकारी जुटा रही है। जिससे आरोपितों के नेटवर्क के बारे में जानकारी की जा सके। पकड़े गए एजेंटों ने शहर के साथ ही दिल्ली और प्रदेश की करीब 19 कंपनियों के खाते से लेनदेन किया है। पुलिस ने आरोपितों के पास से एक लैपटाप, रुपये गिनने की मशीन, छह मोबाइल फोन, 28 चेकबुक, 19 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।
व्यापार में हुआ नुकसान तो बना डिलीवरी ब्वाय
बेकनगंज के पेचबाग निवासी डिलीवरी मैन ओवेस का कुछ साल पहले व्यापार था। जिसके लिए उन्होंने बैंक में करंट अकाउंट खुलवाया था। व्यापार में नुकसान होने पर वह दूसरा काम करने लगे। इस बीच उनकी मुलाकात बेकनगंज निवासी मो.अमान और चमनगंज निवासी मो.वसीउद्दीन उर्फ सरताज से हुई। इन लोगों ने विदेश में रहने वाले भाई से खाते में रुपये मंगवाने की बात कहकर किराए पर खाता लेकर चेकबुक व एटीएम ले लिया। जिसके एवज में उसे हर महीने 20 हजार रुपये का कमीशन दिया जाता था।
नौ माह में 130 करोड़ का लेनदेन
आरोपितों ने नौ माह के अंदर उनके खाते में 35 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन कर डाला। जिसकी जानकारी होने पर ओवैस ने पुलिस से शिकायत की। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार को जब बैंक खुलने पर खाते की जांच की गई तो नौ माह में 35 की जगह 130 करोड़ रुपये का लेनदेन करने की बात सामने आई। आरोपितों के पास ऐसे कितने म्यूल बैंक अकाउंट है। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। एजेंट अमान जहां बीकाम अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है वहीं वसीउद्दीन उर्फ सरताज बीए पास है।
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डिलीवरी ब्वाय की चेकों से लेनदेन
आरोपितों के पास से दो फर्मों के बैनर 39 साइन की हुई चेक, दो किराएदारीनामा, दो एग्रीमेंट एक सहमति पत्र और तीन आधारकार्ड बरामद हुए हैं। वहीं पीड़ित ओवैस का कहना है कि उसके द्वारा दी गई चेकों से ज्यादा का उपयोग एजेंटाें ने करते हुए करोड़ों का लेनदेन कर डाला है। प्रारंभिक जांच में रुपये साइबर ठगी या फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी वापसी का अंदेशा जताया जा रहा है जिसकी जांच की जा रही है।