Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Weather Alert: 44 डिग्री पारे के साथ 'क्लाइमेट हॉटस्पॉट' बना Kanpur, अब लू नहीं 'हीट डोम' की मार, Red Alert

    Updated: Tue, 19 May 2026 08:07 PM (IST)

    कानपुर और बुंदेलखंड भीषण गर्मी की चपेट में हैं, जहां तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। हीट डोम, थार मरुस्थल की हवाएं और कंक्रीट के जंगल इस क् ...और पढ़ें

    बच्चे को कपड़े से ढक कर ले जाते अभिभावक । जागरण

    बच्चे को कपड़े से ढक कर ले जाते अभिभावक । जागरण

    HighLights

    1. हीट डोम में तप रहा कानपुर-बुंदेलखंड, 44 डिग्री पहुंचा शहर का पारा

    2. थार मरुस्थल व राजस्थान से आने वाली हवाएं गर्मी को बढ़ा रही हैं

    3. मौसम वैज्ञानिक बोले अब ‘क्लाइमेट हाटस्पाट’ बन रहा क्षेत्र

    जागरण संवाददाता, कानपुर। मई के तीसरे सप्ताह में ही कानपुर और बुंदेलखंड भीषण गर्मी की गिरफ्त में आ गए हैं। मंगलवार को कानपुर का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक रहा। गर्म हवा और झुलसा देने वाली धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार दिन में अधिकतम तापमान आज 47 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, न्यूनतम तापमान भी 26.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ, जिससे रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिली।

    मौसम विशेषज्ञ डा. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार इस बार गर्मी के पीछे सिर्फ सामान्य लू नहीं, बल्कि ''हीट डोम इफेक्ट'' समेत कई वैज्ञानिक और भूगोल आधारित कारण जिम्मेदार हैं, जो पूरे क्षेत्र को भट्टी में बदल रहे हैं। वर्तमान में उत्तर भारत के ऊपर मजबूत उच्च दबाव क्षेत्र बना हुआ है। यह ''हीट डोम (हीट डोम (उच्च दबाव)'' की तरह काम कर रहा है, जिसके कारण गर्म हवा ऊपर नहीं उठ पा रही और धरातल के पास ही फंसकर लगातार तापमान बढ़ा रही है। यही वजह है कि दिन के साथ रातें भी तपने लगी हैं।

    डा. पांडेय बताते हैं कि कानपुर और बुंदेलखंड समुद्र से दूर स्थित हैं, इसलिए यहां समुद्री हवा का असर नहीं पहुंचता। सूखी जमीन तेजी से गर्म होती है और देर तक गर्मी छोड़ती रहती है। बुंदेलखंड की पथरीली चट्टानें और नमी विहीन मिट्टी सूर्य की ऊष्मा को तेजी से सोख रही हैं। मिट्टी में नमी कम होने से प्राकृतिक ठंडक की प्रक्रिया भी रुक गई है। उधर राजस्थान और पाकिस्तान के थार मरुस्थल से आने वाली गर्म पछुआ हवा हालात और बिगाड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि हवा की अधिकतम रफ्तार 13.9 किमी प्रति घंटा तक पहुंची।

    उन्होंने बताया कि इसके अलावा अल नीनो प्रभाव और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्री-मानसून बारिश नहीं हो रही। वहीं कानपुर जैसे औद्योगिक शहरों में तेजी से बढ़ता कंक्रीट और घटते हरित क्षेत्र ''अर्बन हीट आइलैंड'' प्रभाव को बढ़ा रहे हैं। सड़कें और इमारतें दिनभर गर्मी सोखकर रात में छोड़ रही हैं, जिससे चौबीसों घंटे तपिश बनी हुई है।

    खबरें और भी

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है, आधे से ज्यादा भारत में तापमान तेजी से बढ़ रहे हैं। इस समय गर्मी अपने शिखर पर है। हीट वेव का अलर्ट कई राज्यों के लिए जारी कर दिया गया है। बारिश लगभग गायब हो चुकी है। परंतु केरल सहित देश के पश्चिमी तट पर मानसून से पहले की बारिश जारी है। उत्तर पूर्वी राज्यों में भी बारिश में अब भारी कमी दिखाई देगी। पहाड़ों पर हल्की बारिश की संभावना है लेकिन उसके बावजूद तापमान बढ़ सकते हैं। मानसून जल्द ही अंडमान सागर में और आगे बढ़ सकता है। केरल पर मानसून की दस्तक का इंतजार अभी बना हुआ है। उसके बारे में हम सही समय पर अपडेट देते रहेंगे।

    मौसम का हाल

    विवरण मान
    अधिकतम तापमान 44.0 डिग्री
    न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री
    अधिकतम आर्द्रता 41 प्रतिशत
    न्यूनतम आर्द्रता 17 प्रतिशत
    औसत हवा की गति 4.5 किमी प्रति घंटा

     मई माह तापमान रिपोर्ट

    तिथि न्यूनतम तापमान (°C) अधिकतम तापमान (°C)
    15 मई 26.8 39.1
    16 मई 24.4 40.0
    17 मई 25.6 41.5
    18 मई 27.8 43.2
    19 मई 26.4 44.0