यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sabarmati Express Derail: हादसे के बाद रातभर में ठीक किया ट्रैक, सुबह चलाई गई मालगाड़ी
ट्रैक पर रेल पटरी का टुकड़ा फंसाकर वाराणसी-अहमदाबाद जा रही साबरमती एक्सप्रेस को पलटाने का षड्यंत्र रचा गया। पटरी का टुकड़ा इंजन के कैटल गार्ड में फंस ...और पढ़ें

HighLights
- पहले मालगाड़ी गुजरने के बाद अप और डाउन लाइन शुरू
- हादसे में ट्रेन इंजन के साथ ही 21 डिब्बे बेपटरी हो गए थे।
जागरण संवाददाता, कानपुर। साबरमती एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद से ठप झांसी की अप लाइन पर रेलवे ने देर रात तक काम किया। सुबह तक ट्रैक को दुरुस्त कर लिया गया। इसके बाद परिचालन की स्थिति देखने के लिए 7.41 बजे पहली मालगाड़ी गुजारी गई। यह मालगाड़ी काशन देकर निकली गई। इसी के साथ अप और डाउन लाइन को भी पूरी तरह खोल दिया गया।
शुक्रवार की देर रात गोविंदपुरी और भीमसेन के बीच पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में देर रात वाराणसी से अहमदाबाद जा रही साबरमती एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। ट्रेन का इंजन के साथ ही 21 डिब्बे बेपटरी हो गए थे। शनिवार की सुबह कोच को हटाने का काम शुरू हुआ। रेलवे ने डिरेल हुए सभी कोच को रात करीब 11 बजे ट्रैक से हटा दिया था।
#WATCH | Kanpur, Uttar Pradesh: Kanpur-Jhansi Railway track has been restored after 22 bogies of the Sabarmati Express derailed yesterday pic.twitter.com/c12rbGiPNq
— ANI (@ANI) August 18, 2024
शनिवार की दोपहर में ही ट्रैक बिछाने का काम शुरू कर दिया गया था जो रात भर चला। सुबह करीब छह बजे ट्रैक को दुरुस्त करने की बात अधिकारी कह रहे हैं। सुबह 6.40 बजे तक दोनो ओएचई लाइन को भी चार्ज कर लिया गया।
इसके बाद सही की गई लाइन पर पहली ट्रेन बतौर मालगाड़ी निकालने का निर्णय लिया गया। सुबह 7.41 बजे पहली मालगाड़ी निकली। पूरी तरह से आश्वस्त होने के बाद अधिकारियो ने अप और डाउन लाइन को शुरू करने की अनुमति दे दी।
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उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि पहली मालगाड़ी निकालने के साथ ही दोनो लाइनों को शुरू कर दिया गया है। बता दें उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज से आए अधिकारियों की टीम रातभर घटनास्थल पर मौजूद रही और अपने दिशा निर्देशन में ट्रैक मरम्मतीकरण का काम पूरा कराया। ट्रैक शुरू होने के बाद अधिकारियों की टीम वापस प्रयागराज चली गई।

