7 रंग, 7 रूट और QR कोड: कानपुर शहर में ई-रिक्शों-ऑटो के लिए नई ट्रैफिक व्यवस्था लागू, रजिस्ट्रेशन जरूरी फिर इस दिन से सख्ती
कानपुर यातायात पुलिस ने ई-रिक्शा और ई-ऑटो को व्यवस्थित करने के लिए नई कलर कोडिंग और क्यूआर कोड प्रणाली लागू ...और पढ़ें

HighLights
आइटीएमएस की निगरानी में शहर की सड़कों पर दौड़ेंगे, कलर कोडिंग और क्यूआर कोड से होगी पहचान
निशुल्क पंजीयन कर दिया जाएगा संबंधित जोन के रंग का क्यूआर कोडयुक्त स्टीकरण, पांच मार्च के बाद से होगी कार्रवाई
25 फरवरी से पांच मार्च तक शहर के 37 थानों और यातायात पुलिस लाइन में किया जाएगा पंजीकरण
जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर शहर की यातायात व्यवस्था के लिए नासूर बन चुके ई-रिक्शा और ई-आटो को व्यवस्थित करने के लिए एक बार फिर से यातायात पुलिस ने ई-रिक्शा और ई-आटो के लिए कलर कोडिंग और क्यूआर कोड व्यवस्था लागू की है, जिसकी निगरानी इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) के जरिए होगी। इसके लिए 25 फरवरी से पांच मार्च तक शहर के 37 थानों के साथ ही यातायात पुलिस लाइन में निशुल्क पंजीयन कर कलरकोड और क्यूआर कोडयुक्त स्टीकर दिया जाएगा।
इस नई ट्रैफिक व्यवस्था से ई-रिक्शा और ई-आटो की चोरी यात्रियों के साथ होने वाली अपराधी की घटनाओं पर भी अंकुश लग सकेगा। शुक्रवार को यातायात पुलिस लाइन में एडीसीपी यातायात राजेश कुमार पांडेय ने इसके बारे में जानकारी दी। इससे पूर्व में भी विभाग द्वारा चार रंगों में चार रूटों पर इन्हें चलाने के लिए क्यूआर कोड व्यवस्था लागू की थी जो असफल रही थी।
शहर की सड़कों पर बेलगाम दौड़ते ई-रिक्शा और ई-आटो को व्यवस्थित करने और उनकी सुरक्षा पुख्ता करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। शहर को सात जोन या सात रूटों में बांटकर अलग-अलग लाल, हरा, धानी, जामुनी, गुलाबी, नीला और पीला आदि रंगों में बांटकर चलाया जाएगा। आइटीएमएस से उनकी पल-पल की निगरानी इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए की जाएगी।
एडीसीपी यातायात राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि आगामी 25 फरवरी से पांच मार्च तक शहर के 37 थानों और यातायात पुलिस लाइन में निःशुल्क बार कोड और क्यूआर कोड वितरित किए जाएंगे। प्रथम चरण में 10 हजार ई-रिक्शा को इस दायरे में लाया जाएगा। एसीपी यातायात इंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि पांच मार्च के बाद जो ई-रिक्शा चालक या ई-आटो चालक इसे नहीं लगवाएंगे उनके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
ये है पंजीकरण प्रक्रिया
वाहन स्वामी को अपना रजिस्ट्रेशन, बीमा, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और फिटनेस प्रमाण पत्र जमा करना होगा। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद इन 37 थानों में तीन स्लिप भरी जाएंगी। एक स्लिप थाने के रिकार्ड में जमा होगी। चालक को शेष दो स्लिप लेकर पुलिस लाइन आना होगा जहां उसे संबंधित रूट का क्यूआर कोड और रंगीन पट्टी निःशुल्क दी जाएगी।
सात रंगों से सजेगा रूट मैप
यातायात पुलिस ने ई-रिक्शा और ई-आटो के लिए सात जोन तय किए हैं, जिनकी पहचान लाल, हरा, धानी, जामुनी, गुलाबी, नीला और पीला शामिल हैं। अलग-अलग रंगों के कारण यातायात पुलिस इसे दूर से ही यह पहचान सकेगी कि ई-रिक्शा अपने आवंटित रूट पर चल रहा है या नहीं। इतना ही नही यात्री इनका क्यूआर कोड स्कैन कर चालक का नाम उसकी फिटनेस और उसका बीमा है या नहीं। हादसा या अपराध होने की स्थिति में ऐसे ई-रिक्शा और ई-आटो को तुरंत पकड़ा जा सकेगा।
चोरी पर लगाम और हाईटेक निगरानी
इस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ ई-रिक्शा मालिकों को सुरक्षा के रूप में मिलेगा। प्रत्येक ई-रिक्शा का डाटा पुलिस के सर्वर पर होगा। यदि कोई ई-रिक्शा चोरी होता है या अपना रूट बदलता है, तो आइटीएमएस के कैमरों की मदद से उसे तुरंत ट्रैक कर पकड़ा जा सकेगा।
यंग इंडियन संस्था दे रही सहयोग
इस व्यवस्था में यंग इंडियन संस्था सहयोग दे रही है जिसमें पहले चरण में 10 हजार कलरकोड और क्यूआर कोडयुक्त स्टीकर निशुल्क दिए जाएंगे। संस्था के चेयरमैन संचित अग्रवाल और सह-चेयरमैन यश अग्रवाल ने बताया कि उनकी संस्था के सदस्यों ने फंड जुटाकर ई-आटो और ई-रिक्शा को व्यवस्थित करने के लिए यह प्रयास किया है। पूर्व में उनकी संस्था सुरक्षित यातायात के लिए कई अभियान चला चुकी है।
| रूट संख्या | कवर थानाक्षेत्र / क्षेत्र | रंग कोड |
|---|---|---|
| रूट एक | कोतवाली, फीलखाना, मूलगंज, कलक्टरगंज, हरबंशमोहाल, बादशाहीनाका, अनवरगंज, चमनगंज, रायपुरवा, बेकनगंज आदि थाना क्षेत्रों के पते पर पंजीकृत ई-रिक्शा व ई-आटो | नीला |
| रूट दो | नौबस्ता, किदवई नगर, बाबूपुरवा, रेलबाजार, सेन पश्चिम पारा तथा रामादेवी चौराहे से नौबस्ता तक सर्विसलेन वाली सड़क | हरा |
| रूट तीन | बर्रा, गुजैनी, हनुमंत विहार, जूही, गोविंद नगर | नारंगी |
| रूट चार | चकेरी, जाजमऊ, छावनी थानाक्षेत्र के पते पर पंजीकृत ई-आटो व ई-रिक्शा रामादेवी से नौबस्ता तक दोनों ओर सर्विस लेन पर संचालित | बैंगनी |
| रूट पांच | कर्नलगंज, ग्वालटोली, सीसामऊ, बजरिया, कोहना | लाल |
| रूट छह | कल्याणपुर, पनकी, अर्मापुर, रावतपुर | टील |
| रूट सात | काकादेव, स्वरूप नगर, नजीराबाद, फजलगंज, नवाबगंज आदि क्षेत्र | हल्का हरा |
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