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    डकैती के लिए किराये पर लाए कार, बैंककर्मी समेत चार गिरफ्तार; कानपुर में साजिश नाकाम

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 04:24 PM (GMT+05:30)

    कानपुर में गंगा बैराज रोड पर वाहन चेकिंग के दौरान लखनऊ के डकैतों का एक गिरोह पकड़ा गया, जिसमें एक बैंककर्मी सहित चार आरोपी गिरफ्तार हुए। ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    HighLights

    1. कानपुर में वाहन चेकिंग के दौरान डकैतों का गिरोह पकड़ा गया।

    2. गिरफ्तार आरोपियों में एक बैंककर्मी और गिरोह का सरगना शामिल।

    3. किराए की स्कार्पियो से पनकी में डकैती की थी योजना।

    जागरण संवाददाता, कानपुर। गंगा बैराज रोड पर शुक्रवार देर रात वाहन चेकिंग के दौरान स्कार्पियो सवार लखनऊ के डकैतों का एक गिरोह कोहना थाना पुलिस के हत्थे चढ़ गया। सरगना समेत चार डकैत तो पुलिस ने धर लिए, जबकि उनके दो साथी भाग निकले।

    पकड़े गए आरोपितों के पास से तमंचा व कारतूस, तार कटर व स्टील ब्लेड आदि बरामद हुए। एक आरोपित ने बताया कि वे पनकी क्षेत्र में घटना करने आए थे, लेकिन वहां की सही लोकेशन भागे साथियों को थी। पुलिस की दो टीम अब भागे आरोपितों की तलाश में लखनऊ के संभावित स्थानों पर दबिश देने पहुंची है।

    आरोपित जिस स्कार्पियो से शहर आए थे। उसमें उच्च न्यायालय लिखा होने पर पुलिस ने जांच की तो पता चला कि गाड़ी मालिक ने एक व्यक्ति को 11 माह के लिए ठेके पर गाड़ी दी थी, जिसे आरोपित जन्मदिन की पार्टी करने जाने के बहाने लेकर आए थे।

    वहीं, इस गिरोह में वाराणसी स्थित एक्सिस बैंक का एक कर्मचारी भी शामिल है, जो लोन सत्यापन का काम करता है। कोहना थाने में चारों पर डकैती डालने की साजिश रचने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया।

    एडीसीपी सेंट्रल डाॅ. अर्चना सिंह ने बताया कि कोहना थाना पुलिस गंगा बैराज रोड और कर्बला चौराहे पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। बैराज रोड पर लखनऊ के नंबर की सफेद स्कार्पियो उन्नाव की तरफ से आते दिखी। बैरियर लगाने पर रुकी गाड़ी से चार युवक उतरकर भागे, जबकि दो को पकड़ लिया गया।

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    एडीसीपी ने बताया कि पकड़े गए दोनों युवकों ने अपना नाम मूलरूप से सुल्तानपुर के लंभुआ थाना क्षेत्र के पांडेयपुर गांव व हाल पता लखनऊ के वृंदावन योजना तेलीबाग सेक्टर-6 निवासी सर्वेश त्रिपाठी व बिहार के मुजफ्फरपुर के औराई थानाक्षेत्र के प्रेमनगर भलूरा गांव व हाल पता लखनऊ के इंदिरानगर तकरोही मायावती कालोनी निवासी संतोष साहनी बताया।

    देर रात पुलिस ने भागे आरोपितों में से दो को मैगजीनघाट के पास गंगा किनारे जंगल के खंडहर से दबोच लिया जबकि अन्य दो भाग निकले। उन लोगों ने अपना नाम मूलरूप से गोंडा के कौड़िया थानाक्षेत्र के विरवा व हाल पता लखनऊ के आकड़ बाकड़ इमामबाड़ा निवासी रोहित यादव उर्फ नेपाली व लखनऊ के इंदिरानगर निवासी संजीत साहनी उर्फ पहाड़ी बताया।

    रोहित के पास से तमंचा व एक कारतूस बरामद और 38 हजार रुपये मिले। एडीसीपी ने बताया कि गिरोह का सरगना रोहित है, जबकि गिरोह में शामिल सर्वेश ने बीटेक मैकेनिकल किया है। वह वाराणसी की एक्सिस बैंक में लोन सत्यापन का काम करता है।

    वहीं, रोहित ने बताया कि भागे दोनों साथियों ने पनकी क्षेत्र में चोरी करने की योजना बनाई थी, जो दो साथी भागे हैं। उन्हें सही लोकेशन पता थी।

    एडीसीपी ने बताया कि सरगना रोहित पर 23, सर्वेश पर 10, संतोष पर तीन और संजीत पर सात मुकदमे चोरी आदि धाराओं में दर्ज हैं। इसमें सर्वेश पर लखनऊ सिटी के शुभांत गोल्ड थाने में डकैती, संजीत और रोहित पर बाराबंकी के कोतवाली में डकैती व आर्म्स एक्ट में मुकदमे दर्ज हैं।

    नैनीताल में पत्नी का जन्मदिन मनाने के बहाने लेकर आए थे स्कार्पियो

    पुलिस की जांच में स्कार्पियो लखनऊ के आलमबाग के एलडीए कालोनी निवासी हनुमान प्रसाद यादव की निकली। उन्होंने बताया कि नौ मार्च को ही गाड़ी खरीदी थी, जिसे जून में चिनहट निवासी शुभम तिवारी को 11 माह के एग्रीमेंट पर ठेके पर दिया था।

    हनुमान ने अपने फोन से जब शिवम से बात कराई तो शिवम ने बताया कि गाड़ी हाई कोर्ट के एक अधिवक्ता को इलाहाबाद लाने-ले जाने में लगी है। एक पुराने ग्राहक चिनहट के महरूक खान ने पत्नी का जन्मदिन बता गाड़ी दो हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 18 से 26 जुलाई तक नैनीताल जाने को मांगी थी। हालांकि, गाड़ी निजी होने के बावजूद व्यवसायिक में चल रही थी। इसको लेकर गाड़ी मालिक व एग्रीमेंट करने वाले व्यक्ति को बुलाया गया।