KESCO Scrap Scam: फिर पकड़ा ही क्यों था ट्रक? फिर 8 दिन बाद बिना कार्रवाई बिहार भेज दिया
केस्को में 1.52 करोड़ रुपये के स्क्रैप बिक्री घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें एक्सईएन और जेई पर निर्धारित से ...और पढ़ें

HighLights
केस्को में 1.52 करोड़ रुपये का स्क्रैप घोटाला उजागर
अधिकारियों ने निर्धारित से अधिक स्क्रैप बेचा, जांच जारी
पकड़े गए ट्रक को बिना कार्रवाई 8 दिन बाद छोड़ा
जागरण संवाददाता, कानपुर। केस्को में स्क्रैप बिक्री में पूरी साजिश के साथ घोटाला हुआ है। घोटाले से जुड़ा स्क्रैप 1.52 करोड़ रुपये में बेचा गया था। एक्सईएन और जेई ने मिलकर निर्धारित वजन समेत अतिरिक्त माल भी पार करा दिया। अतिरिक्त माल कितनी मात्रा में और कितनी कीमत का बेचा, इसका राज जांच में ही खुलेगा।
इन लोगों ने दो फर्मों को स्क्रैप बिक्री वाले कागजों में कुछ दिखाया और हकीकत में स्टोर से कई गुणे अधिक स्क्रैप बेच डाला, पर जांच अधिकारी संपूर्ण मामले के बजाय केवल स्क्रैप लेकर गुजरात जाने वाली एक ट्रक की ही जांच कर रहे हैं।
पहली घटना जुलाई शुरूआत में ही हुई थी, तब मामला सार्वजनिक नहीं हो पाया। दूसरी घटना में पोल खुल गई। 21 जुलाई को स्क्रैप लेकर गुजरात जा रहे ट्रक का टायर फटा तो घोटाले का जिन्न बाहर आ गया। इस ट्रक (यूपी-77-एएन-5386) का टायर फटने की घटना पर जेई रमेश मौके पर गए थे, जहां पता चला कि ट्रक का स्क्रैप समेत 32.920 टन वजन है। इसमें 22.315 टन स्क्रैप लोड था, जबकि भंडार खंड से जारी डिलीवरी चालान बिल में माल का वजन 10.075 लिखा था।
चालान और वास्तविक वजन में भारी अंतर मिला। इस अंतर की जांच के लिए निदेशक (तकनीकी) प्रमोद कुमार सिंह ने 24 जुलाई को टीम गठित की थी। इसमें अधीक्षक अभियंता (प्रोजेक्ट) अनुराग कटियार और अधिशासी अभियंता (टेस्ट/मीटर) राहुल यादव हैं। ये अधिकारी स्क्रैप लेकर गुजरात जाने वाले ट्रक के मामले की ही जांच कर रहे हैं, जबकि बिहार की फर्म ने निर्धारित मात्रा से जो स्क्रैप उठाया उसके बारे में कोई पड़ताल नहीं हो रही है।
ट्रक में 4.500 टन स्क्रैप अधिक था, एक्सईएन ने जाने दिया
बिहार की फर्म ने ट्रक से चार राउंड में स्क्रैप उठाया है। आखिरी चौथे राउंड में ट्रक स्क्रैप लेकर 7 जुलाई को बिहार के लिए रवाना हुआ था। जेई रमेश के मुताबिक, उन्हें ट्रक में माल अधिक होने का शक हुआ तो उसका पीछा किया था। माल से लोड ट्रक सीधे जाने के बजाय गोल चौराहे से मुड़ गई और चुन्नीगंज होते हुए शुक्लागंज निकल गई, जहां उन्होंने पुलिस के सहयोग से पकड़ लिया था। मौके पर एक्सईएन स्टोर श्रीकांत रंगीला भी थे।
पुलिस के हवाले कर दिया गया था ट्रक
रंगीला ने ट्रक को शुक्लागंज पुलिस के हवाले कर दिया था, फिर बिना किसी लिखापढ़ी के उस ट्रक को केस्को स्टोर ले आए थे। माल समेत इस ट्रक का वजन 16.500 टन था। इसमें 10.500 टन स्क्रैप था, जबकि भंडार खंड से जारी डिलीवरी चालान बिल में माल का वजन केवल 6 टन लिखा था। इस तरह ट्रक में 4.500 टन स्क्रैप अधिक था। इसके बाद भी इस संपूर्ण स्क्रैप समेत ट्रक को बिना कार्रवाई के आठ दिनों बाद एक्सईएन ने बिहार भेज दिया।
ये हैं फर्म, जिनके जरिये हुआ खेल
- गुजरात की मेसर्स एमए ट्रेडर्स।
- बिहार की कंपनी एमएस मेटालिका फैब्रिकेशन प्राइवेट लिमिटेड।
