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    कानपुर में आंधी बारिश का कहर, जाजमऊ कच्ची बस्ती में आवास की गिरी दीवार, कई झोपड़ियों के टीन-झप्पर उड़े, दो महिलाएं घायल

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 08:46 PM (IST)

    कानपुर के जाजमऊ में तेज आंधी और बारिश से कच्ची बस्ती में एक मकान की दीवार गिरी और कई झोपड़ियों के छप्पर उड़ गए, जिससे दो महिलाएं घायल हुईं। प्रशासन ने ...और पढ़ें

    जाजमऊ में गिरी दीवार। जागरण

    जाजमऊ में गिरी दीवार। जागरण

    HighLights

    1. तेज आंधी-बारिश से जाजमऊ कच्ची बस्ती में नुकसान

    2. कच्चे मकान की दीवार गिरी, दो महिलाएं घायल

    3. प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया

    जागरण संवाददाता, कानपुर। मंगलवार शाम करीब चार बजे आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने जाजमऊ के रैदास नगर स्थित कच्ची बस्ती में तेज बहाव से करीब सौ घरों में पानी घुस गया, जबकि 12 कच्चे आवास क्षतिग्रस्त हो गए। कई झोपड़ियों के टीन और छप्पर उड़ गए तथा एक कच्चे मकान की दीवार गिरने के बीच जलभराव से सुरक्षित निकालने के लिए अग्निशमन विभाग की टीम पहुंची।

    हादसे में दीवार के नीचे दबकर दो बकरियों की भी मौत हो गई। तेज बारिश के बाद पूरी बस्ती में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गलियों में डेढ़ फीट तक पानी भर जाने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। कई परिवारों के राशन, कपड़े, बिस्तर और अन्य घरेलू सामान पानी में डूब गए। करीब पांच घंटे तक लोग भय और अनिश्चितता के बीच अपने घरों से सामान बचाने की कोशिश करते रहे। बारिश थमने के बाद भी जलभराव बना रहने से लोगों की परेशानी कम नहीं हुई।


    kanpur storm and rain havoc

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम चार बजे अचानक तेज आंधी के साथ आई बारिश के दौरान कई झोपड़ियों के छप्पर और टीन उड़ गए। इसी बीच एक कच्चे मकान की दीवार भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आकर बीमार नसीमा घायल हो गईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें बाहर निकालकर उपचार के लिए भेजा।

    दूसरी ओर, पानी से घिरे घर में फंसी पैरालिसिस पीड़ित वृद्धा विंध्येश्वरी स्वयं बाहर नहीं निकल सकीं। सूचना मिलने पर अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

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    बारिश का सबसे अधिक असर रैदास नगर की निचली बस्ती पर पड़ा। घरों में अचानक पानी घुसने से लोग जरूरी सामान भी सुरक्षित नहीं कर सके। कई परिवारों का खाद्यान्न, बच्चों की किताबें, कपड़े और घरेलू उपयोग का सामान खराब हो गया। पशुपालकों को भी नुकसान उठाना पड़ा। एक कच्चे मकान की दीवार गिरने से दो बकरियां मलबे में दब गईं, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। एडीएम वित्त एवं राजस्व विवेक चतुर्वेदी ने तहसीलदार सदर विनय कुमार द्विवेदी को मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग की टीम ने प्रभावित परिवारों से जानकारी जुटाई और क्षति का सर्वे शुरू किया।

    प्रशासन ने आपदा प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बताया कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। एक कच्चे मकान की दीवार गिरने और कुछ झोपड़ियों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है। प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

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    मोनी और सलीम  (पति व पत्नी)  सलीम की मां  50 वर्षीय नसीमा घर पर कुल लोग थे। जब घर में पानी भरने लगा तो सभी लोग बचने के लिए बाहर भागने लगे।  इस दौरान नसीम पर दीवार गिर गई। जिसमें  वह दब गई। फिर मोनी और सलीम ने बच्चों को संभालते हुए अपनी मां को सुरक्षित बहार निकालने लगे। जिसमें उनका ढाई साल का बेटा जयान घायल हो गया। हो । फिर स्वजन ने लाल बंगला स्थित डाक्टर एके डे हास्पिटल में  भर्ती कराया।