Swine Flu Alert: H1N1 से कानपुर में पहली मौत, उन्नाव, इटावा, कानपुर देहात में चार माह का बच्चा सहित 11 संक्रमित
कानपुर में स्वाइन फ्लू (H1N1) संक्रमण से पहली मौत दर्ज की गई है, जिसमें कन्नौज के 30 वर्षीय युवक की ...और पढ़ें

HighLights
कानपुर में स्वाइन फ्लू से पहली मौत की पुष्टि
कन्नौज के 30 वर्षीय युवक की हुई मृत्यु
सबसे ज्यादा उन्नाव में 7 संक्रमित मरीज
जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर में स्वाइन फ्लू (H1N1) संक्रमण से पहली मौत दर्ज की गई है, जिसमें कन्नौज के 30 वर्षीय युवक की जान चली गई। वहीं, एक चार माह का बच्चा भी संक्रमित है। इसके अलावा उन्नाव में स्वाइन फ्लू के सात रोगी मिले चुके हैं, जबकि इटावा में दो और कानपुर देहात में एक मरीज मिला है। सभी का इलाज चल रहा है।
स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा ए (एचवन एनवन) संक्रमण से कानपुर शहर में पहली मौत का मामला सामने आया है। कल्याणपुर के अनुराग हास्पिटल में 28 अगस्त को निमोनिया के लक्षण के साथ भर्ती हुए कन्नौज के 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। अस्पताल में चार दिन इलाज के बाद एक सितंबर को हुई मौत के बाद स्वजन के हंगामे पर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया था।
शनिवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू के एचवन एनवन संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं, एलएलआर अस्पताल में गंभीर स्थिति में कानपुर देहात के 55 वर्षीय संदिग्ध संक्रमित का इलाज किया जा रहा है। हालांकि रात में उसकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई। जबकि चार माह के बेटे में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद स्वजन उसे लेकर लखनऊ रवाना हो गए हैं।
कन्नौज के ग्राम तेरा जाकेट गुरसहायगंज 30 वर्ष के युवक को 28 अगस्त को पेट में दर्द की समस्या के साथ रावतपुर के अनुराग हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां पर अस्पताल प्रबंधन ने स्वाइन फ्लू के मरीज को अन्य मरीजों के बीच भर्ती कर इलाज किया था। इलाज के दौरान युवक की मौत के बाद स्वजन ने हंगामा किया था, तब मौत के कारण का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया गया था।
जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद हड़कंप मच गया। पोस्टमार्टम प्रभारी डा. विपुल चतुर्वेदी ने बताया कि पोस्टमार्टम में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद इसकी जानकारी सीएमओ डा. हरिदत्त नेमी को दे दी है। अनुराग हास्पिटल के डा. अनुराग सेंगर ने बताया कि स्वजन ने वायरल निमोनिया बताकर भर्ती कराया था। बाद में जांच में पता चला कि स्वाइन फ्लू है। अस्पताल के डाक्टर व स्टाफ की जांच कराई जाएगी।
बुजुर्ग की हालत गंभीर, बच्चे को लेकर अभिभावक लखनऊ गए
डिप्टी सीएमओ डा. राजेश्वर सिंह ने बताया कि एलएलआर अस्पताल में भर्ती 55 वर्ष के बुजुर्ग की हालत गंभीर है। हालांकि उसे स्वाइन फ्लू नहीं है। प्रमुख अधीक्षक प्रो. सौरभ अग्रवाल और उनकी टीम गंभीर मरीज का इलाज कर रही है। वेंटिलेटर पर होने के कारण हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। जांच के लिए सैंपल भी भेजा गया था। इसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, रायल चिल्ड्रेन अस्पताल में चार महीने के बच्चा स्वाइन फ्लू के लक्षण के साथ भर्ती हुआ था। जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद अब उसके माता-पिता लखनऊ के निजी अस्पताल में इलाज के लिए लेकर गए हैं।
इलाज में शामिल स्टाफ की नहीं हुई जांच
अनुराग हास्पिटल में स्वाइन फ्लू के मरीज का इलाज करने वाले स्टाफ की न तो जांच कराई गई और न ही स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी गई। 30 अगस्त को जांच रिपोर्ट आ गई थी जिसमें स्वाइन फ्लू पाजिटिव आया था। मंगलवार यानी एक सितंबर को स्वाइन फ्लू से ग्रसित युवक की मौत हुई थी। हैरानी की बात तो ये है इस जानकारी के बाद भी दो दिनों तक मरीज का इलाज चलता रहा और इलाज करने वाले स्टाफ की जांच तक नहीं हुई।
स्वास्थ्य विभाग को सूचना दिए बिना करते रहे इलाज
अस्पताल प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग को जानकारी देना भी मुनासिब नहीं समझा। अस्पताल संचालक डाक्टर अनुराग सेंगर ने बताया कि मरीज की जांच रिपोर्ट 30 अगस्त को आ गई थी जबकि मरीज की मौत 1 सितम्बर को हुई थी। इस बीच स्वजन को पूरी बात बता दी गई थी और उन्हें मरीज को ले जाने को बोला गया था। स्टाफ की जांच नहीं कराई गई है क्योंकि इलाज में नियमों का पालन किया गया था और स्वास्थ्य विभाग को भी जानकारी देने का प्रयास किया गया लेकिन सीएमओ कार्यालय का फोन नहीं उठा था।
