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    Kanpur में बनेगा नया ट्रांसगंगा सिटी पुल, जमीन अधिग्रहण शुरू, 753 करोड़ से बनेगा 4 किमी लंबा पुल

    Updated: Mon, 13 Apr 2026 03:20 PM (IST)

    कानपुर में 753 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 4 किमी लंबे ट्रांसगंगा सिटी पुल के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू हो गया है। सेतु निगम ने भैरोघाट और धोबीघाट प ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. 753 करोड़ रुपये का ट्रांसगंगा सिटी पुल निर्माण।

    2. भैरोघाट और धोबीघाट पर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू।

    3. कानपुर-ट्रांसगंगा सिटी कनेक्टिविटी, ट्रैफिक दबाव होगा कम।

    जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर में ट्रांसगंगा सिटी की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 753 करोड़ रुपये की लागत से करीब 4 किमी लंबा नया पुल बनाया जाएगा। सेतु निगम ने इसके लिए नगर निगम से जमीन मांगी है और अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। परियोजना से शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा और आवागमन आसान बनेगा।

    ट्रांसगंगा सिटी को शहर से सीधे जोड़ने के लिए गंगा नदी पर प्रस्तावित फोरलेन सेतु परियोजना को धरातल में उतारने के लिए कार्य शुरू हो चुका है। करीब एक दशक से कागजों में अटकी इस योजना को शासन से हरी झंडी मिलने के बाद अब सेतु निगम ने नगर निगम से भैरोघाट और धोबीघाट पर भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि निर्माण कार्य का शुभारंभ किया जा सके। इन दोनों घाटों में जमीन के साथ ही आवासों का अधिग्रहण किया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य शुरू कराया जा सके। आगामी 21 अप्रैल को सेतु निगम के लिए टेंडर प्रक्रिया भी फाइनल होगी।

    सेतु निगम ने नगर निगम को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि परियोजना के लिए चिन्हित स्थलों से अतिक्रमण और निर्माण हटाए जाने की आवश्यकता है। निगम ने नगर आयुक्त से आग्रह किया है कि प्रभावित क्षेत्रों को शीघ्र जमीन उपलब्ध कराने के साथ ही अतिक्रमण खाली कराया जाए, ताकि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। प्रस्तावित सेतु की कुल लंबाई लगभग 4200 मीटर होगी, जबकि पहुंचमार्ग करीब 420 मीटर का बनाया जाएगा।

    यह परियोजना वीआईपी रोड को सीधे उन्नाव स्थित ट्रांसगंगा सिटी से जोड़ने के उद्देश्य से तैयार की गई है। वाई-आकार के इस पुल को लेकर बीते माह कैबिनेट बैठक में 753 करोड़ 13 लाख 24 हजार रुपये के बजट को मंजूरी मिल गई है। परियोजना में यूपीसीडा की ओर से 460 करोड़ रुपये का अंशदान दिया गया है।

    10 वर्षों बाद पुल पर जमीनी कार्य शुरू होगा

    ट्रांसगंगा सिटी सेतु की रूपरेखा वर्ष 2015 से तैयार की जा रही थी। प्रारंभिक योजना के तहत सरसैया घाट से पुल निर्माण को मंजूरी मिली थी, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने संभावित जाम की समस्या का हवाला देते हुए डिजाइन में बदलाव का प्रस्ताव दिया। इसके बाद रानीघाट और धोबीघाट को जोड़ते हुए नए सिरे से डिजाइन तैयार किया गया।

    यहां बनाए जाएंगे नए आवास

    नए डिजाइन के तहत रानीघाट स्थित जलकल पंपिंग स्टेशन के पास बने 33 आवासों को निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया है। इन आवासों के स्थान पर भैरोघाट के पास नए आवास बनाए जाएंगे, जिनकी अनुमानित लागत करीब 13 करोड़ रुपये है। इससे प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

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    कागजों में फंसती रही योजना

    पिछले दस वर्षों में यह परियोजना कई बार संशोधन और स्वीकृति की प्रक्रिया से गुजरी है। वर्ष 2024-25 में यूपीसीडा बोर्ड की बैठकों में संशोधित डीपीआर और बजट को कई चरणों में परखा गया। इसी वर्ष अप्रैल में 799 करोड़ रुपये का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन जून 2025 में वित्त व्यय समिति ने कुछ आपत्तियों के साथ इसे वापस कर दिया। बाद में यूपीसीडा द्वारा आपत्तियों का निस्तारण कर प्रस्ताव दोबारा प्रस्तुत किया गया, जिसे अंततः इसी वर्ष मार्च माह में मंजूरी मिल गई।

    चार किलो मीटर लंबा होगा पुल

    सेतु निगम की रिपोर्ट के अनुसार, पुल की कुल लंबाई करीब चार किलोमीटर होगी, जिसमें लगभग 1825 मीटर हिस्सा गंगा नदी के ऊपर बनेगा। पुल की शुरुआत रानीघाट जलकल पंपिंग स्टेशन से होकर धोबीघाट तक होगी। ट्रांसगंगा सिटी के गेट नंबर दो से करीब 400 मीटर पहले दोनों ओर से आने वाले मार्ग एक होकर फोरलेन सड़क में तब्दील हो जाएंगे। परियोजना के पूर्ण होने पर वीआईपी रोड से ट्रांसगंगा सिटी तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। इस परियोजना को पूर्ण करने के लिए तीन वर्ष की समय-सीमा रखी गई है।

    बोले मुख्य परियोजना प्रबंधक

    सेतु निगम के मुख्य परियोजना निदेशक बीके सेन ने बताया कि यह परियोजना कानपुर और उन्नाव के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ ट्रांसगंगा सिटी के विकास में अहम भूमिका निभाएगी। नगर निगम को पत्र भेजकर दो घाटों में जमीन उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है, ताकि टेंडर फाइलन होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।