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    Clean air survey 2025: कानपुर में हवा की गुणवत्ता काफी अच्छी, जानें कैसे सुधारी हवा की सेहत

    Updated: Tue, 09 Sep 2025 06:36 PM (IST)

    Clean air survey 2025 कानपुर ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में शानदार प्रदर्शन किया है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में कानपुर को देश में पांचवां ...और पढ़ें

    कानपुर ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में शानदार।
    कानपुर ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में शानदार।

    HighLights

    1. स्वच्छ वायु सर्वेक्षण रैकिंग में शहर देश में पांचवे और प्रदेश में दूसरे स्थान पर
    2. 10 लाख आबादी से ऊपर वाले शहर में देश के 48 शहर हैं शामिल

    जागरण संवाददाता, कानपुर। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2025 (Clean air survey 2025): वित्तीय वर्ष 204-25 की स्वच्छ वायु सर्वेक्षण रैकिंग में कानपुर ने कई शहरों को पीछे छोड़ दिया है। कानपुर की हवा काफी ज्यादा साफ है। तभी तो न सिर्फ देश बल्कि प्रदेश के शहरों को पीछे छोड़ दिया है।

    स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2024 की रैकिंग में कानपुर फिर दूसरी बार 48 शहरों में पांचवे स्थान पर रहा है। प्रदेश में दूसरा स्थान मिला है। आगरा देश में तीसरे पर और प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। नगर निगम ने वायु सुधार में पिछले तीन साल में 296 करोड़ रुपये से कार्य कराए है। इसमें इंटरलाकिंग टाइल्स, पानी छिड़काव के वाहन, मियावाकी पद्धति से नौ नमो वन, सड़कों आदि का कार्य कराया है। वर्ष 2022 में शहर वायु प्रदूषण के मामले में देश के सर्वाधिक प्रभावित शहरों में गिना जाता था।

    नगर निगम के ये रहे प्रयास

    • मियावाकी पद्धति से  10.85 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में पौधारोपण कराया। 
    • 2,19,700 वर्गमीटर क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट एवं अर्बन फारेस्ट का निर्माण कराया।
    • 3.26 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में पैचवर्क व सड़क का निर्माण कराया गया है। 
    • 18 पानी के टैंकर और पानी छिड़काव के लिए छह स्मोक गन खरीदी गयी है। साथ ही छह स्वीपर मशीन खरीदी गयी है।
    • 60 करोड़ रुपये से इंटरलाकिंग टाइल्स लगवायी गयी है। 
    • इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मोतीझील  व निराला नगर में चार्जिंग सेटंर का निर्माण कराया गया है। दो दर्जन जगह और बनवाए जा रहे है। 
    • वाटर स्प्रिंकलिंग से रोज पानी का छिड़काव कराया जाता है। 
    • 72 स्मार्ट कूड़ाघर बनवाए जा रहे है। 62 चालू हो गए है। भूमिगत कूड़ाघरों का निर्माण कराया गया है ताकि खुले में कूड़ा न पड़े। 
    • रोज निकलने वाले 1400 मीट्रिक टन में रोज 13 सौ मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। पुराने कूड़े के निस्तारण के लिए टेंडर कराया गया। 

    वर्ष 2025 में शहर को टाप थ्री में लाने की तैयारी है। दो सौ में 193 अंक मिले है। चार अंक शहर से जुड़े भट्टे है जबकि शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर होने चाहिए। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों से बात करेंगे। साथ ही जल निगम द्वारा डाली जा रही पेयजल लाइन का कार्य जल्द पूरा करवाया जाएगा। 

    सुधीर कुमार नगर आयुक्त 

    स्वच्छता सर्वेक्षण रैकिंग के बाद स्वच्छ वायु सर्वेक्षण रैंकिंग में फिर से देश में पांचवे स्थान पर रहे है। यह अफसरों व कर्मचारियों की मेहनत है। टाप थ्री में लाने की तैयारी है। इसको लेकर अभी से जुटा जाएगा। 

    प्रमिला पांडेय, महापौर 

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