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Kanpur Nagar Nigam Scam: SIT फिर पहुंची नगर निगम, सरगना का क्वार्टर सील, तलाश में राजस्थान गई पुलिस

Published: Wed, 02 Sep 2026 05:13 PM (IST)

एसआईटी ने कानपुर नगर निगम में टेंडर धांधली की जांच के तहत चौथी बार अभियंत्रण विभाग का दौरा किया और ...और पढ़ें

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HighLights

  1. एसआईटी ने कानपुर नगर निगम में चौथी बार जांच की

  2. मुख्य आरोपी गोविंद शर्मा का क्वार्टर सील, पुलिस तलाश में

  3. कर्मचारी जांच में उत्पीड़न का आरोप लगा रहे हैं

जागरण संवाददाता, कानपुर। ब्लैकलिस्ट हुई फर्मों के ठेकदारों के खिलाफ जांच कर रही एसआइटी चौथी बार मंगलवार को नगर निगम के अभियंत्रण विभाग पहुंची। यहां मुख्य अभियंता सैय्यद फरीद अख्तर जैदी कार्यालय में नहीं मिले। सवा घंटे ठेकेदारों से जुड़ी फाइलें व अन्य दस्तावेज खंगालने के बाद टेंडर प्रक्रिया जानी। इसके बाद मुकदमा कराने वाले अधिशासी अभियंता आरके सिंह और कमलेश पटेल के साथ आरोपित दो ठेकेदारों के भौंती व रमईपुर स्थित हाटमिक्स प्लांट देखने पहुंचीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 अगस्त को नगर निगम में टेंडर में धांधली और अवैध टैक्स वसूली को लेकर नाराजगी जता कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके बाद नगर आयुक्त की टीम ने जांच करते हुए सात फर्मों को ब्लैकलिस्टेड कर दिया। इसमें छह ठेकेदारों के खिलाफ पांच मुकदमे स्वरूप नगर में और सिंडिकेट के सरगना गोविंद शर्मा, रज्जन बाजपेई, संदीप जैन के खिलाफ फजलगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। संदीप व रज्जन को जेल भेजा गया, जबकि गोविंद फरार है।

एसआइटी मंगलवार सुबह 11:30 बजे अभियंत्रण विभाग पहुंची और दस्तावेज, ब्लैकलिस्टेड फर्मों की फाइलें खंगालते हुए कर्मचारियों से पूछताछ की। हालांकि कुछ अफसर और कर्मचारियों ने कई जानकारियां देने से इन्कार कर दिया। इसके बाद एसआइटी प्रभारी डा. अर्चना सिंह अधिशासी अभियंता आरके सिंह और कमलेश पटेल को अपने साथ ठेकेदारों के हाटमिक्स प्लांट देखने के लिए ले गईं। दोनों अधिशासी अभियंता अपनी कार से गए थे।

एसआइटी ने भौंती स्थित मेसर्स अजय इंटरप्राइजेज, रमईपुर स्थित मेसर्स दिलीप बाजपेई फर्म को देखा और उसके बारे में जानकारी ली। इससे पहले भी एसआइटी मेसर्स कैलादेवी कंस्ट्रक्शन, मेसर्स तिरुपति ट्रेडर्स व मेसर्स पारसनाथ बिल्डर्स के हाटमिक्स प्लांट में जांच पड़ताल करने जा चुकी हैं। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि एसआइटी जांच कर रही है। अफसरों व कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

सरगना की तलाश में फिर राजस्थान गई पुलिस

ठेकेदारों के सिंडिकेट का सरगना गोविंद शर्मा की कार कुछ दिन पहले राजस्थान के एक आश्रम से बरामद हुई थी लेकिन वह और उसका बेटा वहां से पहले ही निकल गए थे। इसके बाद आगरा के कमला नगर स्थित उसके घर दबिश दी गई, पर वह नहीं मिला। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि एक बार फिर पुलिस की एक टीम राजस्थान और दूसरी टीम आगरा दबिश देने गई है।

टेंडर धांधली के सरगना गोविंद शर्मा का क्वार्टर सील

नगर निगम में टेंडर धांधली के मास्टरमाइंड गोविंद शर्मा ने फजलगंज में केडीए का क्वार्टर किराये पर ले रखा था। उसकी किरायेदारी निरस्त होने और कोर्ट से विरोध में दायर याचिका रद होने के बाद मंगलवार शाम केडीए की टीम ने क्वार्टर पर अपना कब्जा लेते हुए सील कर दिया। इसके अलावा दो और क्वार्टर सील कर दिए।

मासिक किराए पर हुआ था आवंटित

मुकदमा होने के बाद से गोविंद शर्मा फरार है। केडीए के विशेष कार्याधिकारी और विधि अधिकारी सत शुक्ला ने बताया कि फजलगंज की केएनटी बिल्डिंग में दो कमरों का क्वार्टर नंबर चार गोविंद शुक्ला को मासिक किराये पर आवंटित हुआ था। कुछ माह पहले किरायेदारी निरस्त कर दी गई लेकिन गोविंद सिविल कोर्ट चला गया। वहां से पैरवी पिछले माह निरस्त हो गई। मंगलवार को केडीए की टीम ने गोविंद शर्मा के मकान को सील कर अपना ताला लगा दिया। साथ ही नोटिस चस्पा कर दी है। इसके क्वार्टर के बाहर भाजपा के एक कार्यक्रम का पोस्टर भी लगा था, जिसमें गोविंद शर्मा की फोटो भी लगी है।

इनके क्वार्टर भी सील

इसके अलावा मोहन शर्मा के क्वार्टर नंबर आठ और रूपेश शुक्ला के क्वार्टर नंबर एक को भी सील कर दिया। रूपेश की पत्नी ने सविता शुक्ला ने बताया कि बिना बताए सील कर दिया। उनका सामान अंदर बंद है। विशेष कार्याधिकारी ने बताया कि सभी को नोटिस दी गई थी कि क्वार्टर खाली कर दें। अगर उनका सामान बंद है तो क्वार्टर खुलवाकर सामान दिला दिया जाएगा।


आरोप- जांच में कर्मचारियों को शामिल करके हो रहा उत्पीड़न

नगर निगम के ठेकों को लेकर हो रही जांच में कर्मचारियों को शामिल कर उत्पीड़न किया जा रहा है। इसको लेकर संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति की अगुवाई में कर्मचारियों ने आक्रोश जताया है। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को ज्ञापन देकर कहा कि कर्मचारियों की फर्जी शिकायत एसआइटी को की जा रही है। इसकी वजह से कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। रमाकांत मिश्रा, हरीओम बाल्मीकि, जयपाल सिंह, राम गोपाल चौधरी, उस्मान अली शाह आदि थे।

एडवांस कार्य करने से कतरा रहे ठेकेदार

नगर निगम में अब ठेकेदार एडवांस कार्य करने से कतरा रहे हैं। अफसरों और कर्मचारियों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। त्योहार और वीआइपी आने पर नगर निगम या अन्य विभाग ठेकेदारों से एडवांस कार्य कराते हैं, बाद में फाइल बनाकर भुगतान कर दिया जाता है। ऐसे में त्योहार में विकास कार्य कराने में दिक्कत आएगी। टेंडर धांधली की एसआइटी जांच होने से नगर निगम में खलबली मची है।