कानपुर के चकेरी गांव में देशी शराब ठेके का महिलाओं ने उखाड़ा बोर्ड, हंगामा; पुलिस ने शांत कराया मामला
कानपुर के चकेरी गांव में महिलाओं ने देशी शराब के ठेके का बोर्ड उखाड़कर विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि ठेका स्कूल, मंदिर और कोचिंग सेंटर के पास ह ...और पढ़ें

HighLights
महिलाओं ने देशी शराब ठेके का बोर्ड उखाड़ा, जोरदार हंगामा किया।
ठेका स्कूल, मंदिर, कोचिंग सेंटर के पास होने का आरोप।
ग्रामीणों ने ठेका हटाने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया।
जागरण संवाददाता, कानपुर। चकेरी थाना क्षेत्र स्थित चकेरी गांव में संचालित हुए देशी शराब के ठेके का महिलाओं ने शनिवार को बोेर्ड उखाड़ फेंकने के साथ हंगामा किया। गांव में जुटी भीड़ से बवाल की सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची। जहां पर खोले गए ठेके को शासन से स्थान अनुमति का हवाला देकर मामला शांत कराया गया।
वहीं, ग्रामीणोंं ने ठेके को 15 दिनों के अंदर गांव से दूर हटाने अल्टीमेटम दिया है। चकेरी गांव में खोले गए देशी ठेके के विरोध पर कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष और पूर्व पार्षद बाबू राम सोनकर की अगुवाई में जुटी महिलाओं और ग्रामीणों की भीड़ ने बोर्ड उखाड़कर फेंक दिया। साथ ही विरोध कर हंगामा किया। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि ठेके पास ही सरकारी और निजी स्कूल है, साथ ही एक कोचिंग सेंटर भी संचालित है।
क्या लगाए आरोप?
इसके अलावा वहां पर धार्मिक स्थल भी है। इस कारण पास में देशी शराब का ठेका संचालित होने गांव के हित में नहीं है। गांव में शराब का ठेका होने ने युवाओं में भी नशे की लत बढ़ेगी। जिससे माहौल खराब होगा, वहीं महिलाओं का भी निकलना दूभर हो जाएगा। साथ ही आपराधिक घटनाएं भी बढ़ेगी। लिहाजा इस ठेके को यहां सा हटाया जाए।
बाबू लाल सोनकर ने बताया कि मौके पर स्थानीय पुलिस के अलावा आबकारी विभाग के लोग पहुंचे थे। उनसे स्पष्ट रूप से ठेके को हटवाने का अल्टीमेटम दिया गया। अगर 15 दिनों के अंदर यह ठेका नहीं हटाया गया तो , वह लोग विरोध करेंगे।
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वहीं, मामले में अहिरवां चौकी प्रभारी जयवीर सिंह ने बताया कि चकेरी गांव में आनंद सिंह को देशी शराब का ठेका खोले जाने की अनुमति मिली है, जिसपर वहां पर ठेका संचालित था। मामले में ग्रामीणों को समझा बुझा दिया गया है, ठेके का अपने स्थान पर संचालन हो रहा है।