Photos: कानपुर में 7 घंटे बारिश में डूबा दक्षिण शहर, जलनिकासी के दावे फेल, सड़कें बनीं नदियां
कानपुर में 7 घंटे की लगातार बारिश ने जलनिकासी के दावों की पोल खोल दी, जिससे दक्षिण शहर जलमग्न हो गया और सड़कें नदियों में तब्दील हो गईं। कई इलाकों में ...और पढ़ें

चावला मार्केट पर करीब चार फीट तक पानी भरने से डूबी कार व इस क्षेत्र में दुकानों के अंदर तक पानी भरा रहा। मो.. आरिफ
HighLights
प्रमुख सड़कों से लेकर गलियों तक भरा पानी, घंटों जूझते रहे लोग व वाहन चालक
जलनिकासी व्यवस्था फेल, सड़कें बनीं नदियां, घरों में पानी, यातायात बाधित, सड़कें धंसीं
किदवई नगर, गोविंदनगर, जूही, बर्रा समेत कई इलाकों में जनजीवन रहा प्रभावित
जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर में 7 घंटे लगातार बारिश ने जलनिकासी के दावों की पोल खोल दी। शहर दक्षिण क्षेत्र जलनिकासी की अव्यवस्था की वजह से डूब गया। किदवई नगर, गोविंदनगर, यशोदानगर, जूही, और बर्रा में सड़कें नदियां बन गई। नालों का गंदा पानी घरों में भर गया। कई जगहों से जलभराव की जो तस्वीरें सामने आईं उसने जनप्रतिनिधि से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। सीनियर फोटो जर्नलिस्ट मो. आरिफ के कैमरे से देखें शहर में जलभराव का हाल....।
मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक लगातार करीब सात घंटे हुई बारिश ने नगर निगम की जलनिकासी के दावों की पोल खोलकर रख दी। दक्षिण क्षेत्र के प्रमुख मार्गों से लेकर गलियां तक जलमग्न हो गईं। कई इलाकों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जिससे लोगों को घरों में कैद रहने को मजबूर होना पड़ा। जरूरी काम से बाहर निकलने वालों को घुटनों तक भरे पानी से होकर गुजरना पड़ा।

ये क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित
जलभराव से किदवईनगर, गोविंदनगर, जूही, साकेत नगर, निराला नगर, गोपाल नगर, बर्रा, यशोदा नगर, पशुपति नगर, वसंत विहार, योगेंद्र विहार खाड़ेपुर और जूही डिपो समेत आसपास के इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। सड़कों पर पानी भरने से यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित रही।
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जलभराव में दोपहिया वाहन हो गए बंद
दोपहिया वाहन जलभराव में बंद हो गए, जबकि चारपहिया वाहन रेंगते नजर आए। कई स्थानों पर वाहन चालकों को लंबा इंतजार करना पड़ा और जाम जैसी स्थिति बनी रही। जलभराव के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद तक कई इलाकों में पानी भरा रहने से जनजीवन भी प्रभावित रहा।
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सड़कों के धंसने से बढ़ा खतरा
जलभराव के कारण दक्षिण की कई सड़कों के धंसने से गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। जल निगम की पाइपलाइन बिछाने के बाद मिट्टी से पाटकर बनाई गईं सड़कें जगह-जगह धंस गई हैं। गोविंदनगर-बर्रा बाइपास मार्ग, साकेत नगर-उस्मानपुर रोड तथा बर्रा सचान चौराहा से शास्त्री चौक तक गहरे गड्ढे बन गए हैं।

पलटा ई-रिक्शा, छात्राएं घायल
वहीं, सोटे बाबा मंदिर के पास खुदी सड़क और जलभराव के बीच स्कूली बच्चों से भरा ई-रिक्शा पलट गया, जिसमें कई छात्राएं चोटिल हो गईं।

सीएम ग्रिड सड़कों के निर्माण से भी आफत
बारिश के बीच चल रहा सीएम ग्रिड सड़कों का निर्माण कार्य भी लोगों के लिए आफत बन गया। नाला निर्माण और पाइप आदि खोदाई करके मिट्टी का ढेर सड़क किनारे ही जमा कर दिया गया है। बारिश के कारण पानी के साथ ही मिट्टी बहने से सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गई है। इससे पैदल निकलना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। वहीं, घरों के आगे खोदाई के कारण दलदल होने से लोग कैद रहने को मजबूर रहे।
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