250 करोड़ की साइबर ठगी में आगरा का इनामी स्क्रैप कारोबारी कानपुर पुलिस के हत्थे चढ़ा, 3 फर्जी फर्मों से 53 करोड़ का लेनदेन
कानपुर पुलिस ने 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में आगरा के इनामी स्क्रैप कारोबारी अंचित गोयल को गिरफ्तार किया है। उसकी तीन फर्जी फर्मों से 53 क ...और पढ़ें

इनामी स्क्रैप कारोबारी अंचित गोयल। जागरण
HighLights
अमेरिकी महिला के खाते में भेजी गई थी ठगी की धनराशि, तीन फर्जी फर्मों से 53 करोड़ का लेनदेन
राजस्थान, उप्र, मप्र और दिल्ली के कारोबारियों से फर्जी जीएसटी बिल लेकर किया जाता था खेल
जागरण संवाददाता, कानपुर। 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी और आगरा के फतेहपुर सीकरी निवासी स्क्रैप कारोबारी अंचित गोयल को गिरफ्तार कर लिया। जांच में उसकी तीन फर्जी फर्मों का पता चला है, जिनके जरिये जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 53 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। इन फर्मों का प्रयोग साइबर ठगी की रकम को खपाने और फर्जी ढंग से जीएसटी से आइटीसी व आयकर क्लेम लेने के लिए किया जा रहा था।
ठगी की रकम का एक हिस्सा अमेरिका के कैलिफोर्निया निवासी जेनिफर फ्लोरेंस नाम की महिला के खाते में भी भेजा गया था। इस विदेशी कनेक्शन की भी जांच शुरू की गई है। पता लगाया जा रहा है कि यह महिला गिरोह का हिस्सा है या उसका केवल बैंक खाता इस्तेमाल किया गया।
चार बैंककर्मियों को भेजा गया था जेल
अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था डा.विपिन ताडा ने बताया कि अप्रैल में बर्रा थाने की पुलिस टीम ने 125 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में चार बैंककर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तीन दिन पहले इसी मामले में राजवीर सिंह व शिवम सिन्हा की गिरफ्तारी हुई थी। इन दोनों से पूछताछ में साइबर ठगी की रकम लगभग 250 करोड़ रुपये होने की बात सामने आई।
अब तक नौ आरोपित भेजे गए जेल
अब तक इस नेटवर्क के नौ आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है। जांच में सामने आया कि अंचित गोयल की मुलाकात राजवीर सिंह से उसके चालक बर्रा निवासी सतीश पांडेय के जरिये हुई थी। सतीश के पास से 30 से अधिक मोबाइल फोन व सिमकार्ड बरामद किए गए थे, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी और बैंक खातों के संचालन में किया जाता था। अंचित को पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार किया।
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तीन फर्जी फर्म के मिले दस्तावेज
पुलिस के अनुसार, अंचित राजस्थान, उप्र, मप्र और दिल्ली के स्क्रैप कारोबारियों से फर्जी जीएसटी बिल जुटाता था। इन्हीं बिलों के आधार पर फर्जी क्लेम लिए जाते थे, जबकि साइबर ठगी से आई रकम को फर्जी कारोबार दिखा वैध बनाया जाता था। आरोपित से राजाराम ट्रेडर्स, श्रीश्याम ट्रेडर्स व राधा ट्रेडर्स नाम की तीन फर्जी फर्मों के दस्तावेज मिले हैं।
बीएएसएफ जवान की बेटी के खाते से हुआ था करोड़ों का लेनदेन
प्रतिबिंब पोर्टल पर इन फर्मों के संबंध में बिहार के मोतिहारी, तेलंगाना से सटे आंधप्रदेश के कर्नूल व महाराष्ट्र के गोरेगांव से साइबर ठगी की तीन शिकायतें भी दर्ज मिली हैं। अपर पुलिस आयुक्त ने बताया कि जांच में पता चला कि गाजियाबाद निवासी बीएसएफ जवान की बेटी के बैंक खाते में पिछले एक वर्ष के दौरान लगभग 45 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। इस खाते की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।