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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Navendu Mishra : कानपुर की गलियों से ब्रिटेन की संसद का तय किया सफर, विदेश में बसकर भी नवेंदु मिश्र को भारत से आज भी लगाव

    Updated: Fri, 05 Jul 2024 09:56 PM (IST)

    Navendu Mishra MP England वर्ष 1998-99 में वह परिवार सहित ब्रिटेन की एक कंपनी में नौकरी करने चले गए। चाचा के बड़े बेटे नवेंदु ने प्राथमिक शिक्षा कानप ...और पढ़ें

    नवेंदू मिश्र और द्विवेंदू मिश्र दोनों परिवार के साथ ब्रिटेन में ही रहते हैं।
    नवेंदू मिश्र और द्विवेंदू मिश्र दोनों परिवार के साथ ब्रिटेन में ही रहते हैं।

    HighLights

    1. कानपुर की गलियों में खेले नवेंदू के घर में खुशी का माहौल
    2. लेबर पार्टी से दोबारा निर्वाचित होकर ब्रिटेन की संसद में पहुंचे
    3. कानपुर के आर्यनगर में रहता है परिवार

    जागरण संवाददाता, कानपुर। ब्रिटेन के स्टाकपोर्ट सीट से निर्वाचित कानपुर के नवेंदु मिश्र दोबारा संसद पहुंचे हैं। उनके दोबारा चुने जाने की जैसी ही जानकारी मिली वैसे ही आर्यनगर के स्थित उनके घर में खुशी छा गई।

    ताऊ के साथ ही भाई और बहन ने काल करके उन्हें बधाई दी। लेबर पार्टी से नवेंदु को दूसरी बार टिकट मिला था। फिर से हुई उनकी जीत खास है, क्योंकि उनकी पार्टी की सरकार ब्रिटेन में बनने जा रही है। उनकी कामयाबी से स्वजन के अलावा आस-पास लोग फूले नहीं समा रहे हैं।

    कानपुर के स्कूल से की थी पढ़ाई

                                                  (बचपन में आर्यनगर स्थित इसी मकान में रहते थे ब्रिटेन में निर्वाचित हुए सांसद नवेंदु मिश्र) - जागरण फोटो

    नवेंदु मिश्र का परिवार कानपुर के आर्यनगर के गैंजेस क्लब के सामने रहता है। उनके चचेरे भाई डा.हिमांशु मिश्र शिवराजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में चिकित्साधिकारी हैं। उन्हाेंने बताया कि उनके चाचा प्रभात रंजन मिश्र मुंबई में एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर थे।

    बड़े भाई के छलके आंसू

    आर्यनगर के घर में नवेंदू के बड़े भाई विधू शेखर मिश्र परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में बेटे डा.हिमांशु के साथ ही बेटी डा.शिवानी मिश्र रहती हैं। मौजूदा समय में विधू शेखर मिश्र का स्वास्थ्य सही नहीं है, लेकिन जैसे ही उन्हें भाई के जीतने की खबर मिली, उनकी आंखों में आंसू छलक पड़े।

    बेटे हिमांशु ने बताया कि उनके दो चाचा नवेंदू मिश्र और द्विवेंदू मिश्र दोनों परिवार के साथ ब्रिटेन में ही रहते हैं। कभी-कभी उनका इस घर में आना-जाना रहता है। दो साल पहले चाचा नवेंदू घर आए थे। इसके बाद से केवल मोबाइल पर बातचीत होती रहती है।

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