विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Kanpur Tender Scam: टेंडर धांधली में शिकंजा और कसेगा, 7 और कर्मियों-अभियंताओं पर निलंबन की तैयारी, 12 पहले ही नपे

Published: Mon, 31 Aug 2026 08:09 PM (IST)

कानपुर नगर निगम में टेंडर धांधली का मामला गहराता जा रहा है, जिसमें अब तक 12 कर्मचारी निलंबित हो चुके ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. टेंडर धांधली में अब तक 12 कर्मचारी निलंबित किए गए

  2. तीन और कर्मचारी, चार अभियंताओं के निलंबन की तैयारी

  3. लेखा, आडिट, अभियंत्रण विभागों में गहन छानबीन जारी

जागरण संवाददाता, कानपुर। नगर निगम में टेंडर धांधली का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस जांच के अलावा एसआइटी, सीडीओ की अगुवाई में बनी कमेटी और खुफिया जांच कर रहा है। अभी तक लापरवाही और गड़बड़ी में 12 स्विचमैन व गैंगमैन को निलंबित किया जा चुका है।

इसके अलावा एक अभियंत्रण विभाग के कर्मचारी को निलंबित किया गया। हालांकि अभी नगर निगम ने आदेश नहीं जारी किया है। इसके अलावा तीन और कर्मचारियों के साथ ही चार अभियंताओं के निलंबन की संस्तुति शासन से करने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा लेखा, आडिट और अभियंत्रण विभाग के कार्यों की छानबीन की जा रही है।

मुख्यमंत्री की फटकार के बाद से नगर आयुक्त अब तक 12 कर्मचारियों को निलंबित कर चुके है। अभियंत्रण विभाग का कर्मचारी भूपेंद्र सिंह को भी निलंबित कर दिया गया है हालांकि अभी कागज नहीं जारी किया गया है। कर्मचारी ने बताया कि अभी उसको कोई आदेश नहीं मिला है। वह कार्यालय में कार्य भी देख रहा है।

तकनीकी समिति में शामिल अधिशासी अभियंता दिवाकर भास्कर, सहायक अभियंता माणिक चंद्र और अवर अभियंता दिनेश प्रसाद भी जांच के घेरे में आ रहे है। अवर अभियंता दिनेश प्रसाद को पहले ही नगर आयुक्त ने जोन से हटा दिया है।

वहीं दो और अवर अभियंता बालेंद्र सिंह और आकाश दीप भी हाट मिक्स प्लांट के दस्तावेजों और निरीक्षण में अनदेखी करने में घेरे में आ गए है। सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि चार अभियंताओं के खिलाफ शासन में संस्तुति की जा रही है। वहीं सभी आवंटित सरकारी आवासों के दस्तावेज देखे जा रहे है। कहीं नियम विपरीत आवास आवंटित तो नहीं कर दिया गया है। उसको निरस्त किया जाएगा।

टेंडर धांधली की आंच अब केडीए तक पहुंची

नगर निगम में टेंडर धांधली की आंच केडीए व पीडब्ल्यूडी तक पहुंच गई है। यहां भी पुलिंग से टेंडर कराए जाते हैं। यहां माननीयों के बिना कोई टेंडर दूसरे को नहीं मिल सकता। टेंडर होने से पहले तय हो जाता है कि कौन सा ठेका किस फर्म को मिलेगा। नगर निगम में अब तक सात कंपनी ब्लैक लिस्ट करने के साथ ही तीन ठेकेदारों पर मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। इसके अलावा 12 कर्मचारियों को निलंबित और तीन कर्मचारियों का स्थानांतरण कर दिया गया है। नगर निगम में हाट मिक्स प्लांट से अन्य विभागों में भी कार्य कराए जाते हैं।

टेंडर धांधली में सीडीओ ने तलब किए दस्तावेज

नगर निगम में टेंडरों की धांधली के मामले में सोमवार को सीडीओ ने जांच अपने हाथों में ले ली। मंडलायुक्त के.विजयेन्द्र पांडियन के आदेश पर सीडीओ अभिनव जे जैन की अध्यक्षा में गठित कमेटी ने सोमवार को नगर निगम के अधिशासी अभियंता आलोक श्रीवास्तव, आरके तिवारी, कमलेश पटेल और दिवाकर भास्कर को विकास भवन बुलाकर जानकार ली। सीडीओ ने बताया कि चारों अभियंताओं से उनके कामों की जानकारी लेने के बाद सभी से अलग-अलग जोन के कामों के दस्तावेजों को लेकर आने को कहा है। अगली बैठक के बाद ही जांच सही दिशा में आगे बढ़ सकेगी।